जालौर

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जालौर
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य राजस्थान
ज़िला जालौर जिला
विधायक अमृता मेघवाल
नगर पालिका अध्यक्ष सवाई सिंह
जनसंख्या 18,28,730 (1) (2011 तक )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 178 मीटर (584 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: www.jalore.nic

Erioll world.svgनिर्देशांक: 25°21′N 72°37′E / 25.35°N 72.62°E / 25.35; 72.62

जालौर राजस्थान राज्य का एक एतिहसिक शहर है। यह शहर प्राचीनकाल मे 'जाबालिपुर' के नाम से जाना जाता था। जालौर जिला मुख्यालय यहाँ स्थित है। लूनी नदी की उपनदी सुकरी के दक्षिण में स्थित जालौर राजस्थान का ऐतिहासिक जिला है।

इतिहास[संपादित करें]

प्राचीनकाल में इसे जबलीपुर और सुवर्णगिरी के नाम से भी जाना जाता था। 12वीं शताब्दी में यह चौहान गुर्जर की राजधानी था। वर्तमान में यह जिला बाड़मेर, सिरोही, पाली और गुजरात के बनासकांथा जिले से घिरा हुआ है। गुर्जर शासकों के हाथ से गुजरने के कारण यहां के स्मारकों पर उनका प्रभाव देखा जा सकता है। जालौर का प्रमुख आकर्षण जालौर किला है लेकिन इसके अलावा भी यहां अनेक दर्शनीय स्थल हैं।

मुख्य आकर्षण[संपादित करें]

जालौर किला[संपादित करें]

भारत के सबसे प्रसिद्ध किलों में से एक जालौर किले का निर्माण 10वीं शताब्दी में परमारों द्वारा कराया गया था। यह अद्भुत किला खड़ी पहाड़ी पर स्थित है। यहां के महल बहुत साधरण हैं जिनमें बहुत अधिक सजावट देखने को नहीं मिलती। मंदिर में प्रवेश के चार भव्य द्वार हैं जहां तक पहुंचने का एक ही रास्ता है। किले का निर्माण पारंपरिक हिंदू वास्तुशिल्प के &x905

जहाज मंदिर[संपादित करें]

जहाज मंदिर एक जैन मंदिर है जो बिशनगढ़ से 5 किमी. दूर है। श्री शांतिनाथ प्रभु की प्रतिमा और परमात्मा का मार्ग पंचधातु से बनाया गया है। मुख्य प्रतिमा के दायीं ओर आदिनाथ और बायीं ओर भगवान वसुपूज्य विराजमान हैं। मंदिर के अन्य कोनों पर भी मूर्तियां रखी गई हैं। अराधना भवन और भोजशाला के साथ ही एक विशाल धर्मशाला भी जुड़ी हुई है। जालौर एक शान्‍त एवं सुसज्जित क्षैृ हे यहॉ पर बाहर के जिलों के कर्मचारी ज्‍यादा कार्यरत हैा शिक्षा का स्‍तर बहुत कमजोर हैा

श्री स्वर्णगिरी तीर्थ[संपादित करें]

श्री स्वर्णगिरी तीर्थ जालौर शहर के पास स्वर्णगिरी पहाड़ी पर स्थित है। पद्मासन मुद्रा में बैठे भगवान महावीर यहां के मुख्य अराध्य देव हैं। मंदिर का निर्माण राजा कमरपाल ने करवाया था और इसकी देखरख श्री स्वर्णगिरी जैन श्‍वेतांबर तीर्थ पेढ़ी नामक ट्रस्ट करता है। भगवान महावीर की श्‍वेत प्रतिमा की स्थापना 1221 विक्रम संवत में की गई थी।

श्री उमेदपुर तीर्थ[संपादित करें]

श्री उमेदपुर तीर्थ जालौर जिले के उमेदपुर में स्थित है। यह मंदिर श्री भीदभंजन पार्श्‍वनाथ भगवान को समर्पित है। मंदिर की नींव योगराज श्री विजय शांतिगुरु ने 1995 विक्रम संवत में रखी थी। यहां पर भोजनशाला और धर्मशाला में है।

तीर्थेद्रनगर[संपादित करें]

तीर्थेद्रनगर एक धार्मिक स्थल है जो जालौर से 48 किमी. दूर है। श्री चमत्कारी पार्श्‍वनाथ जैन तीर्थ यहां के मुख्य आकर्षण हैं। जालौर से यहां के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध है।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

नजदीकी हवाई अड्डा जोधपुर यहां से 140 किमी. दूर है।

रेल मार्ग

यह जिला उत्तरी रेलवे के ब्रोड गेज लाइन से जुड़ा हुआ है। बहुत से शहरों से यहां के लिए रेल चलती हैं।

सड़क मार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग 15 इस जिले से होकर गुजरता है। सभी ब्लॉक मुख्यालय बस सेवा से जुड़े हुए हैं।

जनसंख्या[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

http://en.wikipedia.org/wiki/Jalore jalore se40 km par ban mataji mandir otwala bada mandir he

यह भी देखेँ[संपादित करें]