कपोलकल्पना

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

कपोलकल्पना या काल्पनिक साहित्य (अंग्रेज़ी: fiction; हिन्दी में फ़िक्शन) एक कहानी या अभिविन्यास हैं जो कल्पना से व्युत्पन्न होती हैं ― अन्य शब्दों में, जो इतिहास या तथ्यों पर सख्ती से आधारित न हो।[1][2][3] कपोलकल्पना की अभिव्यक्ति विभिन्न प्रारूपों में की जा सकती हैं, जिसमें लेखन, लाइव प्रदर्शन, फ़िल्में, टेलीविजन कार्यक्रम, एनिमेशन, वीडियो गेम, और भूमिका-निभाने वाले खेल शामिल हैं, भले ही वह शब्द मूल रूप से और सबसे आम तौर पर साहित्य के कथात्मक रूपों को संदर्भित करता हैं (साहित्यिक कपोलकल्पना देखें), जिसमें उपन्यास, नॉवेल, लघुकथाएँ, और नाटक शामिल हैं। कपोलकल्पना को कभी-कभी किसी भी "साहित्यिक कथा" का अर्थ देने के लिए इसकी सबसे कम समझ में उपयोग किया जाता है।

कपोलकल्पना साहित्य की वह शाखा है जिसमें कथाओं में दर्शाए गए स्थान, व्यक्ति, घटनाएँ और सन्दर्भ कुछ मात्रा में या पूरी तरह लेखक की कल्पना पर आधारित हों और वास्तविकता से हट के हों। इसके विपरीत गैर-कपोलकल्पना है जो पूर्णतः वास्तविकता पर ही आधारित होता है।

उर्दू, फ़ारसी, अरबी और कभी-कभी हिंदी में भी काल्पनिक साहित्य को "ख़्याल" (خيال) या "ख़्याली साहित्य" बोलते हैं।

प्रारूप[संपादित करें]

इन्हें भी देखें: कपोलकल्पित विधाओं की सूची

विधा कपोलकल्पना[संपादित करें]

साहित्यिक कपोलकल्पना[संपादित करें]

यथार्थवाद[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "fiction Archived 24 अक्टूबर 2017 at the वेबैक मशीन.." Merriam-Webster.com. Merriam-Webster, Incorporated. 2015.
  2. Sageng, Fossheim, & Larsen (eds.) (2012). The Philosophy of Computer Games Archived 13 मार्च 2017 at the वेबैक मशीन.. Springer Science & Business Media. pp. 186-187.
  3. William Harmon and C. Hugh Holman A Handbook to Literature (7th edition). New York: Prentice Hall, 1990, p. 212.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]