सदस्य:Caroline1610149/प्रयोगपृष्ठ

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ईको वाईरस[संपादित करें]

ईको वाईरस

ईको वाईरस एक विषाणु है । ईको वाईरस बहुत हानिकारी वाईरस है ओर उसका प्रधम लक्ष्य बच्चों है । अगर नवजात शिशु को इस वाईरस का प्रभाव हुवा तो यह बच्चे पर बहुत बडा असर होगा । ईको वाईरस का लक्षण साधारण बुखार की जैसे होता है और इसलिए हम जल्दी से पहचान नहीं सकेंके । इस वाईरस तांत्रेका तंत्र और ह्र्दय जैसे हमारा शरीर का प्रधान अवयवों में भी फैल सकता है । अगर ऐसा हुआ तो ४ या ६ दिन के बाद ही उसका लक्षण प्रकड होगा । अगर यह वाईरस तांत्रिक तंत्र में फैल गया और हमे इस बात का ज्ञान कैइ दिनों के बाद मिल रहा हे तो , उससे बडा प्रशन और कोई नही हो सकता है । ईको वाईरस ज्यादातर बच्चों और मर्द लोगों में देखा जा रहा है । बाकी वाईरस के तरह ईको वाईरस भी एक साधारण बुखार लक्षण दिखाता है । उसके साथ साथ गर्दन और चेहरा मे रस भी प्रकड होता है ।

प्रसार के तरीके[संपादित करें]

ईको वाईरस फैलाने की कैइ कारण हो सकता है । उन में से कुछ हे - भीड भरी जगह, प्रदूषित वातावरण,प्रदूषित परिवेश आदी । ईको वाईरस एक आदमी से दूसरे आदमी तक फैल सकता है । इस तरह फैलने को भी कैइ रासते हो सकता है । उन में से कुछ हे - वायू के मार्ग से,दूसरों की थूक के मार्ग से आदी । [1] यह सब सीधा रासता है । लेकिन प्रदूषित पानी का उपयोग के कारण भी यह वाईरस फैल सकता है । इस वाईरस का सबसे बडा दूष्य भाग ये हे की हम इसका प्रभाव पहले ही समझ नही सकती है । अगर आसपताल लोगों का हाथ साफ नही हे तो भी इस वाईरस का फैलना आसान हो सकता है । ईको वाईरस का प्र्भाव हलका हो सकता हे,तीव्र हो सकता हे और भयानक भी हो सकता है । इसलिए हम इस वाईरस के प्रभाव को एक छोटी सी मामुली बात की तरह सोचकर नही रह सकता है ।

लक्षण[संपादित करें]

ईको वाईरस का प्रभाव गर्मी की मौसम में ज्यादा होता है । इस वाईरस का प्रभाव हमारा उम्र,मौसम,हमारा जीवन की हालत,हमारा परिवेश आदी चीज़ों में आधारित होता है । अगर हम इस भीमार को सही समय में पहचान नही लिया तो शायद आदमी का म्र्त्यू की कारण भी हो सकता है । अगर इस वाईरस का प्रभाव कम हो तो किसी भी इलाज के बिना ठीक होने का संभावना है । अगर इस वाईरस हमारा किसी प्रधान अवयव में फैलता है तो रोग कठिन और भयानक हो सकता है । उससे ज्यादा हम शायद उसका इलाज भी नहीं कर पाऊँगी । [2] अगर ऐसा हुवा तो उस मरीच को बचाने की कोई संभावना नही होगी । माना जाता हे की इस वाईरस को रोकने का मार्ग अब तक टूँट नही पाया है । इसलिए हम सिर्फ एक ही बात कर सकता है - वो हे इस वाईरस की प्रभाव न होने की प्रयत्न करें । इसे रोकने केलिए हम सब का कोशिश अनिवार्य है । ईको वाईरस कैसा फैलता हे ये हम देख चुका है । जैसे कि प्रदूषित वायु,पानी,परिवेश आदी । अगर हमें इस बीमार को रोकना है तो हमें पहला इस बीमार को फैलानेवाला मार्ग को रोकना चाहिए । अगर बीमार फैलने केलिए कोई भि मार्ग नही हे तो बीमार को रोकने का चिंता करने का कोई आवश्यकता नहीं होगी । यह बात भयानक हे कि इस वाईरस को रोकने का किसी भी दवाइ अब तक टूँट नही पाया । लेकिन अगर हम अपना परिवेश , वातावरण आदी सब को साफ रखा तो इस वाईरस का फैलना असंभव होगा । इस वाईरस बच्चों में ज़्यादातर फैलता है । लेकिन इसका मतलब यह नही हे की इस वाईरस का प्रभाव किसी ओर पर नही पडेगा । बाकी लोगों में भी फैल सकता हे लेकिन उसका तीव्रता कम होगी । इस विषाणु का फैलना रोकना सिर्फ डॉक्डर की काम नहीं होता है बल्कि हम सभी लोगों की काम बनता है । ईको वाईरस एक भयानक और अति गंभीर विषाणु है ।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. http://www.nytimes.com/health/guides/disease/echo-virus/overview.html
  2. http://www.healthline.com/health/echo-virus#Diagnosis5