तसलीमा नसरीन

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तसलीमा नसरीन
Tasleema.JPG
2007 में तसलीमा नसरीन
स्थानीय नाम তসলিমা নাসরিন
जन्म 25 अगस्त 1962 (1962-08-25) (आयु 55)
मयमनसिंह, पूर्वी पाकिस्तान
(वर्तमान बांग्लादेश)
व्यवसाय कवित्री, समीक्षक, उपन्यासकार
नागरिकता बांग्लादेश, भारत, स्वीडन
अवधि/काल 1973 – वर्तमान
विषय मानवतावाद
साहित्यिक आन्दोलन महिला अधिकार, मानव अधिकार, धर्मनिरपेक्ष आंदोलन
जीवनसाथी रूद्र मोहम्मद शहिदुल्लाह (1982-86)
नयीमुल इस्लाम ख़ान (1990-91)
मीनार मंसूर (1991-92)

हस्ताक्षर
जालस्थल
taslimanasrin.com

तसलीमा नसरीन (जन्म : २५ अगस्त १९६२) बांग्ला लेखिका एवं भूतपूर्व चिकित्सक हैं जो १९९४ से बांग्लादेश से निर्वासित हैं। १९७० के दशक में एक कवि के रूप में उभरीं तसलीमा १९९० के दशक के आरम्भ में अत्यन्त प्रसिद्ध हो गयीं। वे अपने नारीवादी विचारों से युक्त लेखों तथा उपन्यासों एवं इस्लाम एवं अन्य नारीद्वेषी मजहबों की आलोचना के लिये जानी जाती हैं।[1]

बांग्लादेश में उनपर जारी फ़तवे के कारण आजकल वे कोलकाता में निर्वासित जीवन जी रही हैं। हालांकि कोलकाता में मुसलमानों के विरोध के बाद उन्हें कुछ समय के लिये दिल्ली और उसके बाद फिर स्वीडन में भी समय बिताना पड़ा लेकिन इसके बाद जनवरी २०१० में वे भारत लौट आईं। उन्होंने भारत में स्थाई नागरिकता के लिये आवेदन किया है लेकिन भारत सरकार की ओर से उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। यूरोप और अमेरिका में एक दशक से भी अधिक समय रहने के बाद, तस्लीमा 2005 में भारत चले गए, लेकिन 2008 में देश से हटा दिया गया, हालांकि वह दिल्ली में रह रही है, भारत में एक आवासीय परमिट के लिए दीर्घावधि, बहु- 2004 के बाद से प्रवेश या 'एक्स' वीज़ा।[2][3] उसे स्वीडन की नागरिकता मिली है।[4]

स्त्री के स्वाभिमान और अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए तसलीमा नसरीन ने बहुत कुछ खोया। अपना भरापूरा परिवार, दाम्पत्य, नौकरी सब दांव पर लगा दिया। उसकी पराकाष्ठा थी देश निकाला।

नसरीन को रियलिटी शो बिग बॉस 8 में भाग लेने के लिए कलर्स (टीवी चैनल) की तरफ से प्रस्ताव दिया गया है। तसलीमा ने इस शो में भाग लेने से मना कर दिया है।[5]

जीवनी[संपादित करें]

तसलीमा का जन्म २५ अगस्त सन १९६२ को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के मयमनसिंह शहर में में हुआ था। उन्होने मयमन्सिंह मेडिकल कॉलेज से १९८६ में चिकित्सा स्नातक की डिग्री प्राप्त की करने के बाद सरकारी डॉक्टर के रूप में कार्य आरम्भ किया जिस पर वे १९९४ तक थीं। जब वह स्कूल में थीं तभी से ही कविताएं लिखना आरम्भ कर दिया था।

कृतियाँ[संपादित करें]

अंगूठाकार|१९९० के दशक के आरम्भिक दिनों में तसलीमा नसरीन्

उपन्यास[संपादित करें]

  • लज्जा
  • अपरपक्ष (उच्चारण : ओपोरपोक्ख)
  • निमंत्रण (उच्चारण : निमोन्त्रोन)
  • फेरा

आत्मकथा[संपादित करें]

  • आमार मेयेबेला
  • द्विखण्डित (उच्चारण : द्विखंडितो)
  • सेई सब अंधकार (उच्चारण : सेई सोब अंधोकार)
  • अमी भालो नेई, तुमी भालो थेको प्रियो देश

कविता[संपादित करें]

  • निर्बासितो बाहिरे ओन्तोरे
  • निर्बासितो नारीर कोबिता
  • खाली खाली लागे
  • बन्दिनी (उच्चारण : बोन्दिनी)

निबन्ध संग्रह[संपादित करें]

  • नष्ट मेयेर नष्ट गद्य (नोस्टो मेयेर नोस्टो गोद्दो)
  • छोटो च्होटो दुखो कोथा
  • नारीर कोनो देश नेई

सम्मान एवं पुरस्कार[संपादित करें]

वर्ष २००० में आनन्द पुरस्कार प्राप्त करती हुई तसलीमा नसरीन

अपने उदार तथा स्वतंत्र विचारों के लिये तसलीमा को देश-विदेश में सैकड़ों पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किये गये हैं। इनमें से कुछ ये हैं-

  • आनन्द साहित्य पुरस्कार, १९९२ एवं २०००।
  • नाट्यसभा पुरस्कार, बांलादेश, १९९२
  • यूरोपियन पार्लामेन्ट द्वारा विचार स्वातंत्य के लिये दिया जाने वाला शखारोव पुरस्कार, १९९४
  • फ्रान्स सरकार द्वारा प्रदत्त मानवाधिकार पुरस्कार, १९९४
  • फ्रान्स का 'एडिक्ट ऑफ नान्तेस' पुरस्कार, १९९४
  • स्विडिश इन्टरनेशनल पेन द्वारा प्रदत्त कुर्त टुकोलस्की पुरस्कार, १९९४
  • संयुक्त राष्ट्र का मानवाधिकार के लिये हेलमैन-ह्यामेट ग्रान्ट सम्मान, १९९४
  • 'Emperor Has No Clothes Award', Freedom From Religion Foundation, USA, 2015

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]