कुचामन का किला

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कुचामन का किला, राजस्थान के नागौर में स्थित है। यह दुर्ग राजस्थान के सबसे पुराने दुर्गों में से है। यह किला पर्वत के सबसे ऊपरी हिस्से पर स्थित है जैसे कि एक चील का घोंसला होता है । इसका निर्माण गुर्जर प्रतिहार वंश के सम्राट नागभट्ट प्रथम ने 750 ईo में कराया। [1]

गुर्जर प्रतिहार वंश के शासनकाल में ऐसे कई दुर्गों का निर्माण हुआ जिसमे मण्डौर, जालौर, कुचामन, कन्नौज, ग्वालियर के किले गुर्जर राजाओं के अत्यधिक मात्रा में समृद्धि होने का प्रमाण देते हैं। 300 वर्षो तक विदेशी अरबों की आंधी को रोकने का पूर्णतयः श्रेय इस गुर्जर वंश को जाता है। नागभट्ट, वत्सराज, मिहिरभोज, महेन्द्रपाल, महीपाल, प्रतापी योद्धा हुए। [2]

कुचामन का किला अपने प्रखर और भीमकाय परकोटो, 32 दुर्गों, 10 द्वारो और विभिन्न प्रतिरोधक क्षमता वाला किला है। यह एकमात्र अनोखी वास्तुकला वाला किला है। इस किले में जल संरक्षण और प्रबंधन के अच्छे इंतेजाम है। किले में कई भूमिगत टैंक आज भी विद्यमान है   कुचामन किले में कई भूमिगत गुप्त ठिकाने, प्राचीन अंधकूप, कारागार हैं जिन्हें आज भी देखा जा सकता है। वर्तमान मे अब ये हेरिटेज होटल में तब्दील हो गया है और यहा बौलीवुड फिल्मो की सूटिंग होती है।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. बी. एन. पुरी. हिस्ट्री ऑफ गुर्जर-प्रतिहार, नई दिल्ली, 1986.
  2. जे.एम. कैम्पबैल, दी गूजर (लेख), बोम्बे गजेटियर खण्ड IX भाग 2, बोम्बे, 1899.