विकिपीडिया:प्रबन्धक सूचनापट

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यह परियोजना पृष्ठ प्रबंधकों को सूचना देने के लिये है।

इस पृष्ठ का उपयोग[संपादित करें]

  • यह पृष्ठ प्रबंधकों के लिये है।
  • इससे प्रबंधक प्रबंधकाधीन कार्यों कि चर्चा के लिये प्रयोग करते हैं।
== सूचना शीर्षक (दिनांक माह वर्ष) ==

पृष्ठ सुरक्षा[संपादित करें]

[स्वतः पुनरीक्षण: "autoconfirmed" की अनुमति चाहिए] से सुरक्षित पृष्ठों में कोई भी स्वत:स्थापित सदस्य सदस्य (4 दिन में 10 सम्पादन के बाद) कोई सम्पादन करे तो उसका सम्पादन स्वतः पुनरीक्षित होने के साथ साथ अपने आप ही परीक्षित चिन्हित हो जाता है। इससे ऐसे सदस्यों के द्वारा महत्वपूर्ण लेखों में कोई भी गलत जानकारी डालने या बर्बरता फैलाने से हो सकता है कि हमें पता भी न चले।

उदाहरण के लिए इसे देखें। इसमें स्वतः स्थापित सदस्यों के स्थान पर स्वतः परीक्षित सदस्यों को अनुमति देनी चाहिए या इसके स्थान पर किसी और तरह से पृष्ठ को सुरक्षित करना चाहिए। --Sfic (वार्ता) 02:35, 24 अगस्त 2016 (UTC)

हाँ, आपका कहना उचित ही प्रतीत हो रहा है। सत्यम् जी व अन्य प्रबन्धकों की टिप्पणी चाहता हूँ।☆★संजीव कुमार (✉✉) 11:16, 1 सितंबर 2016 (UTC)
वर्त्तमान व्यवस्था में यह कमी चिंताजनक है और इसका उचित निराकरण होना चाहिए। मुझे यह तो नहीं ज्ञात है की इसमें सुरक्षा का स्तर "स्वतः पुनरीक्षित" कैसे होगा परन्तु वास्तव में ऐसा करना आवश्यक है। अथवा कम से कम यह व्यवस्था तो अवश्य होनी चाहिए कि किसी autoconfirmed सदस्य द्वारा किये गए बदलाव अपने आप पुनरीक्षित न चिह्नित हो जायें। क्या आपलोग यह बताएँगे की इसके अलावा अन्य विकल्प क्या हो सकते हैं?? --त्यम् मिश्र बातचीत 13:38, 1 सितंबर 2016 (UTC)
मुझे इसमें सबसे अच्छा विकल्प यही लग रहा है कि [autoconfirmed के स्थान पर autopatrolled की अनुमति चाहिए] होना चाहिए। --ज्हाझक्हाक्रुब्हो (वार्ता) 14:08, 14 सितंबर 2016 (UTC)
Symbol support vote.svg समर्थन उपरोक्त प्रस्ताव को मेरा समर्थन है; यदि अन्य लोग भी इसे समर्थित करें तो फैब्रिकेटर पर ले जाया जा सकता है। --SM7--बातचीत-- 16:50, 25 सितंबर 2016 (UTC)
@आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, और SM7: ये गंभीर बात है कि जो स्वत: परिक्षित नहीं हैं उनके बदलाव स्वचालित रुप से परिक्षित हो रहे है। इस प्रस्ताव पर कार्यवाही करना आवश्यक लगता है।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 10:50, 5 फरवरी 2017 (UTC)

प्रचार[संपादित करें]

काफी समय से इस वेबसाइट के कड़ी को डाला जा रहा है। जैसे महात्मा गांधी आदि। पहले भी इन कड़ियों को हटाने के बाद भी और लेखों में अभी भी है। कृपया इसे काली सूची में डालें। -- (वार्ता) 16:25, 24 सितंबर 2016 (UTC)

YesY पूर्ण हुआ --SM7--बातचीत-- 16:47, 25 सितंबर 2016 (UTC)

श्रेणीकरण में सुधार[संपादित करें]

नमस्ते !

श्रेणी:शीघ्र हटाने योग्य पृष्ठ की उपश्रेणियों को अब श्रेणी:शीघ्र विलोपन में स्थानांतरित कर दिया गया है और इनकी कड़ी श्रेणी:शीघ्र हटाने योग्य पृष्ठ पन्ने पर दाहिने ओर ऊपर ही एक साइडबार के रूप में स्थापित की गयी है। इसके कारण पूर्व की कार्यप्रणाली में कोई अंतर नहीं आएगा क्योंकि पहले भी, जब ये उपश्रेणियाँ श्रेणी:शीघ्र हटाने योग्य पृष्ठ के अंदर श्रेणीबद्ध थीं इनमें रखे पन्नों की संख्या दिखना ही महत्वपूर्ण था और यह अब भी वैसे ही दिखेगा (साइडबार में)। बस नए स्वरुप में चीजें बेहतर प्रदर्शित हो जायेंगी। अन्य कारण यह भी था कि उपश्रेणीकरण में दुहराव के कारण (एक उपश्रेणी के अंदर दूसरी उपश्रेणी थी जिसमें शीघ्र हटाने लायक फाइलें श्रेणीबद्ध हो रही थीं) एक फाइल काफी दिनों से लंबित पड़ी थी जिसे कॉमंस पर ले जाया जा चुका था और अब तक हटा दिया जाना चाहिए था। कड़ी के इस साइडबार प्रारूप में उसे भी ऊपर प्रदर्शित किया गया है जिससे भविष्य में ऐसा न हो।

यदि इस बदलाव से प्रबंधक मित्रों को कोई असुविधा महसूस हो तो सूचित करें! धन्यवाद !--SM7--बातचीत-- 21:42, 19 नवम्बर 2016 (UTC)

यह कार्य बहुत अच्छा लगा। इसमें प्रबन्धकों को अधिक सुविधा होगी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 12:27, 20 नवम्बर 2016 (UTC)

हहेच समापन हेतु औजार[संपादित करें]

प्रबंधकगण कृपया ध्यान दें, हहेच समापन के लिए उपयोग में लाये जाने वाले औजार को सदस्यनाम परिवर्तन के पश्चात अब नीचे लिखी लाइन को अपने common.js में जोड़ कर इस्तेमाल किया जा सकता है।

importScript('सदस्य:SM7/closeAFD.js');
--SM7--बातचीत-- 15:27, 24 नवम्बर 2016 (UTC)

Infobox religious building[संपादित करें]

{{Infobox religious building}} सांचे में एक्सप्रेशन और स्क्रिप्ट त्रुटि है जिससे इसके प्रयोग वाले पृष्टो में भी त्रुटि है। --जयप्रकाश >>> वार्ता 22:02, 9 जनवरी 2017 (UTC)

एक्सप्रेशन त्रुटि को मॉड्यूल ParameterCount को आयात करके ठीक किया गया। परंतु स्क्रिप्ट त्रुटि अभी भी आ रही है। --जयप्रकाश >>> वार्ता 23:23, 9 जनवरी 2017 (UTC)
@Jayprakash12345: जी, स्क्रिप्ट त्रुटि के लिए मैंने साँचे में कुछ बदलाव किया था, उससे पहले आप भी साँचे में कुछ बदलाव कर चुके थे; क्या आप उस पृष्ठ का शीर्षक बता सकते हैं जिस पर "एक्सप्रेशन त्रुटि" प्रदर्शित हो रही थी ? --SM7--बातचीत-- 04:34, 11 जनवरी 2017 (UTC)
@SM7: सर आपके बदलब में बाद मैंने पृष्टो की जाँच की. अब सभी पृष्टो से त्रुटि हट गयी है. त्रुटि साँचे के |geo पैरामीटर में थी. त्रुटि सही करने में लिए ध्यनवाद. और त्रुटि पृष्ट वही थे जो J ansari ने माज़िदो पर बनाये थे अब वह सभी सही है. जयप्रकाश >>> वार्ता 12:08, 11 जनवरी 2017 (UTC)
@Jayprakash12345: जी, मेरे यह पूछने का कारण यह है कि मैंने केवल स्क्रिप्ट त्रुटि के लिए बदलाव किये थे, एक्सप्रेशन त्रुटि के लिए नहीं। मैंने बाद में देखा कि आपने कुछ तुलना करने वाली (< 1) जैसी चीजों को हटा दिया था, हो सकता है उनके हटने से कोई समस्या आगे आये। अतः मैं किसी एक पन्ने का शीर्षक जानना चाहता हूँ जिस पर आपने बदलावों से पूर्व एक्स्प्रेस्सन त्रुटि देखी थी। --SM7--बातचीत-- 12:33, 11 जनवरी 2017 (UTC)
@SM7: सर वह पृष्ट कूफा की महान मस्जिद, नबी हाबील मस्जिद थे. जिनमे एक्सप्रेशन और स्क्रिप्ट त्रुटि थी.मैंने मॉड्यूल ParameterCount को आयात कर तुलना हटा दी थी तुलना केवल अतरिक्त हैडर बचने की लिए थी जो इतनी महत्वपूर्ण नहीं थी. स्क्रिप्ट त्रुटि भौगोलिक निर्देशांक प्रणाली जो geo parameter था उसमें आ रही थी पर अब सभी सही है. -जयप्रकाश >>> वार्ता 20:32, 11 जनवरी 2017 (UTC)

{{Portal}} का सफल परिक्षण[संपादित करें]

{{Portal}} का सफल परिक्षण किया गया है। भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान मार्क 3 में पृष्ट के निचे देखे। इसके लिए {{Portal}} और Module:Portal/images/other में कुछ परिवर्तन किया है सफल है तो ठीक वर्ना बदलाव पूर्वार्त्त कर दे। --जयप्रकाश >>> वार्ता 14:29, 13 जनवरी 2017 (UTC)

