प्रकाश पादुकोण

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प्रकाश पादुकोण
Prakash Padukone at the Tata Open championship.JPG
पादुकोण अत डी टाटा ओपन चैंपियनशिप
व्यक्तिगत जानकारी
जन्म नाम Prakash Padukone
जन्म 10 जून 1955 (1955-06-10) (आयु 62)
Padukone, Karnataka, भारत
ऊँचाई 1.85 मी. ()
राष्ट्र India
हाथ का इस्तेमाल Right
Men's singles
उच्चतम वरीयता 1[1] (1980)

प्रकाश पडुकोण एक प्रसिद्ध भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे। इनका जन्म १० जून, १९५५ को हुआ था और वे कर्नाटक के रहने वाले थे। भारत में बैडमिंटन के कई महान एकल खिलाड़ी हुए हैं, लेकिन भारतीय बैडमिंटन के बारे में दुनिया के दृष्टिकोण पर सबसे गहरा असर पादुकोण ने डाला। इन्होंने ही सबसे पहले यह दिखाया था कि चीनियों का मुकाबला कैसे किया जा सकता है। नियंत्रण और सटिकता का इस्तेमाल करते हुए वे खेल को धीमा करके अपनी गति पर ले आते थे और उनकी चतुराई उन्हें डगमगा देती थी। १९८१ में कुआलालंपुर में विश्व कप फाइनल में हान जियान को १५-० से ध्वस्त कर दिए थे। ये लगातार नौ साल 1971 से 1979 तक वरिष्ठ राष्ट्रीय चैंपियन रहे | प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन्हीं की बेटी है।

पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

पादुकोण का जन्म १० जून 1955 को कर्नाटक में हुआ था। [2] उनका जन्म कर्नाटक के उडुपी जिले में कुन्दपुरा के पास पादुकोण गांव में पैदा हुआ था। उनका उपनाम पादुकोण, ये उस गांव है जहा से उनका परिवार आता है। अपनी मातृभाषा कोंकणी है। उनकी दो बेटियां हैं दीपिका पादुकोण, जो एक बॉलीवुड अभिनेत्री हैं एवं अनीषा पादुकोण जो एक गोल्फ खिलाड़ी हैं। [3] पादुकोण अपनी पत्नी और छोटी बेटी अनीषा के साथ बैंगलोर में रहते हैं, जबकि दीपिका, अभिनेत्री, मुंबई में रहती एवं काम करती है।

प्रकाश पादुकोण के जीवन की कहानी को पुस्तक 'टच प्ले' में देव एस सुकुमार द्वारा लिपिबद्ध किया गया है। यह पुस्तक किसी भी बैडमिंटन खिलाड़ी के जीवन पर आधारित दूसरी जीवनी है

कैरियर[संपादित करें]

प्रकाश के पिता रमेश पादुकोण जो कई वर्षों तक "मैसूर बैडमिंटन एसोसिएशन" के सचिव थे उन्होंने इस खेल से प्रकाश का परिचय करवाया था।

पादुकोण की पहली आधिकारिक टूर्नामेंट 1962 में कर्नाटक राज्य जूनियर चैम्पियनशिप थी। हालांकि वह पहले ही दौर में हार गए लेकिन दो साल बाद वह राज्य जूनियर खिताब जीतने में कामयाब रहे। 1971 से उन्होंने और अधिक आक्रामक शैली का अपने शैली में समावेश किया।

1972 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय जूनियर खिताब जीता उसी वर्ष उन्होंने इसका वरिष्ठ खिताब भी जीता। अगले सात वर्षों के लिए उन्होंने लगातार यह राष्ट्रीय खिताब जीता।

1980 में उन्होंने डेनिश ओपन एवं स्वीडिश ओपन खिताब जीता और अपने इंडोनेशियाई प्रतिद्वंद्वी लिएम स्वी राजा जीत के साथ ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप का पुरुष एकल खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने। अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर का ज्यादातर समय उन्होंने डेनमार्क में प्रशिक्षण में बिताया एवं इसके चलते कई यूरोपीय खिलाड़ियों के साथ उनके दोस्ताना सम्बन्ध थे जिनमे मोर्टेन फ्रॉस्ट एक थे। [4]

अन्य सेवाएं[संपादित करें]

1991 में प्रतिस्पर्धात्मक खेल से संन्यास लेने के बाद, पादुकोण ने थोड़े समय के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उन्होंने 1993 से 1996 तक भारतीय राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम के कोच के रूप में कार्य किया।

ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट[संपादित करें]

सेवानिवृत्ति के बाद पादुकोण नवोदित युवा खिलाड़ियों के संरक्षक के तौर पर कार्य किया ताकि ये युवा खिलाडी देश के लिए गौरव हासिल कर सके। गीत सेठी के साथ वे प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी चलाते है।

मुख्य उपलब्धियों[संपादित करें]

रैंक स्पर्धा दिनांक स्थल
विश्व चैंपियनशिप
3 एकल 1983 कोपेनहेगन, डेन
राष्ट्रमंडल खेल
1 एकल 1978 एडमोंटन, कनाडा
एशियाई खेलों
3 टीम 1974 तेहरान, ईरान
3 टीम 1986 सियोल, दक्षिण कोरिया
विश्व कप
1 एकल 1981
विश्व ग्रां प्री
1 एकल 1979 डेनमार्क ओपन
1 एकल 1980 ऑल इंग्लैंड ओपन

सन्दर्भ[संपादित करें]