गोकुलभाई भट्ट

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गोकुलभाई भट्ट (१९ फ़रवरी १८९८ – ६ अक्टूबर १९८६) राजस्थान के एक स्वतंत्रता सेनानी एवं कांग्रेस के नेता थे। उन्हें राजस्थान का गांधी माना जाता है। उन्होंने गांधी जी के नेतृत्व में तो आजादी की लड़ाई लड़ी ही राजस्थान में कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष भी रहे। उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा, सन १९७१ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये हाथल सिरोही राजस्थान राज्य से थे।इनका जन्म 1897 मे शिवरात्रि के दिन हुआ था ।

गोकुल भाई भट्ट को उनका राजस्थान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके आंदोलनों के परिणामस्वरुप ही आबू पर्वत, सिरोही का हिस्सा राजस्थान को मिला।सन 1951 के बाद राजस्थान में गांधीजी के रचनात्मक कार्यों को बढ़ाने का बीड़ा उठाया, उन कामों को बढ़ाने के लिए राजस्थान समग्र सेवा संघ का गठन भी सभी गांधी जनों को साथ लेकर किया। इसके माध्यम से प्रदेश में भूदान आंदोलन चलाया जिसमें 6लाख बीघा से अधिक भूमि गोदान में प्राप्त कर भूमिहीनों में वितरित की एवं 315 ग्रामदानी गांव का निर्माण। किया उनके नेतृत्व में ही शराबबंदी आंदोलन भी चला जिससे प्रदेश में शराबबंदी कानून बना। सभी रचनात्मक कार्यों के विस्तार एवं गांधी विचार प्रशिक्षण के लिए मई 1959 में राजस्थान समग्र सेवा संघ के लिए दुर्गापुरा में भूमि खरीदी वहां से ही गांधी विचार के कार्यों का संचालन होता रहा।

सन्दर्भ[संपादित करें]