अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट

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अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट

अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट (जोसेफ स्टेलर द्वारा, 1843)
जन्म 14 सितम्बर 1769
बर्लिन
मृत्यू 6 मई 1859(1859-05-06) (उम्र 89)
बर्लिन
राष्ट्रीयता प्रशा
क्षेत्र भूगोल
प्रसिद्ध कार्य जीव भूगोल, कॉसमॉस (1845)
Influences शेलिंग
Influenced डार्विन
पुरस्कार कॉप्ले मेडल (1852)
Signature
अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट 1859 में 89 साल की उम्र में

अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट (जर्मन : Alexander von Humboldt या Friedrich Wilhelm Heinrich Alexander von Humboldt ; जन्म १७६९- मृत्यु १८५९ ई.) जर्मनी (तत्कालीन प्रशा) के भूगोलवेत्ता, प्रकृति विज्ञानी, और खोजकर्ता थे। उनका जन्म बर्लिन में तत्कालीन शाही परिवार में हुआ। हम्बोल्ट के बड़े भाई विल्हेम वॉन हम्बोल्ट एक प्रसिद्द भाषा विज्ञानी और प्रशा कि सरकार में मंत्री थे।[1]

हम्बोल्ट ने सर्वप्रथम वनस्पति विज्ञान में परिमाणात्मक विधियों का प्रयोग किया जिनसे जैव भूगोल की मजबूत आधारशिला का निर्माण हुआ। यह हम्बोल्ट ही थे जिनके द्वारा भूगोलीय घटनाओं की दीर्घावधिक मॉनिटरिंग वकालत की गयी और इस कार्य ने आधुनिक भूचुम्बकीय और मौसम वैज्ञानिक प्रेक्षणों का मार्ग प्रशस्त किया।

हम्बोल्ट एक अनुभववादी विचारक थे और घटनाओं के प्रेक्षण और मापन में यकीन रखते थे। उन्होंने घर में बैठकर चिंतन करके लेखन करने की बजाय भ्रमण करके घटनाओं के प्रेक्षण के बाद उनके निरूपण की विधा पर कार्य किया। हम्बोल्ट ने अपने जीवन में लगबग साढ़े छह हजार किलोमीटर की यात्रायें कीं जिनमें सबसे प्रमुख उनकी दक्षिण अमेरिका की यात्रा है। वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने इस महादीप की यात्रा और इसका वर्णन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से की। इस यात्रा के दौरान उन्होंने दूरबीन, तापमापी, साइनोमीटर, सेक्सटैंट, वायुदाबमापी इत्यादि उपकरणों से लैस होकर मापन कार्य किये और उनकी इस यात्रा के वर्णन का प्रकाशन २१ खण्डों में हुआ।

हम्बोल्ट उन पहले लोगों में से थे जिन्होंने दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कभी जुड़े हुए होने की बात कही थी।

हम्बोल्ट कि सबसे प्रमुख कृति कॉसमॉस है जिसमें उन्होंने संश्लेषणात्मक विचारों के साथ ज्ञान की विभिन्न शाखाओं में सामंजस्य और एकता लाने का प्रयास किया है। इस कार्य में वे ब्रह्माण्ड को एक एकीकृत इकाई के रूप में भी पुरःस्थापित किया। वे अनेकता में एकता के सिद्धान्त के पुरोधा थे।

जीवन[संपादित करें]

हम्बोल्ट का जन्म एक पोमेरैनियाई परिवार में अलेक्जेण्डर जॉर्ज हम्बोल्ट के यहाँ हुआ जो प्रशा की सारकार में एक अफसर थे और उन्हें सात वर्षीय युद्ध में सेवाओं के लिये प्रिंस की उपाधि दी गयी थी। जॉर्ज का विवाह पहले प्रशियाई जनरल एजटान्ट श्यूडर की बेटी से हुआ था जिसका कुछ दिनों बाद निधन हो गया। विधुर जॉर्ज का विवाह १७६६ में एक विधवा मैरी एलिजाबेथ के साथ हुआ जो प्रसिद्द ह्यूगेनोट परिवार से थीं। इन दोनों की दो संताने विल्हेम (१७६७) और अलेक्जेण्डर (१४ सितम्बर १७६९) हुईं।[1]

