खेल (1992 फ़िल्म)

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खेल
खेल.jpg
खेल का पोस्टर
निर्देशक राकेश रोशन
निर्माता किरन सिंह
आर. ए. सिंह
लेखक जावेद अख्तर
पटकथा जावेद अख्तर
अभिनेता अनिल कपूर,
माधुरी दीक्षित,
अनुपम खेर,
माला सिन्हा,
सोनू वालिया
संगीतकार राजेश रोशन
प्रदर्शन तिथि(याँ)
  • 14 अगस्त 1992 (1992-08-14)
देश भारत
भाषा हिन्दी

खेल 1992 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। यह हास्य प्रेमकहानी फ़िल्म का निर्देशन राकेश रोशन ने किया है और कहानी के लेखक जावेद अख्तर है। अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, सोनू वालिया, अनुपम खेर और माला सिन्हा मुख्य भुमिकाओं में हैं। खेल लगभग दर्जन फिल्मों में से एक है, जिसमें अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित ने एक साथ काम किया है।

संक्षेप[संपादित करें]

विधवा और बुजुर्ग उद्योगपति सुलक्षणा देवी (माला सिन्हा) अपने व्यापार और संपत्ति को भतीजे बलवंत (प्रेम चोपड़ा) द्वारा देखभाल करने की अनुमति देती है। विदेश से लौटने के कुछ ही समय बाद, उनके एकमात्र बेटे, रवि (विजयेन्द्र घटगे) को बलवंत द्वारा योजनाबद्ध कार दुर्घटना में मारा गया क्योंकि उसके पास संपत्ति और स्वामित्व हासिल करने का एजेंडा है। रवि की मौत की खबरे सुलक्षणा को सदमे की स्थिति में पहुँचा देती है। जिसके बाद वह केवल कामिनी नाम की एक गर्भवती महिला से मिलने के लिए ठीक होती है, जिसका दावा है कि वह रवि के बच्चे की माँ बनने वाली है। सुलक्षणा ने इसका अविश्वास किया और कामिनी को जाने को कहा; कामिनी के प्रस्थान के बाद रवि के दोस्त में से एक संजय गुप्ता (विवेक बासवानी) ने इस तथ्य की पुष्टि की कि रवि और कामिनी का रिश्ता था। सुलक्षणा ने अपने आदमियों को कामिनी को खोजने के लिये भेज दिया लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। कई सालों बाद सुलक्षणा से सीमा (माधुरी दीक्षित) नाम की एक युवा महिला ने संपर्क किया, जो दावा कर रही है कि वह रवि की संतान है जिसे सुलक्षणा द्वारा स्वीकार किया जाना है। लेकिन सुलक्षणा को पता नहीं है कि वह जल्द ही सीमा के चाचा से मिलेंगी, जो दोनों उसे उनकी संपत्ति को हड़पने की योजना बनाते हैं। दूसरी तरफ एक अरुण कुमार (अनिल कपूर) नाम का पुरुष जो उसका नया सहायक है और दूसरा जालसाज़ है जो वास्तव में उसका असली पोता है। दुर्भाग्यवश बलवंत ने उन सभी को हमला कर के मारने की योजना बनाई है ताकि वह अंततः परिवार की सभी संपत्तियों का वारिस बन सके।

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

सभी गीत जावेद अख्तर द्वारा लिखित; सारा संगीत राजेश रोशन द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."एक बात मान लो तुम"आशा भोंसले2:00
2."इडली डू इडली डू"आशा भोंसले6:34
3."सूने शाम सवेरे तब से"अमित कुमार5:05
4."ज़िन्दगी के खेल में"अलका याज्ञनिक, कुमार सानु4:28
5."खत लिखना है पर सोचती हूँ"लता मंगेशकर, मोहम्मद अज़ीज़5:47
6."ना है जमीन ना आसमान"अमित कुमार, साधना सरगम7:21

नामांकन और पुरस्कार[संपादित करें]

वर्ष नामित कार्य पुरस्कार परिणाम
1993 अनुपम खेर फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता पुरस्कार जीत

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]