कैसा ये प्यार है

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कैसा ये प्यार है
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कैसा ये प्यार है
प्रारूप नाटक, प्रेम
सर्जनकर्ता बालाजी टेलीफिल्म्स
निर्देशित जीतू अड़ोरा
रचनात्मकनिर्देशक शिवांगी सिंह चौहान, संदीप सिककन्द, अपर्णा दुबे और कृपा नारायनन
अभिनय नीचे देखें
मूल देश भारत
भाषा(एं) हिन्दी
अंक संख्या 331[1]
निर्माण
निर्माता एकता कपूर और शोभा कपूर
संपादक संजीव शुक्ल, धीरेंद्र सिंह और रोहण सावंत
सिनेमैटोग्राफी दीपका मलवांकर, संतोष सूर्यवंशी और निखिल सिन्हा
प्रसारण अवधि 24 मिनट
प्रसारण
मूल चैनल सोनी
मूल प्रसारण 29 मार्च 2005 – 5 अक्टूबर 2006
बाहरी सूत्र
आधिकारिक जालस्थल

कैसा ये प्यार है सोनी पर प्रसारित होने वाला एक कार्यक्रम है। यह 29 मार्च 2005 से 5 अक्टूबर 2006 तक चला।

कहानी[संपादित करें]

कृपा शर्मा (नेहा बम्ब) एक नैनीताल में रहने वाली लड़की है, जिसे संगीत के साथ-साथ मुंबई में रहने वाले अंगद खन्ना (इक़बाल खान) से बहुत अधिक प्यार है। वह अंगद से मिलने के लिए मुंबई जाती है। कृपा और अंगद के परिवार वाले पुराने मित्र है, जिसके कारण कृपा मुंबई में उनके ही घर पर रुकती है। लेकिन अंगद से मिल नहीं पाती। अंगद के दादी के अलावा सभी परिवार वाले उससे बुरा व्यवहार करते है।

जब कृपा अंगद से मिलती है तो वह उसे बहुत बुरा व्यक्ति लगता है। वह संगीत के तैयारी करते समय भी उससे बुरा व्यवहार करता है। और कृपा उसे थप्पड़ मार देती है साथ ही कार्यक्रम के लिए भी मना कर देती है। लेकिन उसे कार्यक्रम करना पड़ता है। इसके बाद से कृपा और अंगद दोनों एक दूसरे से नफरत करने लगते है। इसके बाद भी वह कार्यक्रम बहुत लोकप्रिय हो जाता है।

एक रात कृपा और पृथ्वी के परिवार वाले उन दोनों की शादी तय करते है। लेकिन अंगद कृपा को बताता है कि वह उसे प्यार करता है। और इस कारण कृपा शादी से इंकार कर देती है। इसी के साथ कृपा और अंगद की प्रेम कहानी शुरू होती है। लेकिन यह रिश्ता कई लोगों को अच्छा नहीं लगता है। जैसे: नैना खन्ना (अंगद की माँ), मिश्ती और पृथ्वी को। नैना उसे अंगद के जीवन से हटाने के लिए कुछ झुठे सबूत बना कर अंगद को दिखती है। वह ऐसा दिखाती है कि कृपा पृथ्वी से प्रेम करती है और अंगद से केवल पैसों के लिए ही शादी कि है। यह जान कर अंगद कृपा से सारे रिश्ते तोड़ देता है और मिश्ती से शादी करने का निर्णय लेता है। कृपा अंगद के बच्चे को जन्म देने वाली थी और इस कारण वह अंगद से दूर चली गई लेकिन एक घटना के कारण वह बच्चा बच नहीं पाया। अंगद की दादी अंगद को बताती है कि उसकी माँ ने जो सबूत दिये वह सभी झूठे हैं। जब सच्चाई पता चलती है तो अंगद और मिश्ती के शादी के दिन ही वह शादी तोड़ देता है। लेकिन वहीं कृपा यह सब का जिम्मेदार अंगद को मानती है और उसे बर्बाद करने का निश्चय करती है। अंगद यह मानता है कि वह कृपा से बहुत प्यार करता है और वह अपने मित्र जोश को कृपा की मदद करने के लिए बोलता है। जिससे कृपा एक लोकप्रिय व सफल गायक बन गई। वहीं अंगद एक असफल गायक बन गया। तभी जोश (अंगद का मित्र) कृपा को बताता है कि उसके कारण ही वह एक सफल गायिका बन सकी। यह जान कर कृपा उसे माफ कर देती है और उसे पुनः सफल बनाने के लिए वह उसके साथ कार्यक्रम के लिए भी मान जाती है। लेकिन कृपा उसके मित्र पृथ्वी, जिसने उसकी हर समय सहायता की, उससे शादी करने का निर्णय लेती है।