अच्छा कार्य जयप्रकाश जी! Module:Portal/images/other और Module:Portal/images में से अंग्रेजी के प्रवेशद्वारों को हटा कर उनकी जगह हिंदी विकि पर मौजूद प्रवेशद्वारों के चित्र जोड़ने से यह कार्य पूर्ण हो जाएगा। --SM7--बातचीत-- 14:34, 13 जनवरी 2017 (UTC)
@SM7: सर यदि पोर्टल की लिस्ट या श्रेणी का लिंक दे तो में यह अभी कर देता हु। --जयप्रकाश >>> वार्ता 14:45, 13 जनवरी 2017 (UTC)
प्रवेशद्वारों की कोई सूची मौजूद नहीं है शायद। अतः इन्हें मैनुअली ही खोजना पड़ेगा। यदि वे अंतरविकी कड़ियों द्वारा अंग्रेजी से जुड़े हों तो उनके चित्र खोजने में आसानी होगी। आप धीरे-धीरे यह कर सकते हैं। अपना वर्तमान कार्य पूर्ण करके मैं भी सहयोग करने का प्रयास करूँगा। यदि आपकी रूचि साँचों में सुधार की ओर है तो यह काफी अच्छी बात है और हिन्दी विकि पर ऐसे सदस्यों की जरूरत भी है, क्योंकि यहाँ के ज्यादातर साँचे पुराने है और उन्हें अद्यतन की आवश्यकता है। प्रयोग संपादनों के लिए आप किसी भी साँचे का /sandbox वर्शन बना सकते हैं और प्रयोग पूर्ण होने पर अन्य सदस्यों से राय लेकर उसे मूल नाम पर स्थापित कर सकते हैं। शुभकामनायें। --SM7--बातचीत-- 15:47, 13 जनवरी 2017 (UTC)

Infobox road[संपादित करें]

सर सांच {{infobox road}} में दो प्रकार की त्रुटि थी।

  1. लुआ त्रुटि Module:Infobox road/meta/mask/country
  2. लुआ त्रुटि Module:Infobox_road/length में पंक्ति 23 पर: attempt to call local 'format' (a nil value)।
@Jayprakash12345: उपरोक्त जानकारी यहाँ से हटा कर साँचे के वार्ता पन्ने पर रख दें और यहाँ केवल सूचना रहने दें। --SM7--बातचीत-- 05:31, 16 जनवरी 2017 (UTC)
@SM7: YesY पूर्ण हुआ साँचा वार्ता:ज्ञानसन्दूक रास्ता --जयप्रकाश >>> वार्ता 14:30, 16 जनवरी 2017 (UTC)

IP[संपादित करें]

IP 43.229.226.230 वेबसाइट http://www.indiahindiblog.com/ का प्रचार कर रहा है इस काली सूची में डाल दे--जयप्रकाश >>> वार्ता 14:30, 26 जनवरी 2017 (UTC)

Module:Portal/images/a[संपादित करें]

Module:Portal/images/a का हटा दे। सभी डेटा को Module:Portal/images/other में स्थान्तरित किया जा चूका है।--जयप्रकाश >>> वार्ता 10:10, 5 फरवरी 2017 (UTC)

ध्यान दें[संपादित करें]

@आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, और SM7: जी,

--☆★आर्यावर्त (✉✉) 11:44, 7 फ़रवरी 2017 (UTC)

आर्यावर्त जी, वो उनका अपना वार्ता पन्ना है। यह उनकी अपनी मर्जी है कि वो वार्तालाप मिटा रहे है। आप उनपर जबर्दस्ती नहीं कर सकते। ऐसा कोई नियम नहीं है कि कोई पुनरीक्षक के सन्देश मिटा नहीं सकता। इसलिए उनके सम्पादन पूर्ववत न करे।--पीयूष सदस्य:हिंदुस्थान वासी (वार्ता) 14:55, 7 फ़रवरी 2017 (UTC)
ठीक है पीयूष जी।-☆★आर्यावर्त (✉✉) 15:09, 7 फ़रवरी 2017 (UTC)
@आर्यावर्त: आप सम्बंधित लेखों पर उचित टैग लगा दें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 15:33, 7 फ़रवरी 2017 (UTC)
कुछ लेखों में लगा दी हैं और कुछ में बाकी है जो कल लगा दूँगा।-☆★आर्यावर्त (✉✉) 15:41, 7 फ़रवरी 2017 (UTC)

अश्लिल कड़ी[संपादित करें]

यहाँ पोर्न साइट की कड़ी जोड़ी गई थी। इस साइट को काली सूची में ड़ाल दें।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 11:11, 9 फ़रवरी 2017 (UTC)

अधिकार हटाने के संबंध में[संपादित करें]

कुछ कारणों से मेरी Rollbacker अधिकार की अवयस्कता ख़त्म हो गयी है। में लगभग तीन माह तक विकी अवकाश पर रहूँगा। कृपया मेरे अनुरोध पर कोई प्रबन्धक मेरे खाते से Rollbacker का अधिकार हटा दे। और इस पर कोई चर्चा न करे। में अभी Rollbacker अधिकार नहीं चाहता। --जयप्रकाश >>> वार्ता 20:14, 9 फ़रवरी 2017 (UTC)

@आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, और SM7: क्या हुआ इस अनुरोध का।--पीयूष सदस्य:हिंदुस्थान वासी (वार्ता) 16:05, 20 फ़रवरी 2017 (UTC)
शायद जयप्रकाश जी को इन अधिकारों द्वारा किये जाने वाले कार्य के बारे में कुछ भ्रम है। वे पुनरीक्षक हैं, जबकि रोलबैकर का कार्य बिना पुनरीक्षक दायित्व के भी अन्य पुनरीक्षकों को सहायता प्रदान करना है। बहरहाल, मैं इसे उनके अनुरोध अनुसार हटा देता हूँ। --SM7--बातचीत-- 12:46, 21 फ़रवरी 2017 (UTC)

@SM7: जी, मुझे किसी प्रकार का भ्रम नही है। सभी कुछ समझता हु। --जयप्रकाश >>> वार्ता 13:03, 21 फ़रवरी 2017 (UTC)

अधिकार जोड़ना[संपादित करें]

आज आशीष जी ने प्रबंधक बनने के बाद अपने आप को सारे सदस्य अधिकार दे दिये है। मैं जानता हूँ कि प्रबंधक लोगों को ऐसे ज्यादातर अधिकार से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वो प्रबंधक अधिकार में सम्मिलित होते है। पर फिर भी एक प्रबंधक को ये शोभा नहीं देता। ये आशीष जी के नियमों और सामान्य आचार के प्रति अज्ञानता या उसको जुठलाना दिखाता है।--पीयूष सदस्य:हिंदुस्थान वासी (वार्ता) 16:21, 20 फ़रवरी 2017 (UTC)

हां, मैंने सारे नहीं कुछ अधिकार जोड़े अवश्य थे, किन्तु मेरे कल से आज तक के सम्पादन भी देखे जा सकते हैं, जो उन अधिकारों को पूर्णतया समर्थन करते हैं- सामान्य सम्पादन के अलावा मैंने अन्य प्रबन्धन कार्य भी किये हैं। ऐसे में ये किस प्रकार अज्ञानता या झुठलाना प्रतीत होता है, ये मेरी समझ में नहीं आता। फिर भी पीयुष जी को यदि लगता है कि मैंने कोई अज्ञानता दिखायी है, या अपने दायित्त्व को झुठलाया है, तो कृपया उसे विस्तार से अवगत करायें।
मैंने १.स्वतःपरीक्षित सदस्य, २.स्वतः पुनरीक्षित सदस्य, ३.प्रबंधक, ४.पुनरीक्षक, ५.रोलबैकर्स और ६.template editor अधिकार जोड़े थे, (सभी अधिकार अन्धाधुन्ध बिना सोचे समझे नहीं जोड़े) जिनके अनुसार मैंने निम्न कार्य भी किये हैं:
  • टेम्प्लेट (सांचे) सम्पादन किये, मात्र पाठ सम्पादन ही नहीं, वरन कोड सम्पादन भी किया।
  • लेखों में नये सम्पादनों की पुनरीक्षा भी की तथा उसमें यथासंभव या तो सांचे /टैग लगाये, अथवा पाठ प्रसार भी किया, व उन लेखों को एक न्यूनतम स्तर तक पहुंचाया।
  • अनावश्यक सम्पादन रोलबैक भी किये।
  • परीक्षित एवं पुनरीक्षित सदस्य अधिकार प्रबन्धक को स्वतः ही प्राप्त हो जाते हैं।
  • प्रबंधक अधिकार मुझे पहले ही मिला हुआ है।
पीयुष जी ने इसमें अपना संज्ञान दिखाया ही है कि ये सब प्रबंधन अधिकार में सम्मिलित होते हैं। तब किस प्रकार मैंने कोई अज्ञानता दिखायी है, या अपने दायित्त्व को झुठलाया है, कृपया विस्तार से बतायें, यहां या मेरी वार्ता पर। तभी मुझे ज्ञात होगा कि से किस प्रकार प्रबंधक को शोभा नहीं देता है।
या तो मैंने किसी अन्य सदस्य को बिना किसी चर्चा के ये अधिकार दे दिये होते, या स्वयं ही अधिकार लेकर कुछ संबंधित काम न किया होता, तब फिर भी मेरी कोई गलती या अज्ञानता दिखाई देती। फिर भी यदि कोई समस्या ही थी, तो मुझसे सीधे ही कहा होता, मैंने स्वयं ही हटा दिये होते। किसी तीसरे को सीधे कार्यवाही करने की आवश्यकता नहीं थी। --आशीष भटनागरवार्ता 17:00, 20 फ़रवरी 2017 (UTC)
पीयूष जी, ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद। आशीष जी के सभी अनावश्यक अधिकार समूह (redundant group) हटा दिये हैं। आशीष जी से अनुरोध है कि भविष्य में इसका ध्यान रखें क्योंकि आपने पहले भी ऐसी समस्या देखी है जहाँ लोगों ने इसको मुद्दा बना लिया था। (कृपया m:Requests for comment/Userrights on Hindi Wikipedia#Comments by Siddhartha Ghai देखें।)
आशीष जी, कृपया इसे अन्यथा न लें। इससे हिन्दी विकि-समुदाय अथवा मुझे अथवा पीयूष जी को कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है। आप चाहो तो ये अधिकार अपने सदस्य अधिकारों में पुनः शामिल कर लो। लेकिन ऐसा करने से पूर्व कृपया एक बार मॅटा पर सम्बंधित नियमों से जानकारी प्राप्त कर लें। कल समस्या होने पर कोई नहीं मानेगा कि जो सदस्य लगभग १० वर्षों से प्रबन्धक है उन्हें इतनी सी बात की जानकारी नहीं थी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:09, 20 फ़रवरी 2017 (UTC)
आशीष जी, संजीव जी आपको काफी जानकारी दे दी है, मुझे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं। मेरा मतलब सिर्फ ये था प्रबंधक को अधिकार ऐसे देने या लेने नहीं चाहिये (अपने आप बिना समुदाय की सहमति के)। चाहे उससे कोई फायदा नहीं पहुँचा हो उन पर अधिकार दुरुपयोग का आरोप लगता है। ऐसे स्थिति से बच के रहना चाहिये। यही सामान्य आचार है।--पीयूष सदस्य:हिंदुस्थान वासी (वार्ता) 06:56, 21 फ़रवरी 2017 (UTC)
पीयूष जी, ऐसे मामले में पहले आप सम्बंधित सदस्य से बात कर लिया करो। इसके अतिरिक्त अपनी भाषा में थोड़ी और शिथिलता लावोगे तो अच्छा रहेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 13:15, 21 फ़रवरी 2017 (UTC)

