प्रेम चंद पाण्डेय

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प्रेम चंद पाण्डेय

जन्म 10 अगस्त 1945
रामापुर, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश, ब्रिटिश भारत
आवास भुबनेस्वर, भारत
राष्ट्रीयता भारत
क्षेत्र इलक्ट्रोनिक्स भौतिकी
संस्थान राष्ट्रीय अंटार्कटिक एवं समुद्री अनुसंधान केंद्र, भारत
शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय
डॉक्टरी सलाहकार श्याम लाल श्रीवास्तव
प्रसिद्धि सुदूर संवेदन
उल्लेखनीय सम्मान शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार

डॉ॰ प्रेम चंद पाण्डेय भारतीय वैज्ञानिक और शिक्षाविद हैं। वे राष्ट्रीय अंटार्कटिक एवं समुद्री अनुसंधान केंद्र के संस्थापक निदेशक है और वर्तमान में भारतीय तकनीकी संस्थान, भुवनेश्वर में आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। पाण्डेय भारतीय विज्ञान के सर्वोच्च पुरस्कार, शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित हैं। उन्होने सुदूर संवेदन, उपग्रह महासागरीय विज्ञान, वायुमण्डलीय विज्ञान, अंटार्कटिक और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में कार्य किया है।

परिचय[संपादित करें]

प्रेम चंद पाण्डेय का जन्म १० अगस्त, १९४५ को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रामापुर गाँव में हुआ था। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय से क्रमशः विज्ञान, भौतिकी में स्नातक और परास्नातक हैं तथा यही से विज्ञान (इलक्ट्रोनिक्स भौतिकी में सूक्ष्म तरंग) में शोध भी किये है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के भारतीय अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, अहमदाबाद में ये वरिष्ठ वैज्ञानिक पद पर कार्य कर चुके हैं और ये यहां के मौसमविज्ञान और महासागरीय विभाग के संस्थापक विभाग प्रमुख भी रहे हैं।[1][2][3][4][5]। प्रोफेसर मुरली मनोहर जोशी द्वारा 2000 में श्रीगणेशित किये जाने के बाद केदारेश्वर(के.) बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्ययन केंद्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय को प्रारंभिक दिनों की अनुसंधान परियोजना अन्तर्गत कार्यरत प्रारंभिक अवस्था से लेकर 2009 में स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति के साथ इलाहाबाद विश्विद्यालय का पूर्णतः स्थाई केंद्र हो जाने तक इसकी पूर्ण स्थापना प्रोफेसर प्रेमचंद पाण्डेय द्वारा ही की गयी।[6] इसके अलावा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के महासागर नदी वायुमंडल एवं भूमि केंद्र व् भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भुवनेश्वर के भूमि महासागर व् जलवायु विज्ञान विद्यापीठ की स्थापना में भी इनकी प्रमुख भूमिका रही है जो इनके भारत में महासागर, नदी, वायुमंडल, पृथ्वी, अंतरिक्ष विज्ञान और जलवायु विज्ञान क्षेत्र में अमूल्य योगदान को प्रमाणित करता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Sahoo, Dinabandhu (2002). Advances in Marine and Antarctic Science. APH Publishing. पृ॰ 449. https://books.google.co.in/books?id=nEBRPxtp4W0C&pg=PA449&dq=Prem+Chand+Pandey+allahabad+university&hl=en&sa=X&ei=qOdzVY6pNo_buQSSl4P4Bw&ved=0CCAQ6AEwAQ#v=onepage&q=Prem%20Chand%20Pandey%20allahabad%20university&f=false. अभिगमन तिथि: June 7, 2015. 
  2. "Professor Prem Chand Pandey's profile at NCAOR web page as founding Director/1st former Director". Professor Prem Chand Pandey's profile at NCAOR web page as founding Director/1st former Director
  3. " Professor Pandey at present at School of Earth, Ocean and Climate Sciences, Indian Institute of Technology, Samantapuri, Bhubaneswar-751 013". According Indian Academy of Sciences Pandey is Faculty of IIT Bhubaneswar.
  4. "Faculty Profile of Prof. Prem Chand Pandey". School of Earth, Ocean and Climate Sciences, IIT Bhubaneswar, Facuty profile of Professor Pandey
  5. "Brief resume of Professor Pandey". (PDF) This brief resume describe that he is Faculty at IITBBS and a good information about him can be found here
  6. "K. Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies of University of Allahabad was founded/setuped by the Dr. Prem Chand Pandey for collaborative research between this one of the University of Allahabad Centre and National Centre for Antarctic and Ocean Research in future became fulfledged faculty centre of University of Allahabad". KBCAOS was founded/set-upped by Dr. Prem Chand Pandey, the then Director NCAOR for collaborative research between this one of the University of Allahabad Centre and National Centre for Antarctic and Ocean Research which in future became the full fledged faculty centre of University of Allahabad on 29th October, 2009.