शहीद दिवस (भारत)

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स्रोत- वाल्मीकि रामायण भारत में कई तिथियाँ शहीद दिवस के रूप में मनायी जातीं हैं, जिनमें मुख्य हैं- 30 जनवरी, 23 मार्च, 21 अक्टूबर, 17 नवम्बर, 19 नवम्बर तथा 27 मई ।

  • 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या हुई थी।
  • 23 मार्च 1931 के दिन अंग्रेजों ने शहीद वीर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी पर लटका दिया गया था।
  • 21 अक्टूबर पुलिस द्वारा मनाया जाने वाला शहीद दिवस है। केन्द्रीय पुलिस बल के जवान 1959 में लद्दाख में चीनी सेना द्वारा एंबुश में मारे गए थे।
  • 17 नवंबर को ओडिशा द्वारा लाला लाजपत राय की स्मृति में मनाया जाता है।

शहीद दिवस कैसे मनाते हैं-[संपादित करें]

शहीद दिवस के दिन भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री आदि दिल्ली के राजघाट पर बापू की समाधि पर फूलों की माला चढ़ाकर व सैन्य बलों द्वारा सलामी देकर श्रद्धाजलि देते हैं। इसके उपरांत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और अन्य शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन धारण करते हैं।

शहीद दिवस के नारे-[संपादित करें]

  • शहीदों के मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे मरने वालों का बाकी यही निशां होगा। देश के शहीदो को नमन।
  • खून से खेलेंगे होली अगर वतन मुश्किल में है, सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देश के शहीदो को नमन।
  • मिटा दिया है वजूद उनका जो भी इनसे भिड़ा है, देश की रक्षा का संकल्प लिए जो जवान सरहद पर खड़ा है।
  • अपनी आज़ादी को हम हरगिज भुला सकते नहीं, सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं। देश के शहीदो को नमन।
  • सैकड़ो परिंदे आसमान पर आज नज़र आने लगे, शहीदो ने दिखाई है राह उन्हें आजादी से उड़ने की। देश के शहीदो को नमन।
  • वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे है, मरेंगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे हैं। देश के शहीदो को नमन।

सन्दर्भ[संपादित करें]