स्वतः परीक्षित अधिकार निवृत्ति[संपादित करें]

स्वतः परीक्षित अधिकार हेतु निवेदन पर निम्नलिखित निवृत्ति नियम के तहत कुछ सदस्य आते हैं:-

  • लगातार एक वर्ष तक २५ से कम सकारात्मक सम्पादन।
  1. Sukph (वार्ता योगदान), दिसंबर 2014 के बाद से 5 सम्पादन (आखिरी सम्पादन: मई 2015)
  2. Samee (वार्ता योगदान), नवंबर 2015 के बाद से 1 सम्पादन (आखिरी सम्पादन: नवंबर 2016)
  3. Nimesh Mistry (वार्ता योगदान), आखिरी सम्पादन: मई 2015
  4. Amitprabhakar (वार्ता योगदान), जनवरी 2016 के बाद से 5 सम्पादन
  5. Ashliveslove (वार्ता योगदान), आखिरी सम्पादन: नवंबर 2015

इनको दोबारा सक्रिय होने पर अधिकार दिया जा सकता है।--पीयूष सदस्य:हिंदुस्थान वासी (वार्ता) 10:28, 21 फ़रवरी 2017 (UTC)

सहमत --SM7--बातचीत-- 12:41, 21 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • मैं अनुरोध करता हूँ कि मुझे इस बार छूट दी जा।  समी  बातचीत 13:37, 21 फ़रवरी 2017 (UTC)
@Samee: क्या आप इसके लिए कारण बता सकते हो?☆★संजीव कुमार (✉✉) 15:21, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)
@Samee: जी, अपने शायद ऊपर लिखी बातो को सही से नही समझा। इनको दोबारा सक्रिय होने पर अधिकार दिया जा सकता है। आप यहा सक्रियता दिखाये। आपको पुन यह अधिकार दे दिया जायेगा।--जयप्रकाश >>> वार्ता 05:03, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
जी मैं ने ये जुमला पढ़ा था। लेकिन अब नवंबर २०१५ से आज तक मेरे संपादन २५ से अधिक हैं। शुक्रिया-- समी  बातचीत 10:15, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • सदस्य:Samee को छोड़कर अन्य लोगों को इस अधिकार से मुक्त कर दिया गया है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 13:50, 13 मार्च 2017 (UTC)

अमान्य सदस्यनाम[संपादित करें]

@आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, और SM7: कृपया ध्यान दें स:Love vashikaran specialist molvibabaji+919929677658‎ का सदस्यनाम विकिपीडिया की नीति से सुसंगत नहीं है और साफ़ प्रचार प्रतीत होता है अत: सदस्य को सूचीत करना चाहिए और नाम न बदले तो खाते को प्रतिबंधिक करना ही उचीत होगा।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 11:14, 22 फ़रवरी 2017 (UTC)

इनसे पहले अपना सदस्यनाम बदलने का कारण बता कर उसे बदलने का निवेदन करने का अनुरोध करके देख लें। प्रथम इन्हें पता तो हो कि इन्होंने क्या गलती की है, तथा उसे बदलने का अनुरोध किसी स्टीवर्ड से बदलवा लें। यदि यहां कोई प्रशासक होता तो यहीं बदल जाता। वैसे इनका कोई सम्पादन नहीं है, अतः ये इस खाते को छोड़कर नया खाता भी खोल सकते हैं, यदि सही में यहाम सम्पादन करने के इच्छुक हों तो, वर्ना प्रचार तो यहां बाद में भी संभव नहीं हो पाएगा। शेष सर्वसम्मति।आशीष भटनागरवार्ता 11:28, 22 फ़रवरी 2017 (UTC)
मेरे विचार से सर्व प्रथम सदस्य को सूचित किया जाना चाहिए, तत्पश्चात कोई निर्णय लेना श्रेयस्कर होगा।--माला चौबेवार्ता 05:51, 23 फ़रवरी 2017 (UTC)
सदस्य को सूचित किया गया।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 12:06, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)

सदस्य:संदेश हिवाळे द्वारा धृणा और प्रशंसा के कारण अवरोधन हेतु प्रस्ताव[संपादित करें]

  • उपरोक सदस्य ने आज भगवान बुद्ध लेख बनाया हई और उसमें अपने हिन्दू धर्म के प्रति धृणास्पद विचारों का विकृत प्रदर्शन किया है। पाठ निम्नलिखित है:-

गौतम बुद्ध का हिन्दू स्वरूप है। हिन्दू धर्म में उन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना गया है। उनके स्वरूप को लेकर हिन्दू तथा बौद्ध मतों में भिन्नता तथा कटुता है। कुछ पुराणों में ऐसा कहा गया है कि भगवान विष्णु ने बुद्ध अवतार इसलिये लिया था जिससे कि वो "झूठे उपदेश" फैलाकर "असुरों" को सच्चे वैदिक धर्म से दूर कर सकें, जिससे देवता उनपर जीत हासिल कर सकें। इसका मतलब है कि बुद्ध तो देवता हैं, लेकिन उनके उपदेश झूठे और ढ़ोंग हैं। ये बौद्धों के विश्वास से एकदम उल्टा है : बौद्ध लोग गौतम बुद्ध को कोई अवतार या देवता नहीं मानते, लेकिन उनके उपदेशों को सत्य मानते हैं। कुछ हिन्दू लेखकों (जैसे जयदेव) ने बाद में ये भी कहा है कि बुद्ध विष्णु के अवतार तो हैं, लेकिन विष्णु ने ये अवतार झूठ का प्रचार करने के लिये नहीं बल्कि अन्धाधुन्ध कर्मकाण्ड और वैदिक पशुबलि रोकने के लिये किया था।

  • सदस्य के द्वारा आंबेडकर जी का प्रचार और गांधी जी के प्रति नफरत भी उनके सम्पादनों में साफ़ दिखाई पड़ती हैं। बार-बार चेतावनी देने पर व्यक्तिगत आक्षेप करते हई जो उनके वार्तापन्ने पर देखें जाते है। पुनरीक्षक नेहल जीने समझाने का प्रयास किया था किन्तु उन्हें सदस्य ने कहा की में बाबासाहब शब्द ही लिखुंगा।
  • अपने खातें और आइपी से बार बार भीमराव आंबेडकर को बाबासाहब में बदलना। बाबासाहब को भगवान बुद्ध के समान दिखाना और गांधी जी को नीचा दिखाना।

सदस्य अंग्रेजी विकि पर तो इसी कारण प्रतिबंधित है ही किन्तु हमने यहाँ यथा संभव प्रयास किये किन्तु कोइ फायदा नहीं हुआ। अत: श्रीघ्र प्रतिबंधित करने के लिए कार्यवाही करें। उनके बहोत से सम्पादन जांचने बाकी है और उन्हें सम्पादन रोक देने के लिये विनती की गई थी किन्तु कोइ फायदा नहीं हुआ।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 12:17, 22 फ़रवरी 2017 (UTC)

उपरोक्त पाठ पाऊर्व से ही था और सदस्यने इसमें कुछ सम्पादन किया था। इसके अलावा सदस्य के बारे में दी गई जानकारी में कोई त्रुटि नहीं है।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 12:23, 22 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • Symbol support vote.svg समर्थन, मैं इनको ब्लॉक करने का समर्थन करता हूँ।--पीयूष सदस्य:हिंदुस्थान वासी (वार्ता) 15:45, 22 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • Symbol support vote.svg समर्थन, सहमति हेतु सर्वाधिक साक्ष्य है, यदि सर्व सम्मति हो तो ब्लॉक किया जा सकता है।--माला चौबेवार्ता 05:49, 23 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • Symbol support vote.svg समर्थन प्रतिबंधित किया जाय। --SM7--बातचीत-- 08:33, 23 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • Symbol support vote.svg समर्थन मुझे बहुत दुख है, लेकिन अब कोई चारा नहीं बचा है। मैं उक्त सदस्य पर प्रतिबंध के पक्ष में हूँ। --अनामदास 15:04, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)

टिप्पणी[संपादित करें]

भगवान बुद्ध नामक लेख न ही मैंने बनाया है और न ही मैंने उसमें हिंदूत्व के बारें में कुछ लिखा है।

  • मैं बाबासाहेब फोलॉवर जरूर हूँ किंतु गांधी विरोधी नहीं। और अब मैं न गांधी के खिलाप और न आंबेडकर की प्रसंसा के लेख लिखता हूँ या संपादन करता हूँ।
  • मुझे बाबासाहेब शब्द की जगह भीमराव लिखने में कोई आपत्ती नहीं है। और न ही मैं भीमराव को बाबासाहेब में बदलता हूँ, वो पूरानी बातें दोहरा रहे है।
  • संसार में गौतम बुद्ध की बराबरी कोई नहीं कर सकता, इसलिए मैंने बाबासाहेब को बुद्ध समान दिखाया इसमें तथ्य नहीं है। गांधी जी और आंबेडकर जी दोनों महान है इसलिए मैं गांधी जी को नीचा नहीं दिखाता हूँ। यह भी पूराना ही मूद्दा है।
  • मेरे सभी संपादन अवश्य जाँचे। मैं तो बाबासाहेब लेख में भी तब से संपादन नहीं किआपको, जब से आपने बाबासाहेब को भीमराव में बदला था। डॉ॰ आंबेडकर जी के संबंध में बने किसी भी लेख में मैंने भीमराव नाम बदलने के बाद से संपादन नहीं किया है। और आप भी मुझपर बार बार वहीं आरोप लगा रहे है, मैं बाबासाहेब शब्द पडा नहीं अडा हूँ मुझे भीमराव शब्द भी प्यारा है।

भवतु सब्ब मंगलम् संदेश हिवाळे (वार्ता) 04:32, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)

