बेतिया

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बेतिया
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश  भारत
राज्य बिहार
सांसद श्री संजय जयसवाल
जनसंख्या ११६,६९२ (२००१ के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• ६५ मीटर

निर्देशांक: 26°48′N 84°30′E / 26.8°N 84.5°E / 26.8; 84.5 बेतिया बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले का एक महापौर शहर है। साथ ही यह बेतिया राज की राजधानी है । पश्चिमी चंपारण जिला का मुख्यालय भी है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है। इसके पश्चिम में उत्तर प्रदेश का कुशीनगर जिला पड़ता है। 'बेतिया' शब्द 'बेंत' (cane) से व्युत्पन्न है जो कभी यहाँ बड़े पैमाने पर उत्पन्न होता था (अब नहीं)। अंग्रेजी काल में बेतिया राज दूसरी सबसे बड़ी जमींदारी थी जिसका क्षेत्रफल १८०० वर्ग मील थी। इससे उस समय २० लाख रूपये लगान मिलता था। इसका उत्तरी भाग ऊबड़-खाबड़ तथा दक्षिणी भाग समतल तथा उर्वर है।

यह हरहा नदी की प्राचीन तलहटी में स्थित प्रमुख नगर है। यह मुजफ्फरपुर से १२४ किमी दूर है तथा पहले बेतिया जमींदारी की राजधानी था। यहाँ के दर्शनीय स्थल:-[१] बेतिया राज का महल [२] उदयपुर पक्षी उद्यान [३] सागर पोखरा [४]काली मंदिर [५] दुर्गा मंदिर [६] सरया मन दर्शनीय है।

महात्मा गांधी ने बेतिया के हजारी मल धर्मशाला में रहकर सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत की थी। १९७४ के संपूर्ण क्रांति में भी बेतिया की अहम भुमिका थी। यहां के अमवा मझार गांव के रहने वाले श्यामाकांत तिवारी ने जयप्रकाश नारायण के कहने पर पूरे जिले में आंदोलन को फैलाया।

यह एक कृषि प्रधान क्षेत्र है जहाँ गन्ना, धान और गेहूँ सभी उगते हैं। यह गाँधी की कर्मभूमि और ध्रुपद गायिकी के लिए प्रसिध है। बेतिया से मुंबई फ़िल्म उद्योग का सफ़र तय कर चुके मशहूर फ़िल्म निर्देशक प्रकाश झा ने इस क्षेत्र के लोगों की सरकारी नौकरी की तलाश पर 'कथा माधोपुर' की रचना की।

यातायात व परिवहन[संपादित करें]

वायु मार्ग- यहाँ का सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा महारानी जानकी कुँअर राजकीय हवाई अड्डा है जो 3 किलोमीटर दूरी पर है | दुसरी तरफ 204 किलोमीटर की दूरी पटना में है। तीसरी तरफ हवाई अड्डा गोरखपुर में है।

रेल मार्ग- बेतिया यहाँ का सबसे नज़दीकी रेलवे स्‍टेशन है जहां से भारत के अधिकांश शहरों के लिए ट्रेन उपलब्‍ध है। यह बडी लाईन के द्वारा भारतिय रेल तंत्र से जुडा हुआ है।इसके दोहरीकरण की योजना है! मुजफ्फरपुर से मोतिहारी होते हुए नरकटियागंज तक मार्ग का विद्युतीकरण हो चुका है। दोहरीकरण होना बाकी है जिसके लिए सरकार ने सहमति दे दी है...

सड़क मार्ग- यहाँ के सरकारी बस अड्डे से राजधानी पटना के अलावा देश के और भी जगहों के लिए बसें खुलती है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]