असंगघोष

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असंगघोष (जन्म: 29 अक्तूबर 1962) हिन्‍दी दलित साहित्‍य के महत्‍वपूर्ण कवि है। [1] उनके अब तक आठ कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

जीवन परिचय[संपादित करें]

असंगघोष का जन्म मध्य प्रदेश के जावद नामक छोटे से कस्‍बे में दलित परिवार में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा अपने कस्‍बे में और लंबे अंतराल के बाद रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय, जबलपुर से स्‍वाध्‍यायी छात्र के रूप में एवं इसके बाद इग्‍नू जबलपुर सेंटर से एम.ए. (इतिहास), एम.ए. (ग्रामीण विकास), एम.बी.ए. (मानव संसाधन), तथा पीएच.डी. की पढ़ाई पूरी की। बचपन से पिताजी के जूता बनाने के काम में सहयोग कर काम सीखा बाद में लगभग 10 वर्ष स्‍टेट बैंक की नौकरी आरै अब सरकारी सेवा में रहते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा तक का लंबा सफर तय किया। आप प्रारंभ में बैंक कर्मियों के मार्क्‍सवादी आंदोलन से जुडे एवं कई आंदोलनों शरीक रहे बाद में 1990 के आसपास अम्‍बेडकरवादी आंदोलन से जुडाव हुआ और दलित लेखन में कविता विधा को अपनाया। आज हिन्‍दी दलित साहित्‍य के प्रमुख कवियों में शामिल किये जाते हैं। आपके संपादन में जबलपुर से दलित साहित्‍य की प्रमुख एवं प्रखर पत्रिका 'तीसरा पक्ष' का नियमित प्रकाशन हो रहा है। इनकी रचनाऍं विभिन्‍न विश्‍वविद्यालयों के हिंदी पाठ्यक्रम में शामिल है तथा कविताओं पर कई शोधार्थियों द्वारा शोध कार्य किया जा रहा है।

कृतियाँ[संपादित करें]

  • खामोश नहीं हूँ मैं,
  • हम गवाही देंगे
  • मैं दूँगा माकूल जवाब,
  • समय को इतिहास लिखने दो
  • हम ही हटाएंगे कोहरा
  • ईश्‍वर की मौत
  • अब मैं सॉंस ले रहा हूँ
  • बंजर धरती के बीज

पुरस्कार[संपादित करें]

  • मध्य प्रदेश दलित साहित्य अकादमी, उज्जैन द्वारा पुरस्कृत (2002)
  • प्रथम सृजनगाथा सम्मान-2013[2]
  • गुरू घासीदास सम्‍मान
  • भगवानदास हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मान 2017
  • उर्वशी सम्‍मान 2017
  • स्‍व.केशव पाण्‍डेय स्‍मृति कविता सम्‍मान 2019
  • प्रथम मंतव्य सम्मान 2019

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]