@संदेश हिवाळे: जी, नमस्ते। यहाँ सभी सदस्यों के योगदान का स्वागत है किन्तु आपके सम्पादन अभी भी वैसे ही प्रतीत हो रहे हैं। आज ही आपने पृष्ठ बी आर अम्बेडकर पर ये सम्पादन किया जिसमें आपने नाम के आगे डॉ॰ लगा दिया किन्तु कोई उपाधि नहीं लगाई जाती, बाबासाहेब शब्द को बॉल्ड कर दिया जब की लेखमें एसा किसी विशेशण के लिए नहीं किया जाना चाहिए, बाबासाहब के पास () में आपने पिता लिख दिया जो शब्दप्रयोग ज्ञानकोशिय नहीं है मतलब कि ज्ञानकोश में केवल तथ्य लिखे जाते है और सन्तान के पिता के लिए ही पिता शब्द का प्रयोग होता है, उसने शब्द के बदले आपने उन्होंने किया, इस तरह के बदलाव प्रशंसक की शैली में आते हैं। इसी तरह आपका ये दूसरा आज का सम्पादन को देखा जायें तो आपने आम्बेडकर के प्रशंसक नाम का एक विभाग जोड़ा है और उसमें आपने व्यक्तिओ के नाम के साथ प्रशंसा के वाक्य लिखें है जो ज्ञानकोशिय नहीं है; ये सब अन्य जगहों पर उचित हो सकता हैं किन्तु ज्ञानकोश की लेखनशैली के अनुसार नहीं। श्री पीयूष जी ने लेख में कुछ साफसफाइ की थी उसके बाद आपने उनको भी सन्देश छोड़ा कि एसा न करें आदि। आज मैंने भी कुछ सुधार किया था और अभी बहुत कुछ सुधार बाकी है किन्तु सुधार के सामने आपने बहुत कुछ ड़ाल दिया जो आपकी नज़र मे उचित ही है किन्तु ज्ञानकोश की लेखनशैली के अनुसार यहाँ इसको उचित नहीं माना जाता। अब आप सुधार करने वाले से भीडेंगे कि ये नहीं करना चाहिए। (जैसा आपने पीयूष जी को सन्देश भेजकर किया)। ज्यादा सुधार करेंगे तो आप व्यक्तिगत आक्षेप करेंगे की मुझे पता हैं कि आपको बाबासाहस से समस्या है आदि (जैसा आपने आपके वार्तापृष्ठ पर मेरे द्वारा दिये गये संदेशों के उत्तर में किया हैं)। महानतम भारतीय लेख में भी आपके साथ लम्बी चर्चा करने के बाद नाम योग्य हो पाया। अभी तो आपके बहुत से लेख-सम्पादनों का पुनरीक्षण एवं सुधार करना बाकी हैं और आपके कारण ये कार्य बाधित हो रहा है इतना ही नही किन्तु दिनप्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। मैं, नेहल जी, आशीश जी, मनोज जी हम सबने समझाने का प्रयास किया किन्तु हमें सफलता नहीं मिली। अत: अब ये एक ही विकल्प बचा है। कुछ दिन पूर्व चौपाल पे भी चर्चा हुई थी, एक दो साल से आपको अंग्रेजी विकि पर भी यही समझाया जा रहा था और कुछ मर्यादित समय के लिए अवरोधित करके चेतावनी दी जाती थी लेकिन सुधार न होने के कारण आपको प्रतिबंधित कर दिया गया। हम बाबासाहब (मैं यहाँ बाबासाहब शब्द का ही प्रयोग कर रहा हूँ क्योंकि ये वार्ता है और लेख का भाग नहीं है अत: कोई अपत्ति नहीं है) के प्रति आपका आदर और प्रेम की कदर करते हैं किन्तु ज्ञानकोश के लेखों को उनकी शैली और पामदंडो के साथ ही लिखा जा सकता हैं। सादर।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 06:54, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • 24 फरवरी 2017 के संपादन में पर्याप्त साक्ष्य ही आर्यावर्त द्वारा लगाए आरोपों की पुष्टि करते हैं।-- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 08:42, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)
Symbol oppose vote.svg विरोध असहमत असमर्थन आर्यावर्त डॉ बाबासाहब आम्बेडकर और बौद्ध धम्म कि घृणा करते है। उन्हे बार बार "बौद्ध धम्म और बाबासाहब प्रर किये संपादनपर आपत्ती है। जैसे कि, डॉ.बाबासाहाब आंबेडकर के नाम पर डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विद्यापीठ औरंगाबाद मे विश्वविद्यालय है, जहा मै पढा हुं इसलिये मै इस विश्वविद्यालय को क्या नाम है| इससे ज्ञात हुं और प्रमाण हेतू उस विश्वविद्यालय कि वेबसाईट कि लिंक दे दी तो भी महाशय कहते है| वह भीमराव आंबेडकरने नही बनाई| इससे साफ प्रतीत होता है| कि उनको केवळ विरोध ही करना है| महाशय बार बार “ उसे “”भीमराव”” शब्द को बदल रहे है| सदस्य आर्यावर्तजीने बिडाउठाया है, कि वे भीमराव आंबेडकर इस नाम को बाबासाहेब आंबेडकर नही होने देंगे. लेकीन साथियो सत्य आखिर सत्यही होता है, चाहे आशीष जी जैसे प्रचालक इस बात को अनदेखा करते है| तो न्याय और निपक्षता कि कोई उम्मीद नही है | जैसे कि पिछ्ले दो तीन दिन मे आर्यावर्त और उनके साथी डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर लेख मे बहुत काट छाट करके छोटा कर रहे है| सदस्य संदेश हिवाळे जो लेखो को समृद्ध करना चाहते है। ,वे उनको अवरोधित करते है।
  • बौद्ध धम्म और हिंदू धम्म अपनी जगह है| विचारधारा मै फर्क तो है| लेकीन इस विषय को जान बुझकर धार्मिक कारण देकर अन्य संपादको कि सहानभूती और हिवाळे जि को विरोध करणे का माध्यम बनाया जा रहा है|
  • बाबासाहेब आंबेडकरजी और और बौद्ध धम्म पर इंग्लिश और मराठी विकी पर बहोत सारे लेख है| लेकीन हिंदी विकी पर नही है| इसका कारण आर्यावर्तजी जसे निष्पक्ष संपादक तथा उनके साथी न होणे कि वजहसे है| यह हिंदी विकी का दुर्भाग्य है|
  • आर्यावर्त और उनके साथियो का इस द्वेषपूर्ण कृती केलीये मै कडे शब्द मै निषेध करता हुं और हिंदी विकी के वरिष्ठ मान्य गण को उनका सदस्यत्व रद्द करने प्रार्थना करता हुं| Salveramprasad (वार्ता) 09:24, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)

समर्थन के लिए धन्यवाद प्रसाद सर, आर्यावत जी नियम केवल डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर जी के लेख पर ही लागू होते अन्य नहीं.। राजेंद्र प्रसाद, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे आदी लेखों में 'डॉ॰ उपाधि का प्रयोग पहली लाईन में ही किया है, किंतु इन्हें आपत्ती केवल आंबेडकर जी से ही है, वे यहां आम्बेडकर जी कद छोटा करना चाहिए थे जिसे विकि नियम ही बता रहे है। उनके योगदान हटाये जा रहे है, आंबेडकर जी लेख से आंबेडकर के विचार हटाया गया अन्य महापुरूषों के लेखों में उनके विचार से उन्हें लेना देना नहीं है। भारत में १० विश्वविद्यालय डॉ॰ आंबेडकर जी के नाम से है, उनमें से ५ विश्वविद्यालयों के नामों में बाबासाहेब शब्द है, और आर्यावत जी इसे भीमराव में बदलेंगें ,

भारत में करीब २० तक अंतर्राष्ट्रीय विनानक्षेत्र है उसमें एक नागपुर में है, जिसका नाम डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर अंतर्राष्ट्रिय विमानक्षेत्र है, इसे महाशय आर्यावत जी ने आंबेडकर जी लेख में इसमें भी बाबासाहेब को भीमराव बदला है!!! इन्होंने इसका नाम डॉ॰ भीमराव आंबेडकर अंतर्राष्ट्रिय विमानक्षेत्र ऐसा किया है, अब इनके महान विचारों पता यही चलता है!!

सभी विकिपीडियन्स इनकी मानसिकता समझे, जब्बार पटेल जी ने २००० में डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर (फिल्म) बनाई है, महाशय इसे भी इसे भी बदलकर डॉ॰ भीमराव आंबेडकर (फिल्म) बना दिया, मराठी में फिल्म बनी थी युगपुरुष डॉ बाबासाहेब आंबेडकर, तो इन्होंने इसमें बाबासाहेब हटाकर भीमराव डाल दिया है। कितनी नकारात्मता एवं घृणा भरी पडी है आर्यावत जी आपके अंदर बाबासाहेब जी के बारें में!!

प्रत्येक जगह बाबासाहेब को भीमराव में नहीं बदला जा सकता यह बात मानना आर्यावत जी क्षमता से बाहर है। मैंने कुछ भी लिखा तो भी बाबासाहेब के प्रशंसक होने का ही आरोप मुझपर लगाते है और आप बाबासाहेब अपमान कर ही रहे कर ही रहे है।

आपका आंबेडकरद्वेष अाप खूद तक ही सिमीत रखे।

आशिष जी, धडाधडा बाबासाहेब के योगदान हटा रहे और संदर्भ का कारण बता रहे है, आप पहले संपादन में 'संदर्भ चाहिए' सांचा तो लगाईए.., संदर्भ नहीं लगाया तो हटाईए...

संदेश हिवाळे (वार्ता) 10:22, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)

