अलफ्रेड हेटनर
| अलफ्रेड हेटनर | |
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| जन्म |
06 अगस्त 1859 ड्रेसडेन |
| मृत्यु |
साँचा:मृत्यु तिथि और आयु हाइडेलबर्ग |
| संस्थान | हाइडेलबर्ग विश्वविद्यालय (1899–1928) |
| शिक्षा | स्ट्रासबुर्ग विश्वविद्यालय |
| डॉक्टरी शिष्य | मार्था क्रुग-गेन्थे, ऑस्कर श्मीेडर, फ्रीडरिष मेट्ज़ (जर्मन), हाइनरिष श्मिट्टेन्नेर (जर्मन) |
| प्रसिद्धि | कोरोलॉजिकल दृष्टिकोण; कोलम्बिया और चिली में क्षेत्रीय कार्य |
अल्फ्रेड हेटनर (6 अगस्त 1859-31 अगस्त 1941) एक जर्मन भूगोलवेत्ता और भू-आकृतिक (geomorphologist) थे। हेटनर कोरोलॉजी (chorology) की अवधारणा के लिए प्रसिद्ध हैं, जो स्थानों और क्षेत्रों के अध्ययन से संबंधित है। उनकी इस अवधारणा ने कार्ल ओ. सॉएर और रिचर्ड हार्टशॉर्न दोनों को प्रभावित किया। यूरोप की भौगोलिकता के अतिरिक्त उनका क्षेत्रीय कार्य कोलम्बिया, चिली और रूस पर केन्द्रित रहा।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
[संपादित करें]हेटनर के पिता कला इतिहासकार हर्मन थियोडोर हेटनर और माता मैरी वॉन स्टॉकमार थीं। उनके नाना क्रिश्चियन फ्रेडरिक, बैरन स्टॉकमार थे। उनके सौतेले भाई ऑटो हेटनर थे।[1]
करियर
[संपादित करें]हेटनर ने स्ट्रासबुर्ग विश्वविद्यालय से पीएचडी प्राप्त की और वे लाइपज़िग विश्वविद्यालय में फर्डिनांड वॉन रिख्तहोफेन और फ्रीडरिष रैट्ज़ेल के शिष्य रहे। यहीं से उन्होंने अपनी हैबिलिटेशन पूरी की।
उनका मानना था कि भूगोल एक कोरोलॉजिकल विज्ञान है यानी क्षेत्रों का अध्ययन। उनके अनुसार भूगोल को केवल "सामान्य" और "क्षेत्रीय" में बाँटा नहीं जा सकता। यह दोनों पक्षों से जुड़ा है, परंतु क्षेत्रीय अध्ययन (लैंडरकुंडे पद्धति) ही इसका मुख्य क्षेत्र है।
1895 में उन्होंने जर्नल Geographische Zeitschrift की स्थापना की और लंबे समय तक इसके संपादक रहे। उन्होंने ट्यूबिंगन विश्वविद्यालय (1894-1897) और लाइपज़िग विश्वविद्यालय (1897–1899) में अध्यापन किया।[1]
1899 में वे हाइडेलबर्ग विश्वविद्यालय से जुड़े और 1906 में यहाँ पहले भूगोल अध्यक्ष बने। उनकी पुस्तक यूरोप 1907 में प्रकाशित हुई। उन्होंने 1928 तक यह पद संभाला। 1920-1931 (या संभवतः अधिक समय तक) वे डॉयचे कॉलोनियलगेसेलशाफ्ट के हाइडेलबर्ग खंड के निदेशक रहे।
साहित्यिक कृतियाँ
[संपादित करें]- Methodische Zeit- und Streitfragen, Geographische Zeitschrift, खंड 29 (1923), पृ. 49–50
- Die Geographie, ihre Geschichte, ihr Wesen und ihre Methoden, ब्रेस्लाउ, 1927
विरासत
[संपादित करें]हेटनर का रिचर्ड हार्टशॉर्न की प्रसिद्ध पुस्तक The Nature of Geography पर गहरा प्रभाव पड़ा।[2]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- 1 2 Plewe, Ernest (1972). "Hettner, Alfred". Deutsche Biographie (जर्मन भाषा में) (9th ed.). pp. 31–32. अभिगमन तिथि: 2023-05-16.
- ↑ Harvey, Francis; Wardenga, Ute (April 2006). "Richard Hartshorne's adaptation of Alfred Hettner's system of geography". Journal of Historical Geography (अंग्रेज़ी भाषा में). 32 (2): 422–440. डीओआई:10.1016/j.jhg.2005.07.017. अभिगमन तिथि: 2025-03-27.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- हीडेलबर्ग हेटनर-लेक्चर (जर्मन में)
- अल्फ्रेड हेटनर की संक्षिप्त जीवनी (जर्मन में)
- साँचे के कॉल्स में नकली तर्कों का उपयोग करने वाले पृष्ठ
- CS1 जर्मन-language sources (de)
- लेख जिनमें जर्मन-भाषा का पाठ है
- 1859 में जन्मे लोग
- 1941 में निधन
- ड्रेसडेन के वैज्ञानिक
- जर्मन भू-आकृति वैज्ञानिक
- स्ट्रासबुर्ग विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र
- लाइपज़िग विश्वविद्यालय के शिक्षाविद्
- ट्यूबिंगन विश्वविद्यालय के शिक्षाविद्
- हाईडलबर्ग विश्वविद्यालय के शिक्षाविद्
- 19वीं सदी के जर्मन वैज्ञानिक
- 20वीं सदी के जर्मन वैज्ञानिक
- जर्मन भूगोलवेत्ता
- कुलम भौगोलिक पदक प्राप्तकर्ता