परावर्तन (भौतिकी)

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चिकने तल से प्रकाश का परावर्तन
झील के जल में पर्वत का प्रतिबिम्ब, परावर्तन का परिणाम है।

जब कोई प्रकाश की किरण किसी माध्यम से टकराकर पुनः उसी माध्यम में वापस लौट जाती है तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते है।

दो माध्यमों के मिलान तल पर पहुंचकर किसी तरंग का पुनः उसी माध्यम में पीछे लौट जाना परावर्तन कहलाता है। उदाहरण के लिये, जल की तरंगों, ध्वनि, प्रकाश तथा अन्य विद्युतचुम्बकीय तरंगों का परावर्तन। दर्पण में हम अपना जो प्रतिबिम्ब देखते हैं वह परावर्तन के कारण ही बना होता है।

ध्वनिविज्ञान में, ध्वनि के परावर्तन के कारण प्रतिध्वनि सुनाई पड़ती है जो सोनार में उपयोग में लायी जाती है। भूविज्ञान में भूकम्प तरंगों के अध्ययन में परावर्तन उपयोगी है। रेडियो प्रसारण तथा राडार के लिये अत्युच्च आवृत्ति (VHF) एवं इससे भी अधिक आवृत्तियों का परावर्तन महत्वपूर्ण है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]