आईएनएस विक्रांत (२०१३)

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INS Vikrant being undocked at the Cochin Shipyard Limited in 2015.jpg
आई एन एस विक्रांत
देश (Flag of India.svg भारत)
नाम: आई एन एस विक्रांत
स्वामी: भारतीय नौसेना
Operator: भारतीय नौसेना
निर्माता: कोचिन शिपयार्ड,
निर्दिष्ट: 28 फरवरी 2009
लांच: २०१३
विनियुक्त: २०२० तक
Motto: जयेम सं युधि स्पृध:
सामान्य विशेषताएँ
वर्ग एवं प्रकार: युद्धपोत
प्रकार: विमान वाहक
टनधारिता: 44,000 tons
विस्थापन: 44,000 टन
लम्बाई: २६२ m overall
बीम: ६२.0 m
Draught: ८,४ मीटर
प्रणोदन: २ शाफ्ट, ४ जनरल इलेक्ट्रिक एल एम २५००+ गैस टर्बाइनें, ८० मेगावाट (कुल)
चाल: 28 नॉट (52 किमी/घंटा)
धारिता: ९२०० miles at 18 knots
अस्र-शस्र:

4 × ओतोब्रेदा 76 मिमि (3 इंच) तोपें dual purpose बराक 1 और बराक 8 सता से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (2 x 32 cells VLS)

एके-630 सीआईडब्ल्यूएस ("सीविस")
Aircraft carried: २६ मिकोयान मिग-२९के
या एचएएल तेजस
१० x कामोव केए-३१
वेस्टलैंड सी किंग और एचएएल ध्रुव.

आईएनएस विक्रांत, जिसे आईएसी-१ के नाम से भी जाना जाता है, भारत में बना पहला विमान वाहक जहाज है(प्रोजेक्ट - ७१)।[1][2] यह २००९ से कोच्ची में बनना शुरु हुआ।

हालाँकि इसका बनना फरवरी २००९ में शुरु हुआ, लेकिन इसकी बनावट इत्यादि १९९९ से ही तैयार किये जाने लगे। यह २९ दिस्मबर २०११ को पहली बार तैरा।[2] यह अभी तक पूर्ण रुप से निर्मित नही हुआ है।[3]

नाम[संपादित करें]

विक्रांत नाम संस्कृत के विक्रांतः,शब्द से लिया गया है जिसका हिन्दी में अर्थ "साहसी" ( शाब्दिक अर्थ "बाधाओं/सीमाओं के पार जाना") है। [4][5]

बनावट[संपादित करें]

आईएनएस विक्रांत की बनावट, कम्प्यूटर द्वारा जनित छवि

यह एक आधुनिक विमान वाहक पोत है जिसका वजन लगभग ४०,००० मीट्रिक टन है।[2][6][4] यह STOBAR संरचना वाला विमानवाही पोत है। इसे दो शाफ्टों पर मौजूद चार जनरल इलेक्ट्रिक एल एम २५००+ गैस टर्बाइनें उर्जा देती/चलाती है। ये गैस टर्बाइनें ८० मेगावाट (१,१०,००० अश्वशक्ति) पैदा करतीं है।

यह 262 मीटर (860 फीट) लंबा और 60 मीटर (200 फीट) चौड़ा है। इसमें स्की-जंप के साथ एक STOBAR कॉन्फ़िगरेशन है। इसे मिग २९ के और अन्य हल्के लड़ाकू विमानों के संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है।[4] यह लगभग तीस विमानों तक के एक हवाई समूह को ले जाएगा, जिसमें लगभग २५ 'फिक्स्ड-विंग' लड़ाकू विमान शामिल होंगे, मुख्य रूप से मिग-२९के, इसके अलावा १० कामोव का३१ या वेस्टलैंड सी किंग हेलिकॉप्टर ले जाए जा सकते हैं । कामोव का-31 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग (AEW) भूमिका को पूरा करेगा और सी किंग, पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमता प्रदान करेगा।

देंखे[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 12 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 अप्रैल 2018.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 4 जनवरी 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 अप्रैल 2018.
  3. "cag.gov.in" (PDF). मूल (PDF) से 28 जुलाई 2016 को पुरालेखित.
  4. CNN, By Harmeet Shah Singh. "India unveils home-built aircraft carrier, INS Vikrant". CNN. मूल से 22 जुलाई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2019-11-03.
  5. SanskritToday (2016-01-11). "Bhagvadgita 1-6, श्रीमद्भगवद्गीता १-६". Sanskrit.Today (अंग्रेज़ी में). मूल से 23 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2019-11-03.
  6. मॉनिटरिंग, विकास पांडे और सूज़ी लिडस्टर बीबीसी. "'विक्रांत' पर विश्लेषकों की अलग-अलग राय". BBC News हिंदी. मूल से 4 जनवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2019-09-14.