शिक्षाष्टक

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चैतन्य महाप्रभु ने संस्कृत में आठ श्लोकों की रचना की जिन्हें शिक्षाष्टक कहा जाता है। इनमें से एक श्लोक में वे कहते हैं:- भगवान श्री कृष्ण के पावन नाम और गुणों का संकीर्तन सर्वोपरि है, उसकी तुलना में और कोई साधन नहीं ठहर सकता है। ......

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