वहीं अंगद और कृपा के कार्यक्रम के पश्चात वह दोनों पुनः सफल और लोकप्रिय हो जाते हैं। तभी कृपा और पृथ्वी कि शादी की तैयारी शुरू हो जाती है और जोश कृपा को यह समझाता है कि वह अंगद से प्यार करती है। अंगद और कृपा को मिलाने के लिए पृथ्वी शादी तोड़ देता है। इसके बाद कृपा और अंगद एक हो जाते है। कुछ दिनों के पश्चात अंगद पर कोई जानलेवा हमला करने कि कोशिश करता है। कृपा को लगता है कि यह कार्य जोश का है। यह बात वह अंगद को बताती है। इससे अंगद और जोश के बीच कुछ दूरियाँ बन जाती है, लेकिन वह इस मामले को सुलझा लेते हैं। उसके बाद जोश कहता है कि यह कार्य पृथ्वी ने कृपा के न रहते समय किया है। लेकिन उसे पृथ्वी मार देता है। उसके मौत का इज़्ज़ाम अंगद पर आ जाता है। उसे कृपा निर्दोष मानती है और के वकील को इस प्रकरण के लिए चुनती है। लेकिन सिमोन कृपा को यह विश्वास दिलाती है कि अंगद के झूठा व्यक्ति है। कृपा भी उसे दोषी समझती है और न्यायालय में उसके खिलाफ गवाही देती है। जिसके कारण अंगद जेल चला जाता है और साथ ही अंगद का दिल भी टूट जाता है।

एक वर्ष पश्चात[संपादित करें]

एक वर्ष पश्चात कृपा दुबई में पृथ्वी के साथ शादी कर लेती है। तभी वहाँ उसे एक अंगद के जैसे दिखने वाला एक व्यक्ति डराता है। लेकिन इस पर कोई भी विश्वास नहीं करता है कि अंगद दुबई में है। पृथ्वी मुंबई पुलिस से अंगद के बारे में पता करता है तो पता चलता है कि अंगद को दूसरे जेल में ले जाते समय दुर्घटना होने के कारण उसकी मौत हो गई। यह बात सुन कर कृपा स्तम्भ रह गई। इसके बाद भी वह अंगद से प्यार करती थी। तभी उसकी मुलाक़ात ज़ाइब से होती है जो एक गायक है। अंगद भी ज़ाइब बन कर उन सभी से मिलता है। लेकिन वह दिखाता है कि वह ज़ाइब है और सभी यह मान लेते हैं यह मानने कि कोशिश करते है। लेकिन ज़ाइब कृपा के सामने यह मानता है कि वह अंगद ही है और जेल से दुर्घटना से बच कर वह भाग निकला था। वह कृपा से उसको जेल भेजने के कारण मानसिक रूप से उसे तड़पा रहा था। वह मुंबई में मिश्ती से सगाई कर लेता है, जिससे वह बोस परिवार के निकट आ सके। वह पृथ्वी और कृपा के शादी के तोड़ने के बहुत करीब पहुँच चुका था। तभी कृपा अंगद के सामने उसके पति पृथ्वी के साथ सोने का नाटक करती है। जिससे अंगद क्रोधित हो जाता है और अपना आखरी पत्ता खोलता है और कहता है कि वहीं ज़ाइब/अंगद है और वह पहले से ही कृपा के साथ शादी कर चुका है। इसके बाद पृथ्वी कृपा के साथ शादी तोड़ देता है।