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अब मैंने कौन से बाबासाहेब के योगदान धड़ाधड़ हटा दिये हिवाले जी? या तो यहां आपके लेखन में गलती हुई है, या मेरे समझने में! मैंने जो भी टिप्पणी की है वह वार्ता:भीमराव रामजी आम्बेडकर#डॉ.बाबासाहेब अम्बेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालयसन्दर्भ पर सुरक्षित है। काटछांट तो नहीं की है। पुनरीक्षक तो आर्यावर्त जी ही हैं, मैं तो प्रबन्धक ही हूं, अतः ये मेरे अधिकार क्षेत्र में अवश्य होगा, किन्तु अभ्यास में नहीं है।
दूसरा मेरे उपरोक्त सन्दर्भ वाली टिप्पणी के अनुसार, हर स्थान पर नाम का बदलाव आवश्यक नहीं होगा। आप विश्वविद्यालय के नाम को यथानुसार लिख सकते हैं, बल्कि लिखना ही चाहिये, जिसमें डॉ एवं बाबासाहब, दोनों ही शब्द आयेंगे। किन्तु आप ही बतायें: क्या आप उ.प्र के अंबेडकर नगर का नाम भी बदल पायेंगे, और यह उचित होगा कि डॉ.बाबासाहब अम्बेडकरनगर, अपनी इच्छा से कर दें, या गांधीनगर को महात्मा गांधी नगर या मोहनदास कर्मचन्द गांधी नगर किया जाये, या लखनऊ के इन्दिरानगर को इन्दिरा गांधी नगर, इत्यादि। इसी प्रकार आप किसी स्थापित नगर के नाम या किसी स्थापित व्यक्ति के नाम को अपनी इच्छा से बदल नहीं सकते हैं। हां प्रसिद्धि के कारण किसी को कुछ भी कहा जाता हो, आप उसका उल्लेख लेख में अवश्य कर सकते हैं (एक बार) किन्तु शीर्षक में नहीं जोड़ा जाता है, जैसे सुभाष चन्द्र बोस न कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रबीन्द्रनाथ ठाकुर न कि गुरुदेव रबीन्द्रनाथ ठाकुर, जवाहरलाल नेहरू न कि पण्डित जवाहरलाल नेहरू, इत्यादि। अब क्या आप ऐसा भी कहेंगे कि ये व्यक्तित्व भी आर्यावर्त जी के कोपभाजन हैं, जो इनके नाम में भी उक्त उपाधियां नहीं जोड़ी गई हैं। यहां तक कि अकबर महान, अशोक .महान, राजा भोज (परमार भोज) तक उपाधियों से वञ्चित हैं। भोज के नाम के आगे परमार इसलिये लगाना पड़ता है, क्योंकि अन्यथा भोज का अर्थ भोजन से जुड़ जाता है, अतएव इसे राजा भोज या परमार भोज लिखते हैं।
हाँ, एक सुझाव अवश्य दूंगा, जो आपको शायद पसन्द आये:--- आप डॉ भीमराव आम्बेडकर, बाबासाहब भीमराव आम्बेडकर, इन्हीं के अम्बेडकर तथा आम्बेडकर नामरूप के लेखनामों को वर्तमान लेख पर अनुप्रेषित कर सकते हैं। बाकी डॉ की उपाधि लेख में उच्च शिक्षा शीर्षक के अन्तर्गत्त उन्हें औपचारिक रूप से ८ जून १९२७ को कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा पीएच.डी. प्रदान की गयी।: इस वाक्य के बाद उल्लेख की जा सकती है। ऐसे ही बाबासाहब का उल्लेख ज्ञानसन्दूक में अन्य नाम के अन्तर्गत्त, आरम्भ में कोष्ठक में -- इन दोनों स्थानों पर किया ही हुआ है, वर्ना कर सकते थे।
आशा है अब कोई शिकायत शेष नहीं होगी। इस बात से निश्चिन्त रहें कि यहां कोई किसी नेता/व्यक्तित्व का विरोधी या समर्थक नहीं है, यदि है भी तो उसका प्रभाव लेखों पर नहीं पड़ना चाहिये। और न ही ऐसी भ्रांति किसी को पालनी चाहिये। हम सब एक मंच पर एक लक्ष्य के लिये एकत्रित हुए हैं, वह लक्ष्य है हिन्दी विकि को उच्चतम स्तर तक ले जाना, न कि दलित समाज को उठाना, या उच्च वर्ग की बपौती सिद्ध करना, न ही किसी धर्म विशेष, न ही किसी जाति विशेष के बारे में प्रचार करना उद्देश्य होना चाहिये-- सब पाठ मात्र विश्वकोशीय नितियों के अन्तर्गत होना चाहिये। इसको ध्यान में रखते हुए अपने लक्ष्य की ओर केन्द्रित रहें।आशीष भटनागरवार्ता 11:32, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)
@Salveramprasad: जी, आपके उस सम्पादन को बाबासाबह शब्द के लिए नहीं किन्तु लेख के बिच इसप्रकार से कड़ी जोड़ी नहीं जाती इसलिए हटाया गया था। और मेरे वार्तापृष्ठ पर मैने आपको जो जवाब दिये है वह भी कड़ी न जोड़ने के लिए दिये है। लेख में जहाँ जहाँ बाबासाहब शब्द होना ही चाहिए एसा आपको लगता है उसके बारे में आप लेख के वार्तापृष्ठ पर स्पष्ट लिख दीजिये अत: हो जायेगा। दूसरी बात पूर्व भी आप दोनों को प्रबंधक आशीष जी बता चूके है कि यहाँ किसी को किसी से राग या द्वेष नहीं होता, विष और अमृत दोनो के लेख समान है। यहाँ केवल आपके ही नहीं किन्तु सभी के सम्पादनों की जाँच होती है और इसका दायित्व पुनरीक्षक एवं प्रबंधक दल में सामिल सभ्यों का होता है। आप दोनो ने यहाँ जो व्यक्तिगत आक्षेप किये है उनके लिए भी आप दोनों को प्रतिबंधित किया जा सकता है अत: एसा करने से बचें।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 12:02, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)
मैं उपरोक्त चर्चा में व्याकरण की दृष्टि को भी सामने रखना चाहता हूँ। व्याकरण की दृष्टि से किसी व्यक्ति के नाम का उल्लेख पहली बार किया जाता है और उसके बाद तब तक 'वह', 'वे' , 'उन्होने' 'उनका' , आदि सर्वनामों का प्रयोग किया जाता है और तब तक नाम का पुनः उल्लेख नहीं किया जाता जब तक 'सन्देह' उन्पन्न होने की कोई सम्भावना न दिखने लगे। उदाहरण के लिये, एक राजा थे। उनका नाम जनक था। वे बड़े ज्ञानी थे। उनके राज्य में प्रजा सुखी थी। एक बार उनके राज्य में पानी नहीं बरसा, सूखा पड़ गया। आदि। ऐसा नहीं लिखते हैं- एक राजा थे। उनका नाम जनक था। जनक बड़े ज्ञानी थे। जनक के राज्य में प्रजा सुखी थी। एक बार जनक के राज्य में पानी नहीं बरसा, सूखा पड़ गया।' ----अनुनाद सिंह (वार्ता) 13:34, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)
सन्देश हिवाले के तर्कों से यह प्रतीत होता है कि विकी नीतियों के स्थान पर सन्देश हिवाले व्यक्तिगत निष्ठां से प्रभावित हैं-- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 13:47, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • संदेश हिवाले मुझे कठपुतली का प्रयोग करते हुए प्रतीत हो रहे है:-
  1. Suresh kumar pal (वार्ता योगदान)
  2. आर्यावर्त123 (वार्ता योगदान)
@संदेश हिवाळे: क्या आप ये चाहते हैं कि अन्य लेखों में जो कमियाँ हैं उन्हें आप हर लेख में लिखना पसन्द करोगे। आपने दो लेखों के उदाहरण दिये हैं जहाँ से मैंने "डॉ॰" हटा दिया है। आप किसी के अनुयायी हो, इसका मतलब यह नहीं कि आप उसे विकिपीडिया के लेखों में रखोगे। इसके अतिरिक्त अनुनाद जी ने एक अच्छा सन्देश लिखा है क्या आपको इसके लिए कोई सुझाव मिल रहा है? क्या आपने एक भी ऐसा कारण बताया जो यह सिद्ध कर सके कि आपको क्यों न प्रतिबन्धित किया जाये! आपको यहाँ विवाद पैदा करने के लिए नहीं बुलाया गया है कृपया सकारात्मक विचार रखें। इसके अलावा यहाँ समर्थन और विरोध करने वालों के लिए भी लिख दूँ कि ऐसे मामले में समर्थन और विरोध महत्त्व रखता है लेकिन इसमें अधिक महत्त्व उन मतों को मिलता है जो प्रबन्धक और पुनरीक्षक हैं क्योंकि उन्हें ही ऐसे सम्पादनों से गुजरना पड़ता है अतः कृपया अपने मत को एक सार्थक तर्क के साथ रखें।
@पीयूष जी: कृपया किसी प्रबन्धक से वो कारण (व्यक्तिगत ईमेल अथवा किसी अन्य माध्यम से भी) साझा करें जिनके कारण आप कठपुतली जाँच करवाना चाहते हो! मुझे तो इन सदस्यों के सम्पादन बहुत कम लग रहे हैं अतः मुझे इसकी अधिक आवश्यकता महसूस नहीं हो रही।☆★संजीव कुमार (✉✉) 16:38, 24 फ़रवरी 2017 (UTC)
साँचा:सुनो:हिंदुस्तान वासी मुझे कठपुतली बोलने वाले आर्यावर्तजी के कठपुतली साथी, विपत्र भेजकर या मुझे और संदेश हिवाळे का आय पी पता या गुगल लोकेशन का सहारा ले. कृपया मुल विषय पर ध्यान दे. आशीष जी जहा बाबासाहाब है, वहा बाबासाहाब और जहा भीमराव आंबेडकर है| वहा वह ही रहने दे ऐसे हमारे चर्चा का रुख है| हमने कहींभी ऐसा विधान नही किया कि , आंबेडकर नगर का नाम बदलकर भीमराव आंबेडकर या बाबासाहाब आंबेडकर रखो. बाबासाहाब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्याल के मूल नाम जो जैसा है वह वैसा ही रहने दे ऐसा हम कहते है| जिसका हम प्रमाण भी देते है| कृपया देखे [1] जो आर्यावर्त जी बदल नही रहे, और विपरीत वे मुझे भी BLOCK करने कि धमकी दे रहे है| Salveramprasad (वार्ता) 03:21, 25 फ़रवरी 2017 (UTC)

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मैने इसे पहले ही जाँच हेतु यहाँ रखा था किन्तु इनके सम्पादन इतने ज्यादा न हेने के कारण साबित नहीं हो पाया किन्तु सभी सदस्य सहमत हो तो ये तीनों खोतो को प्रतिबन्धित करना चाहिए वरना ये लेग प्रतिदिन वही विवाद खड़ा करते रहेंगे। ये स्पष्ट है कि एक खाता केवल संदेश जी का पक्ष मजबूत करने हेतु यहाँ आया है और आर्यावर्त123 नाम का खाता तो लेख में स:आर्यावर्त के सम्पादनों को पूर्ववत करने के लिए ही बनाया गया था। इसके अलावा इन देनों खातों का हिन्दीविकि पर कोई योगदान नहीं है। मेरे खयाल से यहाँ सदस्य को समझाने से कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि ये सबकुछ कर चूके है। व्हाट्सएप पर भी दो प्रबंधक और दो पुनरीक्षको ने समझाने की बहुत कोशिषे की थी। इतना ही नहीं किन्तु अंग्रेज़ीविकि पर तीन चार बार अवरोधित करके सुधरने के लिए समय देने के बाद भी न सुधरे अत: प्रतिबन्धित किया गया जो वहाँ उनके वार्तापृष्ठ पर देखा जा सकता है। B.R.Ambedkar लेख का इतिहास भी देखा जा सकता है।

हर बदलाव और सुधार के बाद सदस्य और उनके दल के लोग पुनरीक्षको से भीड जाते है और सुधार का काम बाधित हो गया है अत: मैं प्रबंधको से अनुरोध करता हूँ की यथासंभव इति शीघ्र प्रतिबन्धित करें।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 03:34, 25 फ़रवरी 2017 (UTC)

