हिन्द पॉकेट बुक्स

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यह हिन्दी पुस्तकों के एक प्रमुख प्रकाशक हैं। इस प्रकाशन संस्थान की स्थापना 1950 में दीनानाथ मल्होत्रा ने की और एक रुपए के दाम वाली बेहद सस्ती और उत्कृष्ट पेपरबैक पुस्तकें निकालकर विश्वभर को चौंका दिया। देश के तमाम बड़े लेखकों में इस प्रकाशन से छपने की होड़ रहती थी। इस संस्थान के संपादक तेजपाल सिंह धामा ने देश के तमाम प्रख्यात लेखकों की पुस्तकें अपने दशकों के कार्यकाल के दौरान संपादित करके प्रकाशित की। इसके अलावा विष्णु प्रभाकर, प्रकाश पंडित, हरिवंशराय बच्चन जैसे प्रख्यात कवि भी यहां संपादक रहे।

भारत में पेपरबैक क्रांति की शुरूआत इसी प्रकाशन ने की, जिसके लिए इसके संस्थापक दीनानाथ मल्होत्रा को पदमश्री सम्मान से सम्मानित किया गया।

स्थापना[संपादित करें]

मुख्य प्रकाशन[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

http://www.dainikbhaskarup.com/news/deshvidesh/Dainanath-Malhotra--father-of-the-paper-back-revolution-in-the-world-of-Indian-literature-publication/25262.html

टीका[संपादित करें]