माहे

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माहे
Mahé
മയ്യഴി
माहे प्रकाशस्तम्भ
माहे प्रकाशस्तम्भ
माहे की भारत के मानचित्र पर अवस्थिति
माहे
माहे
भारत में स्थिति
निर्देशांक: 11°42′04″N 75°32′13″E / 11.701°N 75.537°E / 11.701; 75.537निर्देशांक: 11°42′04″N 75°32′13″E / 11.701°N 75.537°E / 11.701; 75.537
देश भारत
प्रान्तपुरुचेरी
ज़िलामाहे ज़िला
जनसंख्या (2011)
 • कुल41,816
भाषाएँ
 • प्रचलितमलयालम, फ्रान्सीसी
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
पिनकोड673310
दूरभाष कोड+91-490
वाहन पंजीकरणPY 03
वेबसाइटmahe.gov.in
सन् 1954 में भारत से विलय मांगने वाले स्वतंत्रता सेनानी

माहे (Mahé) या मय्याड़ी (Mayyazhi) भारत के पुदुच्चेरी केन्द्रशासित प्रदेश के माहे ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। माहे ज़िला पूरी तरह केरल से घिरा हुआ है और माहे अरब सागर से तटस्थ है।[1][2]

विवरण[संपादित करें]

सन् १७२२-२३ से यह मद्रास राज्य के मालाबार जिले में फ्रांसीसी कॉलोनी था, किंतु सन् १९५४ में यह फ्रांस के अधिकार से मुक्त होकर पॉन्डिचेरी के साथ ही भारत का केंद्रशासित क्षेत्र बना दिया गया। इसके समीपस्थ भाग में नारियल के वृक्षों के कुंज दृष्टिगोचर होते है। इसका क्षेत्रफल मात्र ९ वर्ग किलोमीटर है। खूबसूरत बालूतट (बीच), चर्च और किलों से समृद्ध माहे पुडुचेरी राज्य का एक जिला है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भी माहे एक छोटा सा जिला है। बावजूद इसके माहे में कई खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां सेंट थैरेस चर्च, थलास्सरी किला, श्री रामस्वामी मंदिर, धर्मडेम द्वीप और पुत्तलम आदि विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह जिला अरबियन समुद्र के दक्षिण-पश्चिम, पोन्नियार नदी के उत्तर और मध्य ऊंचाई पर स्थित पर्वत से घिरा हुआ है। माहे में नारियल, धान और काली मिर्च का उत्पादन काफी अधिक होता है। इस जिले में 61 कुटीर और दो लघु उद्योग है।

प्रमुख आकर्षण[संपादित करें]

सेंट थैरेस चर्च[संपादित करें]

माहे के मलबार स्थित सेंट थैरेस चर्च माहे के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इस चर्च का निर्माण फ्रैंच शासन के दौरान करवाया गया था। प्रत्येक वर्ष पाँच से बाईस अक्टूबर तक यहाँ वार्षिक त्यौहार मनाया जाता है। इस त्यौहार के सबसे प्रमुख दिन चौदह व पंद्रह अक्टूबर होते हैं। काफी संख्या में लोग इस त्यौहार में सम्मिलित होते हैं। माना जाता है कि चर्च में स्‍थापित प्रतिमा समुद्रतट से प्राप्त हुई थी। यह समुद्र तट चर्च के समीप ही है।

ओथिन्न किला[संपादित करें]

यह किला कोजीकोड कन्नूर राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित है। इस किले का निर्माण देटचोली ओथिन्न ने करवाया था।

थलास्सरी किला[संपादित करें]

यह किला माहे से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी इस किले का महत्व अधिक है। इस किले का निर्माण 20 अगस्त 1708 ई॰ को करवाया गया था। थलास्सरी किला एक छोटे पर्वत तिरूवल्लीपद कुन्नु पर स्थित है। यह किला वर्गाकार रूप में बना हुआ है।

श्री रामस्वामी मंदिर[संपादित करें]

यह मंदिर माहे स्थित तिरूवंगद से सिर्फ सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। श्री रामस्वामी माहे के प्रमुख व प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण लगभग 400 वर्ष पूर्व करवाया गया था। इस मंदिर को ब्रास पागोडा के नाम से भी जाना जाता है। श्री रामस्वामी मंदिर भगवान राम को समर्पित है।

धर्मडेम द्वीप[संपादित करें]

माहे से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित धर्मडेम द्वीप 5 एकड़ के फैला है। यह द्वीप पूरी तरह से नारियल के वृक्षों और हरी झाड़ियों से घिरा हुआ है। इस द्वीप का नजारा बीच से और अधिक सुंदर दिखाई पड़ता है। धर्मडेम द्वीप के प्रवेश करने के लिए अनुमति का लेना अत्यंत आवश्यक है।

सेंट जार्ज चर्च[संपादित करें]

चेरूकल्लई के ऊँचे पर्वत पर स्थित सेंट जार्ज चर्च माहे के प्रमुख चर्च के रूप में जाना जाता है। इस चर्च का निर्माण एक फ्रैंच व्‍यक्‍ित ने करवाया था। चर्च के समीप में एक किला भी है। इस किले का निर्माण टी॰वी॰ रिले स्टेशन ने करवाया था।

पुत्तलम[संपादित करें]

पुत्तलम त्यौहार प्रत्येक वर्ष के पहली मार्च को मनाया जाता है। इस त्यौहार के दौरान तेय्यम को पूरी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। तेय्यत्तम उत्तर केरल के सबसे प्रमुख धार्मिक कला है। यह कला-शिल्प, नृत्यकला, चित्रकारी, नृत्य, अभिनय और गायन का संयोग है। पुत्तलम विशेष रूप से यहाँ स्थित पुराने मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर भगवान कुट्टीचेतन को समर्पित है, जो भगवान विष्णु का अवतार रूप है।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

सबसे नजदीकी हवाई अड्डा मदुरई विमानक्षेत्र और चेन्नई विमानक्षेत्र है।

रेल मार्ग

सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन मद्रास और विल्लुपुरम है। इसके अतिरिक्त बंगलुरू से कुड्डालोर भी पहुंचा जा सकता है।

सड़क मार्ग

माहे आसानी से आस-पास के राज्यों से होकर पहुंचा जा सकता है। माहे सड़क मार्ग द्वारा चैन्नई, बंगलुरू और केरल आदि से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 66 यहाँ से गुज़रता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Lonely Planet South India & Kerala," Isabella Noble et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012394
  2. "Tamil Nadu, Human Development Report," Tamil Nadu Government, Berghahn Books, 2003, ISBN 9788187358145