@Salveramprasad: जी, लेख में सुधार हेतु आप अपनी इस बात को सम्बन्धित लेख के वार्तापृष्ठ पर रखिये। यहाँ चर्चा का विषय प्रतिबन्धित करना ही है। विषयांतर से बचने हेतु ये नाम में सुधार की चर्चा आपको अलग से उस लेख के वार्तापृष्ठ पर रखनी होगी। यहाँ ये बतायें कि आपको प्रतिबन्धिक क्यों न किया जायें?--☆★आर्यावर्त (✉✉) 03:58, 25 फ़रवरी 2017 (UTC)
@आर्यावर्त: आपने यह जाँच किस आधार पर करवाई? क्या आपने हिन्दी विकिपीडिया पर किसी से इसके लिए सलाह ली? इस जाँच के पिछे आपके व्यक्तिगत स्वार्थ थे या विकि-हित? यदि जाँच सफल रहती तो मैं आपको ये प्रश्न नहीं करता लेकिन यहाँ कुछ सामुदायिक फैसले होते हैं। इस समुदाय का मैं भी और आप भी हिस्सा हैं लेकिन आपको ध्यान रखना चाहिए कि जिन सदस्यों को आपने इस जाँच में रखा वो भी इसी समुदाय में हैं। हाँ, कुछ सदस्य नये हैं और उनको नियमावली का उतना ज्ञान नहीं है जितना आपको है। अतः कभी भी ऐसी जाँच अपने आप से न करें। यदि आपको ऐसी जाँच की आवश्यकता महसूस हो तो किसी प्रबन्धक (वर्तमान में ६ सक्रिय प्रबन्धक हैं) से सलाह लें अथवा उन्हें इसके लिए आग्रह करें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 08:02, 25 फ़रवरी 2017 (UTC)
@संजीव कुमार: जी, नमस्ते। हिन्दी विकिपीडिया में वि:कठपुतली पृष्ठ पर कठपुतली खातों की नीति है। वहाँ लिखा है कि:-
कठपुतली खातों से निपटना

अगर किसी सदस्य को किसी/किन्ही खाते/खातों पर कठपुतली होनी का शक है तो इन खातों से निपटने के उसके पास दो रास्ते हैं:

  1. इसकी सूचना प्रबंधक सूचनापट पर या किसी भी प्रबंधक के वार्ता पृष्ठ पर दे।
  2. मेटा विकि पर चॅकयूज़र से संदिग्ध खातों की जाँच के लिए निवेदन करे।

इस प्रकार दूसरे रास्ते का प्रयोग करके कुछ खातें कठपुतली होने की शंका का निराकरण किया गया था। जाँच का अनुरोध करने वाला सदस्य (स्वयं) पुनरीक्षक है और पुनरीक्षण के दौरान कुछ खातें से इस प्रकार की गतिविधियाँ पायी जाती है कि कठपुतली होने की शंका को जन्म देती है। इसी प्रकार की शंका साथी पुनरीक्षक को भी हुई। इसमें व्यक्तिगत कुछ नहीं होता। इस प्रकार की गतिविधियों को रोकना पुनरीक्षक का भी दायित्व है। हालाँकि कठपुतली पाये जाने के बाद प्रतिबन्धित करने के लिए तो प्रबंधको के पास ही रख़ना पड़ेगा किन्तु जाँच के लिए अनुरोध तो कोई भी कर सकता है। जाँच करने से शंका का निवारण हो जाता है। मुझे प्रथम प्रबंधको के सामने रखने में भी कोई आपत्ति नहीं है किन्तु न तो वि:कठपुतली पे एसा कोई नियम लिखा है न तो मेटा पर एसा आग्रह रख़ा जाता है अत: इस प्रकार की कोई प्रथा है भी तो मुझे ज्ञात नहीं है। आपको लगता है कि मैने कुछ गलत किया है तो क्षमाप्रार्थी हूँ। पुनरीक्षको को किसी से व्यक्तिगत राग द्वेष नहीं होते, विकि का हित और नियमों को सामने रखकर ही पुनरीक्षक अपना दायित्व निभाता है/निभाना चाहिये।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 09:29, 25 फ़रवरी 2017 (UTC)

@आर्यावर्त: यदि आपको किसी प्रबन्धक के लिए लगे कि वो किसी कठपुतली कार्य में शामिल है अथवा उसका सहयोग कर रहा है तो आप सीधे मॅटा पर जायें। अन्यथा आप प्रबन्धक सूचनापट पर बात लिखे बिना ही मॅटा पर जाने का कार्य कर रहे हैं वो सही नहीं है। आपके साथी पुनरीक्षक को ऐसा लगा तो उन्होंने इस बात को यहाँ रखा जो उचित कदम था।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:20, 25 फ़रवरी 2017 (UTC)
जी ठीक है संजीव जी।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 10:22, 25 फ़रवरी 2017 (UTC)
@आर्यावर्त:जी! आपके द्वारा उद्धृत विकिपीडिया/मीडिया के नियम तो सही हैं, किन्तु कुछ बातें आपको किसी भी विवाद में पड़ने से बचा लेती हैं, उन्हीं में से एक यह भी है। यदि आप प्रबन्धक को विश्वास में लेकर या उनके संज्ञान में रहकर कार्य करते हैं, तो आपको उनसे पूरा समर्थन भी मिलता है, तथा आप अकेले पड़ने की स्थिति में नहीं रहते हैं। हाँ यहां आपके द्वारा उठाया गया मुद्दा सही है, किन्तु अनावश्यक विवाद में फंसने से तो बच ही सकते थे। अब जैसा कि संजीव जी ने भी लिखा ही है कि यदि निर्णय आपके पक्ष में रहत है, तब तो वे भी आपको सही मानेंगे, किन्तु इसके विपरीत निर्णय की स्थिति में आप अकेले पड़ सकते हैं। अतः मेरा भी यही विचार है। इसके लिये आप चाहें तो अलग से भी किसी प्र० से चर्चा कर के आगे बढ़ सकते हैं।
@आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, और SM7: जी, प्रतिबन्धित करने वाले बिन्दु पर, यदि एक बार और उन्हें ये बता दिया जाये कि यहां वैसे ही कारगर सम्पादनकर्त्ताओं का अभाव है, अतः हमें लेख लिखने वाले उपयोक्ताओं की आवश्यकता है, किन्तु यहां का अनुशासन भी पालन करें, तथा ऐसी स्थिति उत्पन्न करने में सहायक न बनें कि मुख्य कार्य से हटकर सभी इन बातों में ही उलझे रहे, व प्रगति में व्यवधान पड़े। अतः स्वस्थ सम्पादन करने के इच्छुक उपयोक्ताओं का सदा ही स्वागत है, अतएव यदि वे चाहें तो इस बात को यहीं भुला कर आगे बढ़ें व विवादित चर्चाओं से बचने का आश्वासन दें। इसके बाद स्वस्थ सम्पादन पुनरारम्भ करें। चाहें तो जिस विषय पर विवाद उत्पन्न होने की आशंका है, उस विषय को ही बदल लें। साथ ही ये भी ध्यान रखें कि यहां विकि के नियम सर्वोपरि लागू होंगे न कि किसी अन्य संविधान के(कृपया अन्यथा न लें)। हम हर स्थिति में यही चाहेंगे कि संपादनकर्त्ता को समझा-बुझाकर किसी तरह योगदान के लिये प्रोत्साहित ही किया जाए, एवं प्रतिबन्धित करने का निर्णय अंतिम स्थिति में ही होता है।आशीष भटनागरवार्ता 04:50, 26 फ़रवरी 2017 (UTC)
कृपया सदस्य का वार्ता पृष्ठ देखें। अब से तकरीबन छह महीने पहले इन्हें चेतावनी दी गयी थी और साथ ही विकिपीडिया की नीतियों और सहायता सामग्री की कड़ियाँ भी। इसके बाद भी इन्हें समय समय पर सदस्यों द्वारा सन्दर्भ देने और तटस्थ लेखन के लिए कहा जाता रहा। मुज़म्मिल जी द्वारा बाद में भी इनके वार्ता पृष्ठ और इनके द्वारा संपादित पन्नों के वार्ता पृष्ठों पर आपत्तियाँ दर्ज की गयीं। कई बार इन्होने विकिअनुरूप लेखन का वादा तो किया लेकिन हर बार यह बस शाब्दिक ही रहा, बाद में अपनी वही एकतरफा शैली पर वापस आ जाते हैं। अतिशयोक्ति से बचने के अनुरोध और चेतावनियों के बाद भी इनका रवैया चेतावनी देने वाले को ही नकारात्मक साबित करने का रहा है और इन्हीं के शब्दों में "आप मेरी चिंता ना करें, दुनिया में लेख लिखने का केवल विकिपीडिया माध्यम नहीं है। और मुझे आपसे कुछ भी सिखने अब आवश्यकता नहीं है।" जैसे वक्तव्य देते दिखे। पुनरीक्षक नेहल जी द्वारा इन्हें समझाने का और व्यक्तिगत प्रयास भी हो चुका। अब इसे यह हिंदी विकिपीडिया की उदारता कहें या संपादनों की उचित जाँच की उपेक्षा, कि इनके इस तरह के सम्पादन छह महीने से जारी हैं और अभी तक समझाने का प्रयास ही चल रहा है, जबकि ये कई अति महत्वपूर्ण लेखों ("भीमराव आम्बेडकर" लेख हमेशा विकिपीडिया के टॉप पाँच सबसे ज्यादा देखे जाने वाले लेखों में से एक रहता है) को विकिनीतियों के सर्वथा उल्लंघन तक बदल चुके हैं। सदस्यों की कमी हमारी समस्या और कमजोरी अवश्य है किन्तु इस कारण लगातार इतने समय तक चल रहे विकिनीतियों के उल्लंघन की उपेक्षा नहीं की जा सकती कि वो भावी संपादकों को अपनी गलतियाँ सही साबित करने का उदाहरण बन जाए। उपरोक्त को देखते हुए यह नहीं लगता कि अब समझाने या उपेक्षा करने के लिए कुछ बचा है। --SM7--बातचीत-- 07:10, 26 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • इस चर्चा में हमारी दृष्टि में निम्न बिंदु उभर कर आये:
  • चर्चा सन्देश हिवाळे के अवांछनीय संपादन को लेकर हुई।
  • सन्देश हिवाळे ने आरोपों का उत्तर घुमा फिराकर दिया।
  • चर्चा मुख्य विंदु से हटती चली गयी।
  • क्या निरीक्षक/प्रबंधक के आरोप गलत हैं?
  • आवश्यकता इस बात की है कि सबसे पहले निरीक्षक/प्रबंधक के आरोपों का सत्यापन किया जाना चाहिए और यदि ऐसा नहीं किया गया तो निरीक्षक/प्रबंधक का मनोबल टूट सकता है।
  • आरोपों के परीक्षण के बाद विकी के हित में प्रबंधकों को निर्णय पर विचार करना चाहिए। -- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 10:12, 26 फ़रवरी 2017 (UTC)

