सोनार

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
इण्डोनेशिया के सुमात्रा में कार्य करते सोनार

सोना (स्वर्ण) चाँदी तथा अन्य बहुमूल्य धातुओं से आभूषण आदि बनाने का कार्य करने वाले और सोने-चाँदी, बहुमूल्य रत्नों के व्यापार करने वाले तथा गहना गिरवी रखकर ब्याज पर पैसा देने वाले को सोनार कहते हैं। भारत में सोनार "वैश्य बनिया" पोद्दार की उपजातियों में से एक है। 'सोनार' को सेठ, साहूकार, स्वर्णकार, सर्राफ, भामाशाह, सोनी, जौहरी, सुनार, लाला भी कहते हैं। दूसरे देशों में भी सोनार होते हैं जिन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

व्यवसाय[संपादित करें]

ये सोने-चाँदी के फैंसी आभूषण के निर्माता एवम् विक्रेता होते हैं। आभूषणों का निर्माण और बिक्री करना इनका पारम्परिक कार्य है।

उपस्थिती[संपादित करें]

सोनार जातियाँ मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में पायी जाती है। भारत के अन्य क्षेत्रों में भी सोनार की उपस्थिती देखी जा सकती है।भारत के मध्य भाग मे भी सुनार बहुतायात मे है

प्रमुख व्यक्ति[संपादित करें]