इस्लाम के पवित्र ग्रंथ क़ोर'आन के मुताबिक हरेक समर्पित मुसलमान को साल (चन्द्र वर्ष) में अपनी आमदनी का 2.5 % हिस्सा ग़रीबों को दान में देना चाहिए । इस दान को ज़कात कहते हैं ।