मानगढ़ धाम

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ

मानगढ़ राजस्थान में बांसवाड़ा जिले का एक पहाड़ी क्षेत्र है। यहां मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमाएं भी लगती हैं। यहाँ पर महान संत गोविंद गुरु के नेतृत्व में 1500 भीलों ने अपना बलिदान दिया था। यह बलिदान आजादी के आंदोलन में अब तक ख्यातनाम जलियांवाला बाग के बलिदान से भी बड़ा था और उससे भी पहले हो चुका था।

मानगढ़ धाम बांसवाड़ा जिले में आनन्दपुरी से कुछ दूरी पर बना हुआ है। यह ऐसा स्मारक है जो गुरुभक्ति और देशभक्ति को एक साथ दर्शाता है। करीब सौ साल पहले 17 नवंबर, 1913, मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर गुरु का जन्मदिन मनाने के लिए एकत्र हुए हजारों गुरुभक्तों को ब्रिटिश सेना ने मौत के घाट उतार दिया था।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]