कौशल

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कौशल गोत्र का परिचय:

कौशल गोत्र के कुल देवता, बीरा जी हैं। कौशल गोत्र की कुलदेवी शिवाय माता हैं। वर्तमान में कुलगुरु डॉ नन्दकिशोर कौशल हैं।

कौशल ऋषि एवं कौशल गोत्र

कुछ खत्री उपजातियों एवं कुछ ब्राह्मणों की उपजातियों के गोत्र ऋषि 'कौशल' हैं. वे पंजाब के सारस्वत ब्राह्मणों के भी गोत्र ऋषि हैं एवं कई खत्रियों की उपजातियों के भी गोत्र ऋषि हैं। ये भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र हिरण्याभ कौशल ऋषि के वंशज हैं. ऋषि कौशल के शिष्य याज्ञवल्क्य ऋषि थे।

कौशल गोत्र की दो शाखाएँ हैं:

  1. कुश कौशल
  2. लव कौशल
  3. कुश कौशल: कौशल खत्री: मलहोत्रा, मेहरोत्रा, मेहरा, मेहता, मरवाहा, मग्गो, माकन (माकिन), ओबराय, वोहरा, वासन, कुरीछ, कुंद्रा, देव, धुस्सा, केसर, कवात्रा, खोसला, सरीन, कपूर, खन्ना, चोपड़ा, सहगल, कात्याल, त्रेहन, बहल, भल्ला, जसवाल, कक्कड़, बेदी, रेखी आदि केे अलावा और भी उपजातियां हैं जो कौशल गोत्र के अंतर्गत आती हैं।

कौशल ब्राह्मण: लखनपाल, लबशा, संगर, झांजी, संदल, हँस, मल्हनहंस आदि सारस्वत ब्राह्मणों की बहुत सी उपजातियां हैं जो कौशल गोत्र के अंतर्गत आती हैं। और भी बहुत उपजातियाँ हैं जिनका गोत्र कौशल हैं। ये उनकी प्राचीन गद्दी हैं। कुलगुरु गद्दी का नाम श्री बीरा जी है जो कि आज के पाकिस्तान के जिला मुज़फ़्फ़रगढ़ तहसील कोटअदू के गाँव एहसानपुर में थी। कुल गुरु परम्परा इस प्रकार है! कौशल गोत्र के कुलगुरु और गद्दी गुरु ब्रह्मलिन १००८ श्री ख़ुशी राम जी मलनहंस कौशल गोत्रीय। इन से पहले गुरु पूर्वजों का नाम पता नही चल पाया। इनके बाद गुरू ब्रह्मलीन श्री १००८ निर्मलदास जी मलनहंस कौशल गोत्रीय उसके उपरांत ब्रह्म लीन स्वामी श्री श्री 108 तारा चन्द जी मलनहंस कौशल गोत्रीय ब्रह्मलीन। स्वामी श्रीश्री १००८ मंघा लाल जी मलनहंस कौशल गोत्रीय। एवम् ब्रह्मलीन स्वामी श्री रोशन लाल जी मलनहंस कौशल गोत्रिय, ब्रह्म लीन पंडित करम चन्द जी मलनहंस कौशल गोत्रिय, ब्रह्मलीन श्री गोकल चंद जी मलनहंस कौशल गोत्रीय। इस समय इस परिवार में अब नन्द किशोर कौशल गद्दी का परचार और प्रसार कर रहे हैं। जो भी पंजाबी ब्राह्मण एवं क्षत्रिय कौशल गोत्र के हैं। ये उनकी गद्दी है।

हिरण्यभा कौशल ऋषि हैं जिनसे कौशल गोत्र आरंभ हुआ, जो की यज्ञवल्क्य ऋषि के शिक्षक थे।

कौशल गोत्र के कुल देवता बीरा जी हैं। कौशल गोत्र की कुलदेवी शिवाय माता है।

जो भी पंजाबी बिरादरी, ककड़, मल्होत्रा, मेहरोत्रा, मेहरा, मरवाहा, मेहता, बहल, खोसला, बैंस, माकन, कपूर, कत्याल, खन्ना, हाँडा, चानना, वाही, देव, चोपड़ा, क्वात्रा, त्रेहन, मग्गो, कुंद्रा, वोहरा, कोछर, बराडा, वधावन, भल्ला, भटूरे, सरीन, और सच्चर, वासन आदि, अथवा खत्रियों में हंस, ऋषि, झांजी, संगर, पंजवानी, तेंजानी, लबशे, लखनपाल तथा मल्हनहंस ब्राह्मण इन जातियों का कौशल गोत्र है और इनकी कुलगुरु गद्दी का नाम श्री बीरा जी है।

ध्यान दें: कुछ क्षेत्रों में कपूर और खन्ना का गोत्र कौशिक, चोपड़ा का गौत्र अवलश, और भल्ला का वत्स भी प्रचलित है कृपया अपने पूर्वज परंपरा के अनुसार चले।

कुल गुरु परम्परा इस प्रकार है:

कौशल गोत्र के कुल गुरु और गद्दी गुरु ब्रह्मलिन १००८ श्री ख़ुशी राम जी मलनहंस कौशल गोत्रीय। इन से पहले गुरु पूर्वजों का नाम पता नहीं चल पाया। इसके बाद गुरू ब्रह्म लीन श्री १००८ निर्मलदास जी मलनहंस कौशल गोत्रीय उसके उपरांत ब्रह्म लीन स्वामी श्री श्री १००८ तारा चन्द जी मलनहंस कौशल गोत्रीय ब्रह्म लीन! स्वामी श्री श्री १००८ मंघा लाल जी मलनहंस कौशल गोत्रीय! एवम् ब्रह्म लीन स्वामी श्री रोशन लाल जी मलनहंस कौशल गोत्रिय ब्रह्म लीन पंडित करम चन्द जी मलनहंस कौशल गोत्रिय, ब्रह्मलीन श्री गोकल चंद जी मलनहंस कौशल गोत्रीय! इस समय इस परिवार में अब नन्द किशोर कौशल गद्दी का परचार और प्रसार कर रहे हैंजो भी पंजाबी ब्राह्मण एवं क्षत्रिय कौशल गोत्र के हैं ये उनकी गद्दी है!

'कौशल का अर्थ इनमें से कुछ भी हो सकता है:


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