तिलहर

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तिलहर
—  नगर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तर प्रदेश
ज़िला शाहजहाँपुर
जनसंख्या 52,909 (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 157 मीटर (515 फी॰)

निर्देशांक: 27°59′N 79°44′E / 27.98°N 79.73°E / 27.98; 79.73 तिलहर (अंग्रेजी: Tilhar) भारतवर्ष के राज्य उत्तर प्रदेश में स्थित शाहजहाँपुर जिले का एक महत्वपूर्ण नगर होने के साथ-साथ तहसील भी है। केवल इतना ही नहीं, यह उत्तर प्रदेश विधान सभा का एक प्रमुख क्षेत्र भी है।

मुगल काल में सेना के लिये तीर और कमान बनाने के कारण प्राचीन भारत में इसे कमान नगर के नाम से ही जाना जाता था। तीर कमान तो अब नहीं बनते पर यहाँ के परम्परागत कारीगर मजबूत बाँस की निचले हिस्से पर लोहे का खोल चढ़ी गुलाही लाठी बनाने में आज भी माहिर हैं।

टेढ़े से टेढ़े बाँस को शीरा लगाकर तेज आँच में गरम करके सीधा करना जब उन्हें आता है तो निस्सन्देह सीधे बाँस को इसी तकनीक से धनुष का आकार देने की कला भी उनके पूर्वजों को अवश्य ही आती होगी।

इतिहास[संपादित करें]

शाहजहाँपुर गजेटियर के अनुसार तिलहर को वर्तमान नाम अकबर के एक वफादार वाछिल राजपूत त्रिलोकचन्द्र के नाम[1] पर दिया गया था। शाहजहाँपुर तो बहुत बाद में शाहजहाँ के सिपहसालारों बहादुर खाँ और दिलेर खाँ द्वारा बसाया गया। यह दीगर बात है कि मुगल बादशाह के नाम पर होने के काऱण शाहजहाँपुर तो जिला बन गया जबकि तिलहर तहसील ही बनकर रह गया।

त्रिलोकचन्द्र राजपूत का बनबाया हुआ किला आज भी तिलहर के दातागंज मोहल्ले में है। इसके तीन बड़े-बड़े फाटकों में से एक फाटक टूट चुका है। शेष दो फाटक व किले की मोटी-मोटी दीवारों के अवशेष आज भी यहाँ विद्यमान हैं। तिलहर के दक्षिण में लगभग सात किलोमीटर दूरी पर इन्हीं त्रिलोकचन्द्र के नाम पर बसाया गया गाँव तिलोकपुर स्थित है वहाँ तक अब सड़क भी बन गयी है।

कमान नगर[संपादित करें]

पुराने जमाने की कमान का चित्र

तिलहर शाहजहाँपुर जिले का सबसे पुराना शहर कहा जाता है। अकबर के काल से ही मुगलों की सेना के लिये तीर-कमानों की आपूर्ति करने के लिये इसे पहले "कमान नगर"[2] कहा जाता था। हाफिज रहमत अली खाँ के नाजिम मुहम्मद उमर के बेटे मंगल खाँ ने तिलहर के निकट मंसूरपुर गाँव में एक आलीशान किला बनबाया था जो उसके उत्तराधिकारियों के कब्जे में 1857 के प्रथम स्वातन्त्र्य समर तक रहा। बाद में इसे ब्रिटिश सरकार ने हथिया लिया। अंग्रेजों ने तिलहर को पहली बार मालगुजारी वसूलने की दृष्टि से तहसील घोषित किया और क्षेत्र के किसानों को नियन्त्रित करने के लिये तिलहर में पहला पुलिस थाना स्थापित किया ताकि आगे कोई बगावत न कर सके।.

सांख्यकीय आँकड़े[संपादित करें]

सन् 2001 की भारतीय जनगणना के अनुसार[3], यहाँ की कुल जनसंख्या 52,909 थी जिसमें पुरुष 52% और स्त्रियाँ 48%.थे। उस समय इसकी औसत साक्षरता दर 41% आँकी गयी थी जो राष्ट्रीय औसत (59.5%) के मुकाबले काफी कम थी। उसमें भी पुरुष 47% व स्त्रियाँ 35%. ही शिक्षित हो पायी थीं। तिलहर की कुल आबादी में 17% बच्चे 6 साल से कम उम्र के थे।

शिक्षा संस्थान[संपादित करें]

क्षेत्र की जनता को शिक्षित करने की दृष्टि से यहाँ निम्न शिक्षा संस्थान[4] कार्य कर रहे हैं:

  • आर० वी० एम० इण्टर कालेज, तिलहर
  • लाला वैजनाथ जानकी पाठशाला इण्टर कालेज, तिलहर
  • एल० वी० डी० गर्ल्स इण्टर कालेज, तिलहर
  • गवर्नमेण्ट कन्या इण्टर कालेज, तिलहर
  • सरला देवी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलहर
  • सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलहर .
  • शहीद ब्रह्मदत्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलहर
  • रानी अवंतीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलहर
  • दीनदयाल उपाध्याय राजकीय डिग्री कालेज, तिलहर

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. डॉ॰ मेहरोत्रा की सन्दर्भित पुस्तक पृष्ठ 114
  2. डॉ॰ मेहरोत्रा की सन्दर्भित पुस्तक page 114
  3. "भारत की जनगणना २००१: २००१ की जनगणना के आँकड़े, महानगर, नगर और ग्राम सहित (अनंतिम)". भारतीय जनगणना आयोग. अभिगमन तिथि 2007-09-03.
  4. http://shahjahanpur.nic.in/school1.asp
  • डॉ॰ एन० सी० मेहरोत्रा "शाहजहाँपुर ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर" 1999 प्रतिमान प्रकाशन, 30 कूचा राय गंगा प्रसाद, इलाहाबाद 211003 भारत

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

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