नामवर सिंह

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नामवर सिंह (जन्म:१ मई १९२७ बनारस, उत्तर प्रदेश) हिन्दी के प्रतिष्ठित समीक्षक और समालोचना लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी के शिष्‍य और हिन्दी में प्रगतिशील आलोचना के प्रमुख हस्‍ताक्षर हैं।

जीवन[संपादित करें]

नामवर सिंह का जन्म १ मई १९२७ को बनारस (वर्तमान में चंदौली ज़िला) के एक गाँव जीयनपुर[1] में हुआ था। उन्होंने हिन्दी साहित्य में एम०ए० व पी०एचडी० करने के पश्चात काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अध्यापन किया लेकिन एक विवाद के चलते उन्हें बीएचयू छेड़ना पड़ा। बीएचयू के बाद डॉ। नामवर सिंह ने क्रमश: सागर विश्वविद्यालय और जोधपुर विश्वविद्यालय में भी अध्यापन किया। लेकिन बाद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में उन्होंने काफी समय तक अध्यापन कार्य किया। अवकाश प्राप्त करने के बाद भी वे उसी विश्वविद्यालय के भारतीय भाषा केन्द्र में अभी भी इमेरिटस प्रोफेसर हैं। वे हिन्दी के अतिरिक्त उर्दू, बाँग्ला, संस्कृत भाषा भी जानते हैं।

लेखन कार्य[संपादित करें]

उनकी प्रमुख आलोचनात्मक कृतियाँ हैं-

  • बकलम खुद
  • दूसरी परम्परा की खोज
  • कहानी-नई कहानी
  • हिन्दी के विकास में अपभ्रंश का योग
  • पृथ्वीराज रासो का भाषा
  • आधुनिक साहित्य की प्रवृत्तियां
  • कविता के नये प्रतिमान
  • छायावाद
  • इतिहास और आलोचना
  • वाद विवाद और संवाद

महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां[संपादित करें]

अध्यापन एवं लेखन के अलावा उन्होंने १९६५ से १९६७ तक जनयुग (साप्ताहिक) और १९६७ से १९९२ तक आलोचना (त्रैमासिक) नामक दो हिन्दी पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। नामवर सिंह महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चांसलर) के साथ राजा राममोहन रॉय पुस्तकालय प्रतिष्ठान के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

सम्मान[संपादित करें]

नामवर सिंह को उनकी आलोचनात्मक पुस्तक "कविता के नये प्रतिमान के लिए" साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया।[2] इसके अलावा उन्हें हिंदी अकादमी, दिल्ली की ओर से शलाका सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। जबकि साल 1993 में उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा 'साहित्य भूषण सम्मान' से सम्मानित किया गया।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. डॉ॰ गिरिराज शरण अग्रवाल एवं डॉ॰ मीना अग्रवाल हिन्दी साहित्यकार सन्दर्भ कोश (दूसरा भाग) २००६ पृष्ठ १८६
  2. डॉ॰ गिरिराज शरण अग्रवाल एवं डॉ॰ मीना अग्रवाल हिन्दी साहित्यकार सन्दर्भ कोश (दूसरा भाग) २००६ हिन्दी साहित्य निकेतन, बिजनौर (उ०प्र०) ISBN 81-85139-29-6 पृष्ठ १८७

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]