त्रिशंकु

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त्रिशंकु का अर्थ है निराधार लटका हुआ।

उदाहरण[संपादित करें]

  • राष्ट्रभाषा के स्थान पर राजभाषा बन जाने के कारण आज हिंदी की स्थिति त्रिशंकु सी हो गई है।
  • सारे सर्वेक्षण त्रिशंकु विधान सभा के संकेत दे रहे है।

मूल[संपादित करें]

देवराज इन्द्र राजा त्रिशंकु को स्वर्ग में प्रवेश करने से रोकते हुए

त्रिशंकु इक्ष्वाकु वंश का एक राजा था जिसे ऋषि विश्वामित्र ने सशरीर स्वर्ग भेजा था। देवराज इन्द्र ने उसे स्वर्ग से वापस पृथ्वी की ओर धकेल दिया। नीचे गिरते हुये त्रिशंकु को ऋषि विश्वामित्र ने बीच में ही लटका कर उसके लिये स्वर्ग का निर्माण किया तथा वह अपने स्वर्ग के साथ आज भी वास्तविक स्वर्ग और पृथ्वी के बीच लटका हुआ है। इसी कारण से निराधार लटकने का भाव प्रदर्शित करने के लिये त्रिशंकु शब्द का प्रयोग होता है। (स्रोतः"त्रिशंकु की स्वर्गयात्रा")

अन्य अर्थ[संपादित करें]

  • निराधार
  • झूलना
  • लटकना

संबंधित शब्द[संपादित करें]

हिंदी में[संपादित करें]

अन्य भारतीय भाषाओं में निकटतम शब्द[संपादित करें]