ममता चंद्राकर

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ममता चन्द्राकर
Mamta Chandrakar.jpg
पद्मश्री डा. श्रीमती मोक्षदा चन्द्राकर (ममता चंद्राकर)
आवास दुर्ग , मध्य प्रदेश, भारत
(वर्तमान रूप से छत्तीसगढ़ , भारत)
व्यवसाय सेवानिवृत्त सहायक निदेशक (कार्यक्रम)/कार्यक्रम प्रमुख आकाशवाणी रायपुर , छत्तीसगढ़
जीवनसाथी प्रेम चंद्राकर
बच्चे पूर्वी चंद्राकर
पुरस्कार पद्म श्री 2016
डी. एल. एड डिग्री इंद्रिरा कला संगीत विश्वविद्यालय , खैरागढ़ 2004

ममता चन्द्राकर (जन्म- ३ दिसंबर १९५८) भारत के छत्तीसगढ़ राज्य की स्वर कोकिला विदुषी महिला कलाकार मोक्षदा चन्द्राकर ममता चंद्राकर सहायक निदेशक (कार्यक्रम)/कार्यक्रम प्रमुख आकाशवाणी रायपुर, छत्तीसगढ़ से अपने 36 वर्षों के लम्बे कार्यकाल के बाद दिनांक ३१ मई २०१८ को अधिवर्षिता आयु पूरी करने के फलस्वरूप शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गई | देश-विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाली ममता चंद्राकर खैरागढ़, इंद्रिरा कला संगीत विश्वविद्यालय द्वारा डी लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। वे सन २०१६ में भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में पद्मश्री से और २०१३ छत्तीसगढ़ रत्न में अलंकृत की गयीं। [1]

पुरस्कार[संपादित करें]

वर्ष १९८२ से सेवा निवृत्ति तक अपनी संवेदनशील प्रशासनिक और रचनात्मक क्षमताओं का पूरा लाभ संस्था को समर्पित करती रहीं श्रीमती चन्द्राकर श्रोता जगत के साथ अपने सहकर्मी अधिकारियों और कर्मचारियों के मन में एक सुखद स्मृति बनकर मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी । अपने लम्बे कार्यकाल के दौरान आपने अनेक उपलब्धियां और पुरस्कार प्राप्त किये

  • वर्ष १९७७ - से आकाशवाणी की लोक संगीत के लिये मान्य कलाकार ।
  • वर्ष १९८४ - में आकाशवाणी वार्षिक प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ी नाचा पर आधारित संगीत रूपक छत्तीसगढ़ी लोक जीवन में झांकता नाच की प्रस्तुति हेतु अखिल भारतीय स्तर पर मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किया गया ।
  • वर्ष १९९२ - में लोक संगीत के लिए ए ग्रेड प्रदान किया गया ।
  • वर्ष २०११ - आकाशवाणी वार्षिक पुरस्कार, आकाशवाणी रायपुर की संगीत प्रस्तुति के लिये योग्यता प्रमाण-पत्र सुआ गीतों पर आधारित छत्तीसगढ़ी संगीत प्रस्तुति कहिदेबे धनी ला संदेश संगीत संयोजिका मोक्षदा चन्द्राकर ।
  • वर्ष २०१२ - छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण समारोह में लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए वर्ष 2012 में दाऊ मंदराजी सम्मान से भारत के तत्कालिन राष्ट्रपति के करकमलों से अलंकृत किया गया ।
  • वर्ष २०१२ - में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ शासन ने मतदाता जागरूकता केलिए स्टेट आईकान के रूप में मनोनित किया ।
  • वर्ष २०१३ - में लोक संगीत के लिए टाप ग्रेड प्रदान किया गया ।
  • वर्ष २०१३ - आकाशवाणी वार्षिक पुरस्कार, आकाशवाणी रायपुर की संगीत प्रस्तुति के लिये योग्यता प्रमाण पत्र - बिहाव गीतों पर आधारित छत्तीसगढ़ी संगीत प्रस्तुति -जनम जनम गांठ जुरगे - संगीत संयोजिका- मोक्षदा चन्द्राकर ।
  • वर्ष २०१३ - में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ रत्न की उपाधि से विभूषित ।
  • वर्ष २०१६ - १२ अप्रैल को राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में भारत सरकार का नागरिक अलंकरण सम्मान पùश्री से माननीय राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया ।
  • वर्ष २०१७ - में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ (छत्तीसगढ़ द्वारा मानद् डी लिट् की उपाधि से सम्मानित किया गया ।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "ममता चन्द्राकर,छत्तीसगढ़ सरकार के संस्कृति विभाग से सम्मान प्राप्त". २६ जनवरी २०१६.