ईजियन सागर
| ईजियन सागर | |
|---|---|
| स्थान | भूमध्य सागर |
| निर्देशांक | 39°N 25°E / 39°N 25°E |
| प्रकार | सागर |
| नामोत्पत्ति | ईजिस |
| मुख्य अन्तर्वाह | इनाकोस, इलिसोस, स्पेर्कियोस, पिनियोस, हेलियकमॉन, वार्दार, स्त्रुमा, नेस्तोस, मारित्सा |
| मुख्य बहिर्वाह | भूमध्य सागर |
| द्रोणी देश | [1] |
| अधिकतम लम्बाई | 700 kमी॰ (2,300,000 फीट) |
| अधिकतम चौड़ाई | 400 kमी॰ (1,300,000 फीट) |
| सतही क्षेत्रफल | 214,000 kमी2 (2.30×1012 वर्ग फुट) |
| अधिकतम गहराई | 2,639 m[2] |
| द्वीप | 150+ |
| बस्तियाँ | अलेक्सांद्रुपोलिस, एथेंस, अयवालिक, बोद्रुम, चानाकले, चेश्मे, कानिया, दिदिम, हरैक्लियॉन, इज़मिर, कावाला, कुशादासी, नाफ़प्लियो, थेसालोनिकी, वोलोस |
ईजियन सागर भूमध्य सागर का एक विस्तार है। यह दक्षिणी बाल्कान क्षेत्र और एनाटोलिया प्रायद्वीप के बीच में स्थित है, इस प्रकार ये यूनान और तुर्की के मध्य स्थित है।
यह भूमध्य सागर की एक भुजा है जिसके पश्चिम में युनान और पूर्व में टर्की हैं। यह डार्डेनेल्स और बॉसपोरस जल-संयोजकों द्वारा मारमारा और काला सागर से जुड़ा है। 'ईजियन' शब्द का संबंध ईजी नगर से अथवा ईजिया (अमेज़न की रानी) से, अथवा ईजियस (थीसियस के पिता) से बताया गया है। संरचना की दुष्टि से यह सागर एक प्राचीन ध्वस्त स्थलखंड है जो लगभग पूर्णतया निमज्जित हो गया है। इसके चारों ओर नवीन भंजित पर्वत हैं जो स्वयं थोड़ी मात्रा में निमज्जित हैं। इन दशाओं के फलस्वरूप यह सागर द्वीपों से भरा है और इसमें यथाक्रम गहरी और उथली द्रोणियाँ हैं। यहाँ कुछ ज्वालामुखी द्वीप भी स्थित हैं। द्वीपों में गेहूँ, अगूंर, अंजीर, मुनक्का, गोंद, शहद, मोम, कपास और रेशम का उत्पादन होता है।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ (November 2011) Second Assessment of Ocean. UNECE. (Report).
- ↑ "EMODnet Digital Bathymetry (DTM)". European Union. 23 September 2022 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 23 September 2022.