कैस्पियन सागर

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
कैस्पियन सागर
निर्देशांक40°N 51°E / 40°N 51°E / 40; 51निर्देशांक: 40°N 51°E / 40°N 51°E / 40; 51
प्रकारएण्डोरिक, खारा, स्थायी, प्राकृतिक
मुख्य अन्तर्वाहवोल्गा नदी
मुख्य बहिर्वाहवाष्पीकरण
जलसम्भर3,626,000 कि॰मी2 (1,400,000 वर्ग मील)[1]
द्रोणी देशFlag of अज़रबैजान अज़रबैजान
Flag of ईरान ईरान
Flag of कज़ाख़िस्तान कज़ाख़िस्तान
Flag of रूस रूस
Flag of तुर्कमेनिस्तान तुर्कमेनिस्तान
सतही क्षेत्रफल371,000 कि॰मी2 (143,000 वर्ग मील)
औसत गहराई184 मी॰ (604 फीट)
जल आयतन78,200 कि॰मी3 (18,800 घन मील)
अस्तित्व काल२५० वर्ष
सतही ऊँचाई−28 मी॰ (−92 फीट)
द्वीपबहुत से (देखेंलेख)
बस्तियाँबाकु (अज़रबैजान), राश्त (ईरान), अक़तऊ (कज़ाख़स्तान), मखाचकला (रूस), तुर्केम्बसी (तुर्कमेनिस्तान) (देखें लेख)
सन्दर्भ[1]

कैस्पियन सागर (फ़ारसी: دریای مازندران‎, दरया-ए-माज़ंदरान), एशिया की एक झील है जिसे अपने वृहत आकार के कारण सागर कहा जाता है। मध्य एशिया में स्थित यह झील क्षेत्रफल के हिसाब से विश्व की सबसे बड़ी झील है। इसका क्षेत्रफल ४,३०,००० वर्ग किलोमीटर तथा आयतन ७८,२०० घन किलोमीटर है। इसका कोई बाह्यगमन नहीं है और पानी सिर्फ़ वाष्पीकरण के द्वारा बाहर जाता है। ऐतिहासिक रूप से यह काला सागर के द्वारा बोस्फ़ोरस, ईजियन सागर और इस तरह भूमध्य सागर से जुड़ा हुआ माना जाता है जिसके कारण इसे ज्यरचना के आधार पर इसे झील कहना उचित नहीं है। इसका खारापन १.२ प्रतिशत है जो विश्व के सभी समुद्रों के कुल खारेपन का एक-तिहाई है।

नामोत्पत्ति

हालांकि इसपर कुछ विवाद है, बहुत से इतिहासकार मानते हैं कि कैस्पियन सागर का नाम इसके किनारे बसने वाली प्राचीन कास्पी जाति के ऊपर पड़ा था।[2]

विवरण

कैस्पियन सागर विश्व में विश्व के सभी झीलों के कुल जल का ४०-४४ % जल है। तुर्कमेनिस्तान, कज़ाख़स्तान, रूस, अजरबैजान, ईरान इसके तटवर्ती देश हैं। इसका उत्तरी भाग बहुत छिछला है जहाँ इसकी गहराई ५- ६ मीटर है, जबकि दक्षिणी भाग की औसत गहराई १००० मीटर के आसपास है। कैस्पियन सागर को प्राचीन मानचित्रों में क़ाज़्विन भी कहा गया है। इसके अलावा इसे ईरान में दरया-ए-माज़ंदरान भी कहते हैं। काले सागर की ही भांति यह भी ऐतिहासिक व विलुप्त पैरा टिथाइस सागर का अवशेष है जो लगभग ५५ लाख वर्षों पूर्व पृथ्वी की विवर्तनिक (टेक्टोनिक) पर्तों की गतिविधियों के कारण भूमि-बंध हो गया था। यूरोप से आती वोल्गा नदी जो यूरोप के २०% भूमि क्षेत्र को सींचती है, कैस्पियन सागर के ८०% जल का स्रोत है। इसके अलावा अन्य मुख्य स्रोत युराल नदी है। इस सागर में बहुत से द्वीप हैं, जिनमें ऑगुर्जा आडा सबसे बड़ा द्वीप है जिसकी लंबाई ४७ कि.मी है।

कुछ चुने चित्र

सन्दर्भ

  1. वान डर लीडेन, ट्रॉएज़, एवं टॉड, एड्स, द वॉटर विश्वकोष द्वितीय संस्करण. चेल्सिया, एम.आई: लुविस पब्लिशर्स, १९९०, पृष्ठ १९६
  2. The Book of Iran: The History of Iranian Art, pp. 8, Alhoda UK, 2003, ISBN 978-964-94491-4-2, ... It seems possible that the name of the Caspian Sea and even the name Qazvin (which is the Arabic form of Caspian), a large city in the north of Iran, may have been derived from this word ...

बाहरी कड़ियाँ