आशिष जी क्षमा करें, आंबेडकर जी के योगदान धडाधड हटाने वाले हिंदुस्तान वासी पियुष जी का नाम मुझे लिखता था।

मेरा सबसे बस यहीं अनुरोध है की जहाँ अधिकृत रूप से 'बाबासाहेब' शब्द इस्तेमाल है उसे 'भीमराव' में न बदले, इसमें अधिकतर विश्वविद्यालय, फिल्म, विमानक्षेत्र के नाम शामिल है।

मैंने जब पहले 'डॉ॰ भीमराव आंबेडकर भीमराव नाम से प्रसिद्ध है, और लेख के साँचे में अन्य नाम के आगे भीमराव शब्द था, मैंने इन दो जगहों के 'भीमराव' शब्दों बाबासाहेब में बदलने की विनती की थी, किंतु आर्यावत जी ने इसका भी जमकर विरोध ही किया, और इससे मेरा मनोबल टूटा क्योंकि यहां सही शब्दों को भी नकारा गया था, तब मैंने लेखन के लिए विकिपीडिया के अलावा भी अन्य माध्यम है ऐसा जवाब दिया था।

मैं कोई कटपुतली नहीं हूँ, मेरा हमेशा यही स्पष्ट मत रहा की डॉ॰ आंबेडकर के लेखों के लिए जो नियम इस्तेमाल किये जाते वो नियम सभी लेखों पर भी लागू हो, जैसे डॉ॰ / डॉक्टर आदी शब्द

भीमराव आंबेडकर लेख में 'आंबेडकर बुद्धिमान छात्र था, उसने कोलंबिया एवं लंडन विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट प्राप्त की..।'

ऐसे शब्दों का किन महापुरूषों के लेख में है, थे, उन्होंने ऐसे केवल अन्य लेखों के लिए ही क्यो है? यह उनकी विद्यार्थी दशा है किंतु फिर ऐसे शब्द अनादर्नीय शब्द केवल उनके ही क्यों है।

साफसफाई करते करते आंबेडकर के लेखों में से कई महत्त्वपूर्ण तथ्य भी गायब है, २२ प्रतिज्ञाएँ से भी आपत्ती??, महानतम भारतीय (सर्वेक्षण) का भी पूरा भाग गायब किया, उनके योगदान भी हटायें, प्रशंसक भी हटाये। अगर आप बाबासाहेब संबंधी हर नयी बातों को केवल प्रसंनिय कहकर हटा दोंगे तो आप आंबेडकर को संविधान निर्माता एवं दलित मसिहा तक ही सिमीत रक रहे है। इन दोनों के अलावा भी उनके भारत के लिए बडे है, उनके योगदान संशिप्त होंगे तो अच्छा रहता किंतु सब को हटाना क्या दर्शाता है?

आंबेडकर जी लेखों से तीन विकिपीडियन्स द्वारा हटाये गये संपादनों में लेख पर रखने लायक भी बहूत जानकारी थी, इसे कृपया वरीष्ठ विकिपीडियन्स जाँचे, सब भाग रद्दी या विकि नियमाविरूद्ध नहीं था।

आर्यावत जी को बाबासाहेब के बारे बहूत ही कम जानकारी है, इसलिए वे उनकी हर नई बातों पर संदेह ही करते है। उन्होंने बाबासाहेब की हर नई बातों को प्रशंसक श्रेणी में ढकेलकर नहीं मिटाना चाहिए।

लेख में इन्हें भी देखें में भी उन्होंने अधिकृत बाबासाहेब शब्दों को हटाकर भीमराव लिखा है। संदेश हिवाळे (वार्ता) 13:11, 26 फ़रवरी 2017 (UTC)

  • किसी व्यक्ति के मूल्यांकन करने में जीवन काल में अर्जित उपलब्धियों का ही केवल मूल्याङ्कन किया जाता है। मृत्यु के पश्चात् केवल किसी संस्था द्वारा प्रदत्त पुरस्कार भी गणना योग्य माने जाते हैं। मृत्यु के पश्चात् व्यक्ति की कोई उपलब्धि नहीं होती। मृत्यु के पश्चात् किसी के द्वारा चाहे प्रशंसा हो या फिर उसकी याददास्त में किसी संस्था का नामकरण हो यह व्यक्ति की उपलध्धि नहीं है. -- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 15:10, 26 फ़रवरी 2017 (UTC)

परिणाम घोषित किया जाए[संपादित करें]

मुझे नहीं लगता कि संदेश जी को समझ में आएगा कि वो क्या गलत कर रहे है। उनके हिसाब से सब लोग जो अम्बेडकर जी से संबंधित लेखों में तटस्थता बनाए रखना चाहते हैं वो उनसे घृणा करते है और उनके विरोधी है। अंग्रेज़ी विकि पर भी उनको समझाया गया कि ऐसा न करें वो नहीं माने और अंतत उन्हें तीसरी बार में अनिश्चित काल के लिये ब्लॉक करना ही पड़ा। मुझे लगता है हमें ये देखना चाहिये कि इन्हें ब्लॉक करने से कितने सदस्यों का समय बचेगा जिसे वह किसी और सार्थक काम में लगा पाएंगे। एक सदस्य के पीछे पूरा विकि समुदाय समझाने में लग जाए कोई फलदायी कार्य नहीं। मेरे ख्याल से सब यहाँ पर इस बात से सहमत होंगे। विकि के हित में इनपर प्रतिबंध बेहद जरूरी है।--पीयूष सदस्य:हिंदुस्थान वासी (वार्ता) 16:58, 26 फ़रवरी 2017 (UTC)

सभी प्रयास पूर्ण हुए समाधान और समझाने के। अब अन्तिम निर्णय प्रतिबन्ध ही हो और शीघ्र हो। थोडी भी शिथिलता बताई न जाये आङ्ग्ल विकि के समान यहाँ स्थायी रूप से प्रतिबन्धित किया जाये। अस्तु। ॐNehalDaveND 10:06, 27 फ़रवरी 2017 (UTC)
मुझे भी यही लगता है। समझाने के हरसंभव प्रयास किये गये हैं। अति सर्वथा वर्जयेत्। अब प्रतिबन्धित नहीं करेंगे तो कल कोई भी इसे विकि समूदाय की कमजोरी मानकर अपने मनेमें ये भावना पोषित करेगा कि प्रतिबन्धित नहीं किया जाना चाहिए और चलने देना चाहिए। प्रतिबन्ध अंतिम कदम ही होना चाहिए किन्तु यहाँ समझाने के बहुत प्रयास किये गये; अब परिस्थिति ये है कि इसके कारण लेख का सुधार और पुनरीक्षण का कार्य बाधित हो रहा हैं। पुनरीक्षकों के उपर ज्यादातर व्यक्तिगत आरोप लगा दीये जाते हैं, कुछ सदस्य तो गालीगलोच पर उतर आते हैं और एसा दो तीन बार हुआ भी हैं। इस हालात में बर्बरता के खिलाफ लडने वालें कम होते जा रहे हैं और भविष्य में कोई एसा साहस नहीं करेगा। मुझे आंबेडकर जी या इस सदस्य के सामने व्यक्तिगत रुप से कोई समस्या नहीं है किन्तु ये बात सदस्य को समझाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन लग रहा है। वैसे मुझे छ माह के लिये ही ये दायित्व मिला था और मैं यथासंभव मेरे इस दायित्व को निभाने की कोशिश कर रहा हूँ।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 10:27, 27 फ़रवरी 2017 (UTC)
प्रतिबन्ध करने के आलवा कोई विकल्प नही है। --जयप्रकाश >>> वार्ता 04:59, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
क्या ऐसा सम्भव नहीं है कि चुने हुए ५-१० लेखों में सन्देश को सम्पादित करने से रोक दिया जाय (६ माह या एक वर्ष के लिये) और अन्य लेखों / अन्य विषयों पर लिखने की पूरी छूट हो?--अनुनाद सिंह (वार्ता) 05:18, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
@अनुनाद सिंह: आपकी भावना का सम्मान करते हूए मैं यह कहना चाहता हूँ कि, यह एक दल है जो इस प्रकार के कार्यों में रत है। उसमेें से एक यह व्यक्ति है। मैंने व्यक्तिगत रूप से भी उसे समझाने का बहुत प्रयास किया है, परन्तु ये उपद्रव के अतिरिक्त और कुछ करना ही नहीं चाहते हैं। आपके इस निवेदन से पुनः अवसर मिल जायेगा उनको उपद्रव करने का। अतः निवेदन है कि आप मेरे कथन पर विचार करके अपना अभिप्राय बदलें। स्थायी प्रतिबन्ध ही उपाय है। अस्तु। ॐNehalDaveND 08:35, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
मैने जो ऊपर लिखा है वह मेरा 'वोट' नहीं है, बस एक सम्भावना की तरफ संकेत है। वैसे भी इस विषय पर मतदान तो होना नहीं है। अधिकृत लोग अपने विवेक से अन्तिम निर्णय लेने वाले हैं। मेरा तो यह कहना है कि ऐसा करना चाहिये कि साँप भी मर जाय और लाठी भी न टूटे। हिन्दी विकि में जो 'उपद्रव' हो रहा है वह बन्द भी हो जाय और हिन्दी विकि से कोई 'भगाया' भी न जाय, बल्कि स्वागत हो।--अनुनाद सिंह (वार्ता) 09:22, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
आर्यावर्त ने जब प्रतिबंध के लिये कहा था तो मैंने भी यही सोचा था और उनको समझाने के प्रयास किये। परन्तु उपद्रव कम न हो कर और बढ गया। फिर भी आप जैसे सक्रियतम व्यक्ति के निवेदन को ध्यान में रखते हुए, मैं चाहूँगा कि उनको एक सूची दी जाये और कहा जाये कि इसके बाद यदि आपने इन लेखों में सम्पादन किया प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, तो आपको प्रतिबन्धित कर दिया जायेगा। यह काम केवल आर्यावर्तजी ही कर सकते हैं, क्योंकि उन्होंने पूर्व ही कुछ सूची बनाई थी। अब उसमें कुछ और लेख जोड़ कर स्थापित कर सकते हैं। अस्तु। ॐNehalDaveND 09:36, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
@अनुनाद सिंह और NehalDaveND: जी, मैं आप दोनों के सुझावों एवं विकि के हित में उदार दृष्टिकोण का सदैव सम्मान करता हूँ। कोई 'भगाया' न जाय, बल्कि स्वागत हो ये वाक्य से ये प्रतीत होता है कि आप इस प्रतिबन्ध के निर्णय से खुश नहीं है या तो पूर्णत: सहमत नहीं है। इस प्रकार की किसी भी हालत में ये मानना अनुचित नहीं होगा कि पूर्ण सहमती अब तक नहीं बनी है। नेहल जी भी जब ये बात कर रहे थे तब उनको भी मौका दिया गया था किन्तु लाख बार समझाने से भी कोई फायदा नहीं हुआ। अब खुद नेहल जी भी प्रतिबन्ध के पक्ष में है। एक मौका अनुनाद जी आपको भी मिलना चाहिए। तब तक इस चर्चा को लंबित रखा जा सकता है।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 10:44, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
  • संदेश हिवाळे जी एक विशिष्ट विचारधारा के प्रचारक एवं प्रशंसक है और वह किसी कीमत पर विकी में निष्पक्ष रूप से अपन योगदान देने को तैयार नहीं हैं अतः प्रबंधकों को विकी के हित में निर्णय करना चाहिए। -- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 11:53, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)
@अनुनाद सिंह:: ईशावास्य उपनिषद का कहना है कि विनाश,अविद्या के उपासक तो अंधकार में घिरते ही हैं, मात्र निर्माण, विद्य़ा के उपासक भी ऐसे ही अंधकार में गिरते हैं। दोनों को साथ साथ साधना आवश्यक है। अच्छाई, भलाई, गुणों के निर्माण/स्वागत के साथ साथ बुराई, अवगुणों का विनाश/विदाई भी उतने ही आवश्यक है। पर्याप्त अवसर दिए जा चुके हैं, समस्या है कि उनके उद्देश्य और भावनाएँ विकिपीडिया के उद्देश्य और भावनाओं के अनुरूप नहीं हैं। आप वरिष्ठ सदस्य हैं इसलिए आपकी बात को ध्यान में रखना आवश्यक है, किन्तु पुनर्विचार करने के पश्चात् भी मैं इन सदस्य की विदाई के पक्ष में हूँ। पहले ही यह कार्य हमें भारी मन से करना पड़ रहा है, आपके मतांतर से भार और बढ़ रहा है। यहाँ पुनरीक्षकों आदि की पहले ही कमी है, तो अनावश्यक काम बढ़ाया नहीं जाना चाहिए। मैं इनके योगदानों की समीक्षा करते रहने में अपने आपको असमर्थ पाता हुँ, अतः मेरा मत है कि इन्हें प्रतिबंधित किया जाए। --अनामदास 15:02, 28 फ़रवरी 2017 (UTC)

