प्यार किया तो डरना क्या (1998 फ़िल्म)
| प्यार किया तो डरना क्या | |
|---|---|
![]() प्यार किया तो डरना क्या का पोस्टर | |
| निर्देशक | सुहेल ख़ान |
| लेखक |
सुहेल खान संजीव दुग्गल (संवाद) |
| निर्माता |
बंटी वालिया सुहेल ख़ान वाशु भगनानी |
| अभिनेता |
सलमान ख़ान काजोल अरबाज़ ख़ान धर्मेन्द्र अंजला झवेरी किरण कुमार |
| संगीतकार |
जतिन-ललित हिमेश रेशमिया साजिद-वाजिद |
प्रदर्शन तिथि |
27 मार्च 1998 |
लम्बाई |
180 मिनट |
| देश | भारत |
| भाषा | हिन्दी |
प्यार किया तो डरना क्या 1998 में बनी हिन्दी भाषा की हास्य प्रेमकहानी फ़िल्म है। ये सुहेल ख़ान द्वारा लिखित और निर्देशित है। फिल्म में उनके वास्तविक जीवन के भाई सलमान खान और अरबाज़ ख़ान के साथ काजोल और धर्मेन्द्र मुख्य भूमिकाओं में हैं। जारी होने पर फिल्म सफल और लोकप्रिय रही थी।[1]
संक्षेप
[संपादित करें]मुस्कान (काजोल) एक अनाध लड़की है, जो अपने भाई, विशाल (अरबाज़ ख़ान) और चाचा (धर्मेन्द्र) के साथ गाँव में रहती है। मुस्कान अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए मुम्बई जाना चाहती है। बाद में उसका भाई उसे मुम्बई जाने की इजाजद दे देता है। वहाँ उसकी मुलाक़ात सूरज (सलमान खान) से होती है। सूरज को मुस्कान से प्यार हो जाता है और उसके कई बार कोशिश करने के बाद, मुस्कान को भी उससे प्यार हो जाता है।
एक दिन मुस्कान से मिलने विशाल आता है। सूरज उसे मुस्कान का प्रेमी समझ लेता है और दोनों में लड़ाई हो जाती है, जिसमें सूरज को बहुत मार पड़ती है। बाद में उसे मुस्कान से पता चलता है कि वो उसका भाई है। वो मुस्कान और विशाल से माफी मांगता है। विशाल को सूरज बिलकुल भी पसंद नहीं आता है। उसे ऐसा लगता है कि सूरज भरोसे के काबिल नहीं है और न ही वो किसी बात को गंभीरता से लेता है। वो मुस्कान को अपने साथ घर ले जाता है।
सूरज उसके गाँव जाता है, जहाँ उसे चाचा मिलते हैं, जिसकी वो जान बचाता है। उसके इस काम को देखते हुए विशाल उसे अपने आपको साबित करने का एक और मौका देता है। लेकिन उसमें सूरज विफल रह जाता है। विशाल अपनी बहन की शादी ठाकुर विजय सिंह (निर्मल पांडे) के भाई से कराने की सोचता है, बिना ये जाने कि वो ये शादी पुरानी दुश्मनी के कारण कर रहे हैं। इस कारण सूरज को इस शादी को रोकने के साथ साथ विशाल का दिल भी जीतना होता है।
सूरज का दोस्त सूरज के परिवार वालों को उस गाँव के बारे में बता देता है। सूरज का परिवार आ जाता है और सूरज की सौतेली माँ, मुस्कान को बहुत बुरा भला कहती है। सिंह परिवार और उसके गुंडे मिल कर मुस्कान को पकड़ने की कोशिश करते हैं, और सूरज, सूरज के पिता, विशाल और चाचा आ कर उसे बचाने की कोशिश करते हैं। सूरज की माँ अब उसकी परवाह करने लगती है और वो पुलिस को फोन कर देती है। विशाल भी सूरज की मुस्कान के साथ शादी के लिए मान जाता है।
मुख्य कलाकार
[संपादित करें]- धर्मेन्द्र - ठाकुर अजय सिंह
- सलमान ख़ान - सूरज खन्ना
- काजोल - मुस्कान ठाकुर
- अरबाज़ ख़ान - विशाल ठाकुर
- किरण कुमार - आकाश खन्ना
- अंजला जावेरी - उजाला
- कुनिका - आकाश की पत्नी
- निर्मल पांडे - ठाकुर विजय सिंह
- आसिफ़ शेख - विजय का भाई
- अशोक सर्राफ - टड़का लाल
- टीकू तलसानिया - प्रिंसीपल
