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व्यक्तिगत


अर्थ और परिचय

व्यक्तिगत का अर्थ निजी होता है । "व्यक्तिगत" शब्द सक समस्तै पद है । यह शब्द "व्यक्ति" और "गत",इन दो शब्दों का सामास हे।"व्यक्ति" का सम्बन्ध मानवता के सक क्रियाशील रूप है।जिसकी भूमिका जाति और समाज में हें।समाज के सारे व्यक्ति विबिन्न होता हे।गत का तात्पर्य जानना या समझाता हे। व्यक्तिगत का अर्थ हुआ- जो विषय किसी व्यक्ति का स्व्यं हो ,जिसे वो निजी मानता है।जो सर्वप्रधम उसके जाऐ या समझ में हे। व्यक्तिगत कोइ विषय का किसी व्यक्ति विशेष के अतिरेक उसके किसी मित्र या स्म्बन्धी,परिचित या अपरिचित किसी अन्य व्यक्ति से प्रयोजन नही होता।वह विषय का ज्ञान या अनुभूति उस व्यक्ति विशेष को छोडकर अपर किसी को प्राप्त करने का अधिकार नहीं हे।प्रत्येक व्यक्ति के कुछ न कुछ व्याक्तिगत बातें होती हे।सक व्यक्तिगत जीवन होता हे।जिसे गोपनीयन रखने में या प्रकाश करने को वह स्वतंत्र को दूसरा को स्वीकार स्वयं स्म्मान करना चाहिए। व्यक्तिगत जीवन में परिवार का बडा महत्वपूर्ण स्थान होता हे।

व्यक्तिगत जीवन

परिवार व्यक्तिगत जीवन में एक बडी भूमिका है।मानव समाज में परिवार एक बुनियादी तथा सार्वभौमिक इकाई हे।[1]दोस्तों का भी व्यक्तिगत जीवन में उतना ही बडा स्थान होता हे जितने एक परिवार होता है।ह्र्र व्यक्ति समाज केलिए महत्वपूर्ण होता हे।ह्र्र व्यक्ति भगवान का स्म्मान हे।एसे बहुत से महान व्यक्ति रह चुके हे जिन्होनें एक बहुती अछ्चा व्यक्तिगत जीवन जिया हे। अनावश्यक किसी को अन्य व्यक्ति के व्यक्तिगत विषय में रुचि लेनाया उस विषय के प्रति कौतुहल होना अस्वाभाविक हे।व्यक्तिगत विषयो के अंतर्गत सामान्यत :व्यक्ति का अतीत,उसका परिवार,उसके भाव और विचार ,उसकी कोइ मानसिक या शारीरिक द्सा या अवस्था ये ही सारी चीजें होती हे।जिनका हमें अपने लोग व्यवहार में सर्वदा ध्यान रखना चाहिए। कोइ अन्य व्यक्ति भी जब हंमसे इन विषयों पर संलाप करे तो हमें सावधानी बरतनी चाहिए।इस प्रकार उचित अनुचित आचरण से सभी के आत्मस्म्मान की रक्षा होगी।

प्रसिध्द व्यक्तित्वों

व्यक्तिगत जाने से पहले व्यक्ति को जानते है।दुनिया में बहुत सारे जाने माने व्यक्तित्व हे।भारत भी जाने माने व्यक्तित्व से भरा हुआ हे।डॉ ए पि जे अब्दुल कलाम,अमिताभ बच्चन,सोनिया गान्धि आदि भारत के विशिष्ट व्यक्तित्वों हें।भारत में पाई जाने वाली व्यक्तित्व में से एक थी मदर टेरेसा।उन्होने अपने निजि जीवन त्याग कर सामाजिक काम केलिए भारत आयी।[2]उनकी काम को प्रेश्ंसा कई बडा नेताओं और दुनिया भर में प्रसिध्द व्यक्तियों ने की हे।उनकी मौत बहुत दर्ददायक थी।उनका काम आज भी याद करने के साथ-साथ आगे दोहराया भी जीते हे।वो अभी भी कई लोगों को दिलों में रहता है।इस प्रकार जरुरत मंदो केलिए आशा की उभरती सितारा बन गयी।हिन्दी साहित्य की महान व्यक्ति प्रेमचंद का व्यक्तिगत जीवन मे भी समस्यताऍ था।उन्होंने अपने सभी सम्स्याऍ के साथ लडाई कर और भारत की सब्से बडे लेखक बन गयी।उन्के सारे योगदान बहुत प्रसिध्द है।

निष्कर्ष

व्यक्यिगत सागर तरह एक विस्तृत विषय हे।यह व्यक्ति से संबंधित अलग मामलों का संयोजन है।यह विश्वास,पैसा,संबंधों,जिम्मेदारियों,परिवार,दोस्तों,समाज आदी शामिल है।हम अपने ज़िन्दगी में अच्छी बातें करने केलिए जिम्मेदार है।एक व्यक्ती को एक अन्य व्यक्ती केलिए जन्म हुआ है।


संदर्भ

  1. http://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0
  2. http://hindi.culturalindia.net/mother-teresa.html