काफी समय से मैं इस चर्चा को देख रहा था, अनेक बार चर्चाएं काफी लंबी खींच जाती हैं और मुद्दे इधर से उधर खिसक जाते है, बात को संक्षिप्त रखते हुए यह ही कहूंगा कि मेरे विचार से दंड देना आवश्य हो चला है, प्रथमतः तीन माह प्रतिबन्ध की मेरी सहमति अगर उसके बाद भी उत्पात जारी रहा तो स्थायी तक के विकल्प खुले हुए हैं। विकिपीडिया किसी विचारधारा का समर्थन नहीं करता तटस्थता भी आवश्यक यह सदस्यों को समझना होगा, अन्यथा ये ज्ञानकोष नहीं युद्धकोष बन जायेगा। किसी एक सदस्य के पीछे सभी का समय व शक्ति व्यर्थ हो यह उचित नहीं है। --- चक्रपाणी  वार्ता  12:20, 1 मार्च 2017 (UTC)

ये न सुधरने का संकेत है। अतः इसे प्रतिबन्धित करें समय बहुत खा रहा है। ॐNehalDaveND 06:55, 2 मार्च 2017 (UTC)
@आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, और SM7: जी, आज का ये सम्पादन देखने से पता चलता है की सदस्य अभी भी सम्पादन युद्ध कर रहे है। सदस्य के वार्तापृष्ठ पर आंबेडकर जी और बौद्ध धर्म के संबन्धित सम्पादन से दूर रहकर अन्य विषयों पर सम्पादन करने के लिए कहा गया था। बीच में आशीष जी ने कहा था की केवल सविताबाई वाले लेख में सम्पादन करने की अनुमति दी जाए किन्तु सदस्य के द्वारा वही पुराने प्रकार के सम्पादन करना प्रारम्भ किया गया है। अतः कोई निर्णय लें। सदस्य के और मेरे पन्ने पर आज की चर्चा को भी देखिये। इस प्रकार से पुनरीक्षण करना बहुत ही मुश्किल हो गया है।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 06:22, 15 मार्च 2017 (UTC)

मैंने जो संपादन किये है वे गलत है या सही ये न जानते हुए उन्हें हटा देना और इसके लिए आपको विकि सदस्यों का समर्थन मिलना यह सब वाकई अद्भूत है!! वरिष्ठ जाचें की मैंने पिछले दिनों में कितने और क्या क्या संपादन आंबेडकर एवं बौद्ध संबंधा लेखों में किए है? नेहरू युवा केन्द्र संगठन यह मेरा लेख भी आंबेडकर प्रति प्रचार श्रेणी में आता होंगा शायद इसे भी जांचे। और आंबेडकर जयंती लेख से संदर्भ वाले उनके कुछ असली योगदानों को हटाना वाकई विकि निती के अनुसार सही है या मेरे कुछ सही लिखने में विकिनुसार गलत है?? आर्यावत जी और संजीव जी का विकि सदस्यों की ऐसा रवय्या भविष्य में हिन्दी विकि को को नूकसानदायक ही सिद्ध होंगा। वरिष्ठ सदस्य मेरे संपादनों (आंबेडकर के योगदान) की समिक्षा करे वे गलत है या नहीं? केवल कुछ सहस्य जो कह रहे है उसपर ही निर्भर न होकर स्वयं देखें और गुगल पर भी इनकी सत्यता जानें।

वरिष्ठ विकि सदस्य एवं अन्य प्रबन्धक जो भी निर्णय लेंगें मुझे ओ मंजूर होंगा। अब चर्चा समाप्त करें। संदेश हिवाळे (वार्ता) 12:44, 15 मार्च 2017 (UTC)

हिन्दी की लाभ हानि का निर्णय अब भविष्य पर छोडना चाहिये। अभी केवल प्रतिबन्ध ही हो। ॐNehalDaveND 13:10, 15 मार्च 2017 (UTC)

ट्विंकल क्षति[संपादित करें]

ट्विंकल से हटायें गये लेख के वार्तापृष्ठ को शीह नामांकित करने के बाद {{शीह-talk}} लगता है जो साँचा उपस्थित नहीं है। जैसा यहाँ देखा जा सकता है।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 10:13, 25 फ़रवरी 2017 (UTC)

इसके लिये मैंने {{शीह-वार्ता}} बनाया है। किसी को आपत्ति हो तो बताए।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 15:43, 21 मार्च 2017 (UTC)
{{शीह-वार्ता}} को ट्विंकल में जोड़ दिया गया है। कृपया इसे मापदंडों में शामिल करने पर विचार करें। "अनुपलब्ध/हटाये गए पृष्ठ का वार्ता पृष्ठ जिसकी विकिपीडिया पर अन्य कोई उपयोगिता नहीं है।" के रूप में इसे एक मापदंड के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए। --SM7--बातचीत-- 05:23, 22 मार्च 2017 (UTC)

फ़ाइल रहित पृष्ठ में कार्य[संपादित करें]

नमस्ते सर्वेभ्यः! @Mala chaubey, Manojkhurana, आर्यावर्त, अनुनाद सिंह, SM7, संजीव कुमार, Suyash.dwivedi, अजीत कुमार तिवारी, आशीष भटनागर, चक्रपाणी, और Jayprakash12345: इत्यादि सर्व सक्रिय गण। मैं इस में कार्य करने के लिये सज्ज हूँ। कृपया इस श्रेणी के पृष्ठ में इसकी उपयोगिता और उद्देश देखकर अपना मत यहाँ देवें। ॐNehalDaveND 10:36, 1 मार्च 2017 (UTC)

आपको श्रेणी:चित्र जोड़ें भी देखना चाहिए -- (वार्ता) 10:54, 1 मार्च 2017 (UTC)
जी सत्यंजी ने जो बताया उसके अनुसार भी मैं यही करने जा रहा था और आपने भी बात दिया धन्यवाद। ॐNehalDaveND 11:16, 1 मार्च 2017 (UTC)
नेहल जी, वैसे आपने मेरे सुझाव को परिवर्तित क्यों किया?-- (वार्ता) 17:31, 3 मार्च 2017 (UTC)
त्रुटिवश हो गया क्षमा। ॐNehalDaveND 04:11, 4 मार्च 2017 (UTC)
शीर्षक भी अलग था। ओटोविकि से सब बदल दिया! चर्चा का मतलब ही बदल गया।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 12:02, 7 मार्च 2017 (UTC)

सदस्य:MANOJ JAAT[संपादित करें]

इनके पिछले कई खातों को एक से अधिक खाता खोलकर परेशान करने के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह इस खाते से भी उसी तरह का कार्य कर रहे हैं जैसा पिछले खातों से कर रहे थे। -- (वार्ता) 09:08, 7 मार्च 2017 (UTC)

इनके कार्यों से एतराज मात्र विध्वंस का है, जिसके लिए शायद इन्हें मार्गदर्शन की आवश्यकता है। ब्रजभाषा के सिनेमा को विकिपीडिया पर स्थान दिलाना चाह रहे हैं। अभी मैंने इनके पृष्ठ का स्थानांतरण एक उचित नाम पर किया है। समझाकर देखना चाहिए।--अनामदास 11:10, 7 मार्च 2017 (UTC)
@ और Anamdas: जी, सदस्य के साथ हुई चर्चा के अनुसार उनके सम्पादन आपत्ति जनक नहीं थे। सदस्य जो लेख बनाना चाहते थे वो मनोज जी और सदस्य मनोज जी दोनों अलग व्यक्ति हैं। ब्रजवुड पर अच्छा योगदान दे रहे है।--☆★आर्यावर्त (✉✉) 12:22, 10 मार्च 2017 (UTC)
यह सदस्य उन मनोज का प्रचार ही कर रहे है। जिसके लिये ये विकि कार्य बाधित कर रहे है। कृपया इन्हें ब्लॉक करें।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 15:19, 21 मार्च 2017 (UTC)

मुख्य पृष्ठ पर खबर[संपादित करें]

खबर: दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्यून - हाय को संवैधानिक कोर्ट ने पद से हटा दिया। कृपया प्रबंधक गण खबर को शीघ्र अद्यतन करें। धन्यवाद।-- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 11:35, 11 मार्च 2017 (UTC) सभी आपत्तियां दूर कर दी गयीं-- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 16:44, 11 मार्च 2017 (UTC)