पृथ्वी गान

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The Earth seen from Apollo 17

पृथ्वी गान (Earth Anthem) एक अधिकारिक गान हैं, जो पृथ्वी को समर्पित हैं। पृथ्वी गान के रचनाकार भारतीय राजनयिक और कवि अभय कुमार हैं।[1]

पृथ्वी गान में हिंदुस्तानी, अंग्रेजी, नेपाली, बंगाली, उर्दू, सिंहल, जोंगखा और धीवेही भाषा की पंक्तियों का इस्तेमाल किया गया है, जो दक्षेस के आठ सदस्य देशों में बोली जाती है। इसे संयुक्त राष्ट्र के आठ अधिकारिक भाषाओ में अनुवादित किया गया, जिस मे अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच, रशियन, स्पेनिश भाषा भी सामिल हैं। हिंदी और नेपाली भषा में भी इसका अनुवाद हुआ है।[2][3][4]

इतिहास[संपादित करें]

एक आधिकारिक पृथ्वी गान (अर्थ एंथम) के लिए अभय कुमार के प्रस्ताव को वैश्विक ऑनलाइन प्रतियोगिता के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों में से चुना गया था। यूनेस्को द्वारा इसे अधिकारिक पृथ्वी गान के रूप में किया गया। पृथ्वी गान का लोकार्पण साल जून २०१३ में पूर्व केन्द्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल और पूर्व मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री शशि थरूर ने नई दिल्ली के भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) में किया था। इसके बाद काठमांडू में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनल ने यूनेस्को के नेपाल में प्रतिनिधि एक्सेल प्लेथ की मौजूदगी में इसे जारी किया था।[5][6]

ब्रह्मांड की नीली मोती, धरती
ब्रह्मांड की अदभुत ज्योति, धरती
सब महाद्वीप, महासागर संग -संग
सब वनस्पति, सब जीव संग -संग
संग -संग पृथ्वी की सब प्रजातियाँ
काले, सफेद, भूरे, पीले, अलग-अलग रंग
इंसान हैं हम , धरती हमारा घर


ब्रह्मांड की नीली मोती, धरती
ब्रह्मांड की अदभुत ज्योति, धरती
एक के संग सब सौर एक सबके संग
सब लोग, सब राष्ट्र, संग -संग
आओ सब मिलकर नीला झंडा फहराएँ
आओ सब मिलकर पृथ्वी गान गाएं
काले, सफेद, भूरे, पीले, अलग अलग रंग
इंसान हैं हम , धरती हमारा घर

अभय कुमार द्वारा रचित "पृथ्वी गान" का हिन्दी में भावानुवाद

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कडिया[संपादित करें]