अंगद कृपा को शादी के लिए कहता है और वह दोनों एक दूसरे से शादी कर लेते है, ताकि एक दूसरे को तबाह कर सकें। कृपा अंगद को पुनः प्रकरण के द्वारा जेल भेजने के लिए उसी जोश के प्रकरण को खुलवाती है। अंगद कहता है कि उसने कृपा के ब्यान देने के कारण वह जुर्म कबूला था। और अंगद के मित्र कृपा के सामने सच्चाई सामने लाते हैं, कि मिश्ती उसे झूठ बोली थी। इसके बाद जोश के वास्तविक हत्यारे का पता चलता है। वह कोई और नहीं पृथ्वी ही था जिसने अंगद को जान से मारने कि कोशिश कि और जोश के सामने सच पता चल गया था। इसी के कारण उसने जोश की भी हत्या कर दी। यह सब अदालत में साबित होने के बाद पृथ्वी भागता है और पुलिस के गोली के कारण कोमा में चले जाता है। अंगद अदालत से रिहा हो जाता है और वह फिर से कृपा के साथ प्यार भरी जिंदगी शुरू करता है।

मिश्ती अपने भाई पृथ्वी का बदला लेने के लिए अंगद पर बलात्कार का प्रकरण दर्ज करती है लेकिन यह प्रकरण अंगद जीत जाता है। परंतु इस प्रकरण के समय कृपा अंगद पर विश्वास नहीं करती और इस कारण वह इस बार उसे माफ नहीं करता है। कृपा अंगद का घर छोड़ कर चले जाती है। वह एक व्यापारी निशांत सक्सेना के यहाँ कार्य करने लगती है।

पाँच वर्ष पश्चात[संपादित करें]

अंगद कृपा कि सारी यादों को अपने से दूर कर देता है और एक सफल गायक बन जाता है। निशांत अंगद के साथ अपना व्यापार जोड़ता है और इस कारण वह कृपा के साथ मुंबई आ जाता है। कृपा का आना अंगद को बहुत बेकार लगता है। इसके बाद कृपा कि सगाई निशांत के साथ और अंगद कि सगाई कणन के साथ हो जाती है। इसके बाद अंगद को पता चलता है कि प्रतीक उसका बेटा है। और जब सारी सच्चाई उसे पता चलती है तो वह कृपा को फिर से शादी के लिए कहता है। लेकिन कृपा शादी से इंकार कर देती है। क्योंकि निशांत कि माँ को ह्रदय रोग है और वह निशांत और कृपा को शादी करते हुए देखना चाहती हैं। परंतु बाद में अंगद को पता चलता है कि वह शादी केवल दिखाने के लिए हुई थी। अंगद और कृपा के पिछले समय का पता निशांत को चल जाता है और वह उन दोनों को मिलाने कि कोशिश करता है। इसलिए वह कृपा को लेकर दुबई अंगद के पास जाता है और तभी कृपा के पास कॉल आता है कि अंगद कि हत्या होने वाली है। निशांत इस बारे में अंगद को बताता है। लेकिन वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में गाने के लिए जाता है और वहाँ गोली चलती है लेकिन अंगद को बचाने के लिए वहाँ निशांत आ जाता है। लेकिन गोली उसे लगती है और उसकी मौत हो जाती है। यह हमला और किसी ने नहीं बल्कि अंगद के पिता ने ही कि होती है। इसके बाद कृपा मुंबई आ जाती है और अंगद दुबई में ही उसके आने का इंतजार करता है। साथ ही वह निशांत के परिवार कि देखभाल भी करता रहता है।

संयोग से निशांत और अंगद के परिवार द्वारा वह फिर से मिलते हैं और उसके बाद वह कभी नहीं बिछड़ते। इसके बाद कृपा और अंगद का दूसरा बच्चा जन्म लेता है। इसके बाद सभी खुशी-खुशी रहते हैं और कहानी का अंतिम भाग समाप्त हो जाता है।

कलाकार[संपादित करें]

  • इक़बाल खान - अंगद खन्ना
  • नेहा बम्ब - कृपा शर्मा / खन्ना
  • अमित टंडन - पृथ्वी बोस
  • हितेन तेजवानी - निशांत
  • गौरी प्रधान तेजवानी - कणन
  • चेतन हंसराज - जोश
  • रोहित बक्शी - शब्बिर अल्लुवालिया
  • सुवर्णा झा - मिश्ती बोस
  • जया भट्टाचार्य - दामिनी बोस
  • फाइजन किदवई - कार्तिक खन्ना
  • सुजाता सेगल - नैना खन्ना

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Kaisa Ye Pyar Hai". Sony Entertainment Television (India). अभिगमन तिथि 3 Jun 2012.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]