बीघा

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बीघा भारत के कुछ हिस्सों तथा नेपाल एवं बांग्लादेश में जमीन की माप करने का पारम्परिक पैमाना है जिसका प्रयोग अब भी किया जाता है। भारतीय राज्य बंगाल, बिहार, गुजरात, असम इत्यादि में इसका प्रयोग होता है। बीघा हिन्दू लम्बाई गणना में क्षेत्रफ़ल मापने की इकाई है। एक बीघा १५०० से २५ऊ वर्ग मीटर तक होता है,. और यहभारत के अलावा नेपाल में भी प्रचलित है।

राजस्थान में एक बीघा एक एकड़ से थोड़ा छोटा होता है और महाराष्ट्र में एक बीघा में 20 गुंठे होते है। हरियाणा में एक एकड़ में 5 बीघे होते हैं।

बिहार के गोपालगंज,सीवान,सारण तथा चंपारण ज़िला में जमीन की नापी ज्यादातर जगहों पर, 1लग्गी=6 हाथ के आधार पर की जाती है। आईए जानते है, यहां के अमीनी से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य: 1 लग्गी=6हाथ, 1 हाथ=1.5फुट=18इंच, 1 जरीब=100कड़ी=66फीट, 1 कड़ी=7.92इंच=0.66फीट,


1बीघा=20 कट्ठा, 1कट्ठा=20 धुर, 1धुर=20 धुरकी

वर्गकड़ी से धुर, कट्ठा एवं डिसमिल में निकालने का सूत्र: सबसे महत्वपूर्ण फॉर्मूला नीचे दी गई है, जिसे हमेशा याद रखें।

1 कट्ठा=3.72 डिसमिल, 1 डिसमिल=5.376 धुर, 1 धुर= 185.95 वर्गकड़ी

किसी वर्गकार या आयतकार प्लॉट का एरिया गुनिया से धुर में निकालने की विधि -

सबसे पहले गुनिया से प्लॉट के नक्शा, पर खेसरा संख्या के अनुसार उसकी दिशा देख कर,लंबाई तथा चौड़ाई को नापते है।

इसके बाद उसके लंबाई और चौड़ाई को गुणा करके 186 से भाग दे देते है। जो उस प्लॉट के एरिया (रकबा) का मान धूर में निकलता है।

तत्पश्चात् जरीेब से प्लॉट को नाप कर देखते है। प्लॉट के लंबाई, तथा चौड़ाई को नापते है । ये जो मान वर्ग कड़ी में आता है, उसको 186 से भाग देने पर धुर में मान निकल जाता है।

Note- सामान्यतया कैलकुलेशन करते समय 185.95 को 186 के बराबर लेते है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]