हबीब तनवीर
| हबीब तनवीर | |
|---|---|
|
मुंबई के पृथ्वी थिएटर में हबीब; नवंबर 2005 | |
| जन्म |
हबीब अहमद ख़ान 1 सितम्बर 1923 रायपुर, मध्य प्रांत और बरार, ब्रिटिश राज |
| मौत |
8 जून 2009 (उम्र 85 वर्ष) सिंगरौली, मध्य प्रदेश, भारत |
| पेशा | नाटककार, कवि, अभिनेता |
| कार्यकाल | 1945–2009 |
| जीवनसाथी | मोनिका मिश्रा (2001–2005) |
| बच्चे |
|
हबीब तनवीर (1 सितंबर 1923 – 8 जून 2009[2]) भारत के मशहूर पटकथा लेखक, नाट्य निर्देशक, कवि और अभिनेता थे।[3] हबीब तनवीर का जन्म छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ था, जबकि निधन 8 जून,2009 को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुआ। उनकी प्रमुख कृतियों में आगरा बाजार (1954) चरणदास चोर (1975) शामिल है। उन्होंने 1959 में दिल्ली में नया थियेटर कंपनी स्थापित किया था।
जीवनवृत
[संपादित करें]हबीब तनवीर का जन्म 1 सितम्बर,1923 को रायपुर में हुआ था।[4] जो अब छत्तीसगढ़ की राजधानी है। उनके बचपन का नाम हबीब अहमद खान था। उन्होंने लॉरी म्युनिसिपल हाईस्कूल से मैट्रीक पास की, म़ॉरीस कॉलेज, नागपुर से स्नातक किया (1944) और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमए की। बचपन से हीं कविता लिखने का शौक चढ़ा। पहले तनवीर के छद्मनाम नाम से लिखना शुरू किया जो बाद में उनका पुकार नाम बन गया।
आजीविका
[संपादित करें]सन् 1945 में वे मुम्बई चले गये और प्रोड्यूसर के तौर पर आकाशवाणी में नौकरी शुरू की। वहां रहते हुए उन्होंने हिन्दी फिल्मों के लिए गाने लिखा। कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया। प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़ गये और कलांतर में इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन के अंग बन गये। जब ब्रिटीश शासन के खिलाफ इप्टा से जुड़े कई लोग जेल चले गये तब हबीब तनवीर को संगठन की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। 1954 वे दिल्ली आ गये और हिन्दुस्तानी थियेटर से जुड़ गये। उन्होंने बाल थियेटर के लिए भी काम किया। कई नाटकों की रचना की। यहीं रहते हुए उनकी मुलाकात अभिनेता-निर्देशक मोनिका मिश्रा से हुई जिनसे उन्होंने आगे चलकर शादी कर ली। उसी साल उन्होंने अपना चर्चित नाटक आगरा बाजार लिखा।
पुरस्कार और सम्मान
[संपादित करें]हबीब तनवीर को संगीत नाटक एकेडमी अवार्ड (1969), पद्मश्री अवार्ड (1983) संगीत नाटक एकादमी फेलोशीप (1996), पद्म भूषण(2002) जैसे सम्मान मिले। वे 1972 से 1978 तक संसद के उच्च सदन यानि राज्यसभा में भी रहे। उनका नाटक चरणदास चोर एडिनवर्ग इंटरनेशनल ड्रामा फेस्टीवल (1982) में पुरस्कृत होने वाला ये पहला भारतीय नाटक गया।
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Peck, Serena. "A former lover differs with Habib Tanvir's telling of their relationship". The Caravan (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2019-07-27.
- ↑ उद्धरण त्रुटि:
<ref>का गलत प्रयोग;:0नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है। - ↑ उद्धरण त्रुटि:
<ref>का गलत प्रयोग;:02नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है। - ↑ "कारतूस" (PDF). स्पर्श भाग 2. New Delhi: NCERT. p. 127. ISBN 81-7450-647-0. मूल से (PDF) से 24 अक्तूबर 2019 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 जुलाई 2026.