अरुण शर्मा (पुरातत्वविद)

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डॉ अरुण शर्मा (पुरातत्वविद)
Arun Sharma (Archaeologist).jpg
पद्मश्री अरुण शर्मा रायपुर में एक कार्यक्रम में
जन्म 1933

डॉ अरुण शर्मा (जन : १९३३ ) भारत के पुरातत्त्वविद हैं। जनवरी २०१७ में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री[1] से सम्मानित किया। सम्प्रति वे छत्तीसगढ़ शासन के पुरातात्विक सलाहकार हैं। उन्होने छत्तीसगढ़ के अलावा भारत के अन्य स्थानों पर भी खुदाई करायी है।[2] अरुण शर्मा ने सिरपुर तथा राजिम में काफी काम किया है। उन्होंने सिरपुर में मिले प्राचीन मूर्तियों तथा मुखौटों के आधार पर कहा था कि हजारों वर्ष पहले यहाँ एलियंस आते रहे हैं। सिरपुर में मिले कई मूर्तियों में पश्चिमी देशों में मिले मूर्तियों से समानता के आधार पर उन्होंने यह बात की थी। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में पुरावैभव का भंडार है और इस बात की जरूरत है कि इस विषय पर और अधिक खोज की जाये और खासकर छत्तीसगढ़ के दो-तीन ऐतिहासिक पुरास्थलों में खुदाई की जाये, ताकि छत्तीसगढ़ का पुरावैभव प्रकाश में आ सके।

डॉ. शर्मा ने करियर का आरम्भ भिलाई इस्पात संयंत्र से की थी। उन्हें इस काम में कुछ नयापन नहीं लगा, इसलिए नौकरी छोड़ दी। इसके पश्चात भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) नागपुर में तकनीकी सहायक पद पर भर्ती हुए। इसके बाद सीखने का जुनून शुरू हुआ, जो आज 84 की उम्र में भी बरकरार है। डॉ. शर्मा ने बताया कि उन्हें ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी प्राय: ग्रामीण देते थे। छत्तीसगढ़ में बालोद स्थित करकाभाट में महापाषाण काल के टीलों की जानकारी गांववालों ने ही दी थी।[3]

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