- रज़ाक ख़ान - भोलू
- घनश्याम रोहेड़ा - दूसरे कॉलेज का प्रिंसीपल
संगीत
[संपादित करें]| Untitled | |
|---|---|
फ़िल्म में संगीत जतिन-ललित, हिमेश रेशमिया तथा साजिद-वाजिद ने दिया है, जबकि गीत समीर, सुधाकर शर्मा तथा इक़बाल साबरी ने लिखे हैं। कुल 8 गीतों वाली फिल्म की संगीत एल्बम को टी-सीरीज़ द्वारा 10 मार्च 1998 को जारी किया गया था।[2] हिमेश रेशमिया ने इसी फिल्म से एक संगीतकार के रूप में बॉलीवुड फिल्मों में पदार्पण किया। फ़िल्म के 8 गीतों में से 6 जतिन ललित ने, 1 हिमेश रेशमिया ने और 1 गीत साजिद वाजिद ने कम्पोज़ किया है।
| क्र॰ | शीर्षक | गीतकार | संगीतकार | गायक | अवधि |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. | "दीवाना मैं चला" | समीर | जतिन-ललित | उदित नारायण | 5:30 |
| 2. | "ओ साथिया ओ बेलिया" | समीर | जतिन-ललित | अनुराधा पौडवाल | 5:07 |
| 3. | "छड जिद करना" | समीर | जतिन-ललित | उदित नारायण, अनुराधा पौडवाल | 5:47 |
| 4. | "ओ ओ जाने जाना" | समीर | जतिन-ललित | कमाल खान | 5:45 |
| 5. | "तेरी जवानी बड़ी मस्त मस्त है" | इक़बाल साबरी | साजिद-वाजिद | साबरी बंधु, अनुपमा देशपांडे | 5:29 |
| 6. | "तुम पर हम हैं अटके यारा" | सुधाकर शर्मा | हिमेश रेशमिया | कुमार सानु, कविता कृष्णमूर्ति | 5:20 |
| 7. | "ओढ़ ली चुनरिया तेरे नाम की" | सुधाकर शर्मा | हिमेश रेशमिया | अलका याज्ञनिक, कुमार सानु | 6:19 |
| 8. | "ओह बेबी... हो गया सो हो गया" | समीर | जतिन-ललित | उदित नारायण, कविता कृष्णमूर्ति | 4:13 |
नामांकन और पुरस्कार
[संपादित करें]| वर्ष | नामित कार्य | पुरस्कार | परिणाम |
|---|---|---|---|
| 1999 | सोहेल ख़ान | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार | नामित |
| सोहेल ख़ान | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार | नामित | |
| सलमान ख़ान | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार | नामित | |
| अरबाज़ ख़ान | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार | नामित | |
| जतिन-ललित | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक पुरस्कार | नामित | |
| कमाल खान ("ओ ओ जाने जाना") | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार | नामित |
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "20 साल पहले सलमान खान ने शाहरूख खान को सौंप दिया था ये ब्लॉकबस्टर PLAN!". https://hindi.filmibeat.com. 27 मार्च 2018. मूल से से 11 सितंबर 2018 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 11 सितम्बर 2018.
{{cite news}}: External link in(help)|work= - ↑ "Pyaar Kiya To Darna Kya (Original Motion Picture Soundtrack) by Jatin-Lalit, Sajid-Wajid & Himesh Reshammiya". 11 सितंबर 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 5 जून 2018.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- साँचे के कॉल्स में नकली तर्कों का उपयोग करने वाले पृष्ठ
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- 1998 में बनी हिन्दी फ़िल्म
- हिमेश रेशमिया द्वारा संगीतबद्ध फिल्में
- जतिन–ललित द्वारा संगीतबद्ध फिल्में
