उमा चक्रवर्ती

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उमा चक्रवर्ती

उमा चक्रवर्ती - मई 2015
पूरा नाम उमा चक्रवर्ती
जन्म 20 अगस्त 1941[1]
Delhi
मुख्य कृतियाँ Social Dimensions of Early Buddhism
Rewriting History: The Life and Times of Pandita Ramabai

उमा चक्रवर्ती एक भारतीय इतिहासकार और नारीवादी हैं जिन्होंने मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाया था। उनकी छात्रवृत्ति बौद्ध धर्म, प्रारंभिक भारतीय इतिहास, 19वीं सदी के इतिहास और समकालीन मुद्दों पर केंद्रित थी। वह महिलाओं के आंदोलन और लोकतांत्रिक अधिकारों के आंदोलन से जुड़ी एक कार्यकर्ता भी रही हैं, जिसमें कई तथ्य-शोध समितियों में भाग लेना शामिल है, जिसमें 'गुजरात के लिए न्याय पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण' शामिल है।[2][3] वो भारत में नारीवादी इतिहास-लेखन की एक प्रमुख विद्वान हैं और उसे भारतीय महिला आंदोलन की 'संस्थापक माँ' कहा जाता है।

प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

उमा चक्रवर्ती का जन्म 20 अगस्त 1941 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता मूल रूप से केरल के पालघाट से एक सरकारी नौकर थे। उमा ने दिल्ली पब्लिक स्कूल में और बाद में, माउंट कार्मेल कॉलेज, बैंगलोर में अध्ययन किया। बाद में, उन्होंने कानून का अध्ययन कॉलेज ऑफ ला, बेंगलुरु में किया और साथ ही बानारस हिंदू विश्वविद्यालय से इतिहास में मास्टर की डिग्री पूरी की।


कैरियर[संपादित करें]

चक्रवर्ती ने 1966 में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रीमियर महिला कॉलेज, मिरांडा हाउस में दाखला लिया।[4] वो 1988 तक बौद्ध धर्म, प्रारंभिक भारतीय इतिहास, 19वीं शताब्दी का इतिहास और समकालीन मुद्दों पर काम करते वहां रही। उन्होंने 7 पुस्तकों और 50 से अधिक शोध लेखों का लेखन किया।

1970 के दशक से चक्रवर्ती, महिलाओं के आंदोलन और लोकतांत्रिक अधिकारों के आंदोलन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने मानव अधिकारों के उल्लंघन, सांप्रदायिक दंगों और राज्य दमन की जांच के लिए कई तथ्य-खोजी टीमों में भाग लिया।


सबसे हालिया काम, उसने दो फिल्मों का निर्देशन किया है, एक बाल दुल्हन सुब्बुलक्ष्मी के जीवन पर है, जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था। और दूसरा लेखक मिथिली शिवरामन पर जिसने श्रमिक पुरुषों और महिलाओं के साथ काम करते, उनके उत्पीड़न का दस्तावेजीकरण किया था। [5]

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के इतिहासकार कुमकुम राय ने चक्रवर्ती के सम्मान में विद्वानों के एक लेख-संग्रह का संपादन किया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने शिक्षकों, छात्रों और दोस्तों की पीढ़ियों को प्रेरित किया था।[6] सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू यॉर्क से एशले टेलिस कहते हैं कि भारतीय नारीवादी इतिहास-लेखन के साथ-साथ भारतीय महिला आंदोलन की स्थापना की मां की भूमिका निभाते, उस ने कई युवा विद्वानों और कार्यकर्ताओं के जीवन और करियर पर गहरा प्रभाव डाला था। [7]

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

उमा एक समाजशास्त्री आनंद चक्रवर्ती से शादी कर चुकी हैं। उनके पास एक बेटी उपली और बेटा सिद्धार्थ है। वह अपने पति और बेटी के साथ दिल्ली में रहती है।


रचनाएँ [संपादित करें]

पुस्तकें
  • Social Dimensions of Early Buddhism (Oxford University Press, 1987). ISBN 8121507499.
  • Delhi Riots: Three Days in the Life of a Nation (with Nandita Haksar, Delhi: Lancer International, 1987)
  • Rewriting History: The Life and Times of Pandita Ramabai (Kali for Women, 1998). ISBN 9381017948.
  • From Myths to Markets: Essays on Gender (with Kumkum Sangari, Indian Institute of Advanced Study, Simla, 1999)
  • Gendering Caste through a Feminist Lens (Stree, 2002). ISBN 8185604541.
  • Everyday Lives, Everyday Histories: Beyond the Kings and Brahmanas of Ancient India (Tulika Books, 2006). ISBN 8189487043.
  • Shadow Lives: Writings on Widowhood (with Preeti Gill, Kali for Women, 2006). ISBN 8186706402.

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Julia Dutta, Uma Chakravarti, a larger than life picture, Dignity Dialogue, November 2013, retrieved 2015-12-15.
  2. Dr Uma Chakravarti (bio), Leiden University, retrieved 2015-12-11.
  3. WGST Visiting Scholar: Uma Chakravarti, Drew University, 22 October 2012, retrieved 2015-12-15.
  4. Chakravarti 2014.
  5. Kumkum Roy, Insights and Interventions 2011, पृ॰ 13-14.
  6. Kumkum Roy, Insights and Interventions 2011, cover leaf.
  7. Tellis, Ashley (2007), "Book Review: Uma Chakravarti, Everyday Lives, Everyday Histories: Beyond the Kings and Brahmanas of 'Ancient' India", Social Scientist, 35 (5/6), JSTOR 27644220 |JSTOR= और |jstor= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद)

स्रोत