अल-बरुनी
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अल-बरुनी एक प्रमुख अरब भूगोलवेत्ता था । उसका जन्म सरदरिया नदी के तट पर स्वारिज्म नगर के निकट बीरुन में हुवा था । अल-बरुनी चिकित्सा विशेषज्ञ था और भाषाओं पर भी अच्छा अधिकार रखता था। इसके साथ ही वह एक मशहूर गणितज्ञ, भूगोलवेत्ता, कवि, रसायन वैज्ञानिक और दार्शनिक भी था। अल-बरुनी को डिजिटल साइंस पर भी पूरी तरह कमाल हासिल था। उन्होने ही ज़मीन की त्रिज्या नापने का एक आसान फार्मूला पेश किया। बरुनी ने ये भी साबित किया के रोशनी की रफ़्तार आवाज की रफ़्तार से ज़्यादा होती है। बैरूनी को खगोलशास्त्र में उनके सराहनीय योगदान के लिए “खगोलशास्त्र का पिता” भी कहा जाता है।
[संपादित करें] पुस्तकें
अल-बरुनी द्वारा लगभग एक सौ नब्बे (190) किताबे लिखे जाने का उल्लेख है, जिनमें से अब तक सिर्फ़ 100 किताबों का सुराग लगाया गया है। खगोल शास्त्र पर बरूनी ने कई किताबें लिखीं । बरुनी की कुछ प्रमुख पुस्तके इस प्रकार है ।
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