इनके पिता की मजबूत स्थिति ने इन्हें अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में मदद की और बाद में खुद फ्रेडरिक विलियम II ने इनकी देखरेख की। इनकी शिक्षा एक प्राइवेट शिक्षक द्वारा हुई[1] और उनके शिक्षक के विचारों में अलेक्जेण्डर कोई अच्छे शिष्य नहीं थे और उन्हें लगता था कि अलेक्जेण्डर को कोई बात जल्दी समझ में नहीं आती।

यात्रायें[संपादित करें]

हम्बोल्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात थी उनके द्वारा आनुभविक विधियों के द्वारा ज्ञान की खोज जिसके कारण उन्होंने एक जगह बैठ कर पुस्तकें पढ़ने-लिखने की बजाय यात्राओं और खोज की ओर अधिक ध्यान दिया। हम्बोल्ट ने मध्य यूरोप, अमेरिका और कनाडा तथा लातीन अमेरिका की यात्राएं की और इन यात्राओं में महत्वपूर्ण प्रेक्षण कार्य संपादित किये।

दक्षिण अमेरिका की यात्रायें[संपादित करें]

"The real discoverer of South America was Humboldt, since his work was more useful for our people than the work of all conquerors."
Simón Bolívar[2]
अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट दक्षिण अमेरिका अभियान

हम्बोल्ट की सबसे प्रमुख यात्राओं में उनके द्वारा की गयी लातीन अमेरिका की यात्रा रही। साइमन बोलिवर ने इन यात्राओं की उपलब्धियों से प्रभावित होकर कहा था कि "दक्षिण अमेरिका का वास्तविक खोजकर्ता तो हम्बोल्ट था, क्योंकि हमलोगों के लिये उनके काम सारे विजेताओं के सामूहिक कार्यों की अपेक्षा अधिक उपयोगी रहे।"

इन यात्राओं में भी उनका एण्डीज अभियान सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

रचनायें[संपादित करें]

  • कॉसमॉस- १८४५ से १८६२ के बीच पांच खण्डो में प्रकाशित[3][4]
  • साइनलैण्ड पर लिखा शोध ग्रन्थ १७८९
  • प्रक्रति दिग्दर्शन १८४७
  • दोनों गोलाद्धो की चट्टानो की विशिष्ट स्थिती पर भू-वैज्ञानिक लेख १८२३
  • दक्षिण अमरिका के मूल वंशजो के बारे में दो खण्डो मे पेरिस से प्रकाशित लेख
  • मेक्सिको एवं क्यूबा के प्रादेशिक वर्णन

हम्बोल्ट के नाम पर नामित भौगोलिक चीजें[संपादित करें]

  • हम्बोल्ट धारा
  • हम्बोल्ट नदी - नेवादा राज्य
  • हम्बोल्ट खाड़ी - उत्तरी कैलिफोर्निया में
  • हम्बोल्ट ग्लेशियर - उ प ग्रीनलैण्ड में
  • हम्बोल्ट पर्वतचोटी - कॉलोरोडो में
  • हम्बोल्ट श्रेणी- न्यूज़ीलैंड में

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "WILHELM VON HUMBOLDT - BIOGRAPHY" (अंग्रेजी में). http://www.egs.edu/library/wilhelm-von-humboldt/biography/. अभिगमन तिथि: 26 जुलाई 2015. 
  2. "Alexander von Humboldt. From the Americas to the Cosmos."
  3. T. Jackson, Stephen (1 मई 2009). "Alexander Von Humboldt and the General Physics of the Earth" (अंग्रेज़ी में). Science 324 (5927): 596-597. JSTOR 20493827. 
  4. Alexander von Humboldt (1860). Cosmos: A Sketch of a Physical Description of the Universe, Volume 4. Translated by Elise C. Otté. Harper. प॰ 76. https://books.google.com/books?id=hZY-AQAAIAAJ&pg=PA76&dq=ines+mongolian+spot&hl=en&sa=X&ei=3pqdVaHIBIWS-wGP46H4BA&ved=0CD8Q6AEwBQ#v=onepage&q=ines%20mongolian%20spot&f=false. अभिगमन तिथि: 27 जुलाई 2015. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]