प्रकाश परिमल

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प्रकाश परिमल : लेखक, अनुवादक और हिन्दी कवि (PRAKASH PARIMAL)

प्रकाश परिमल (जन्म- २८ नवम्बर १९३६, बीकानेर) [1] एक हिन्दी-राजस्थानी लेखक, कला-समीक्षक [2], चित्रकार और अनुवादक हैं। इनके साहित्य, दर्शन, वैदिक-ज्ञान, कला विषयक कई ग्रन्थ प्रकाशित हुए हैं।

शिक्षा[संपादित करें]

१९६० में राजस्थान विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र और १९६३ में वहीं से अंग्रेज़ी साहित्य मेंएम. ए. राजस्थान विश्वविद्यालय के परामनोविज्ञान विभाग में मनुष्य के पुनर्जन्म को ले कर स्व. प्रो॰ हेमेन्द्र नाथ बनर्जी की अनुसन्धान-परियोजनाओं पर कार्य (१९६४) और १९७६ में राजस्थान विश्वविद्यालय ही में डॉ॰गोविन्द चन्द्र पाण्डेय कुलपति के कार्यकाल में उनके सचिवालय में शोध-प्रभारी भी रहे। शार्दूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टिट्यूट, बीकानेर में सहायक निदेशक (१६६६-१९७९) पद पर कार्य किया। अब जयपुर में रह कर स्वतंत्र लेखन और चित्रांकन | [3]

प्रकाशित पुस्तकें[संपादित करें]

.लोक-संस्कृति: रूप और दर्शन

.भारतीय संस्कृति की रूपरेखा

.छूटी हुई एक स्मृतिगंध (कविता-संग्रह) [4]

.अनीता (उपन्यास)

.वेद के देवता :स्वरुप और विज्ञान [5]

.भारतीय संस्कृति के नए आयाम

.वैदिक सौंदर्यशास्त्र की भूमिका [6]

.वेदों में व्यावहारिक विज्ञान

.भारतीय दर्शन और संस्कृति का मेरुदंड : वेद

.फिर उपस्थित रंग (कविता-संग्रह)

.साक्षी-नाट्य-शिरोमणि गोस्वामी शिवानंद (संक्षिप्त मोनोग्राफ)

.समय निरत अथाह (कविता-संग्रह)

.घर: एक पर्वत, प्रेम: एक फूल (कविता-संग्रह)[7]

.वस्तु असीम में हम नाचीज़ (कविता-संग्रह)

.रंग-ए-हयात (ग़ज़ल-संग्रह)[8]

.Treasures of Indian Art Heritage ISBN 8186803807 [9][10]

.गंगा नदी नहीं [ISBN 818875515X][11]

प्रकाशन

. नवनीत (हिन्दी डाइजेस्ट), रसवंती, भाषा, वातायन, गगनांचल, साक्षात्कार, भारती, कल्पना, ज्ञानोदय, नया-प्रतीक, समकालीन कला, क ख ग, मधुमती, पूर्वग्रह, बिंदु, लहर, युग-प्रभात, संस्कृति, कला-प्रयोजन, दीठ , राजस्थान भारती, मानदंड सहित कई अन्य पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ, लेख, निबंध, समीक्षाएं और समालोचना आदि प्रकाशित [12]

संपादन[संपादित करें]

.'राजस्थान-भारती'(१९६६ से १९७९) [13]

.'मानदंड'

.'स्वायत्तशासन' आदि [14]

सम्मान और पुरुस्कार[संपादित करें]

अपनी कृतियों के लिए यह निम्नांकित संस्थाओं से सम्मानित हैं-

  • 'कला-वृत्त' संस्था, जयपुर की और से अभिनन्दन (१९८२)
  • 'फेस' और कला-समूह 'पेग आर्ट ग्रुप' सम्मान (१९८३)
  • 'तैलंग कुलम' सम्मान (२०११) [15]
  • 'अनुराग सेवा संस्थान', लालसोट सम्मान (२०११) [16] [17]
  • राजस्थान साहित्य अकादमी से 'अमृत-सम्मान' २०१३ [18][19][20][21]
  • 'राजस्थान रत्नाकर पुरस्कार, दिल्ली [सर्वश्रेष्ठ साहित्य सेवा के लिए, 'दीपचंद जैन साहित्य पुरस्कार'][22]
  • अन्य : [23][24]

प्रकाश परिमल, संपर्क-सूत्र * मुंबई के- 97, बधवार पार्क, वुड हाउस रोड, कोलाबा, मुंबई- 400005 +91-22-22024151

  • जयपुर डी-39, देवनगर, टोंक रोड, जयपुर-302018 (राजस्थान) + 91-141-2709761

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

महापुरा शिवानन्द गोस्वामी अशोक आत्रेय