अच्छे दिन आने वाले हैं

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अच्छे दिन आने वाले हैं भारतीय जनता पार्टी द्वारा २०१४ के लोकसभा चुनावों के दौरान प्रचारित किया गया एक नारा है जो पूरे भारत में बहुत अधिक लोकप्रिय हुआ।[तथ्य वांछित] प्रवासी भारतीय दिवस के परिचर्चा सत्र को सम्बोधित करते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों से चुनावी प्रक्रिया और देश में हो रही क्रान्ति में हिस्सा लेने को कहा था।[तथ्य वांछित] मोदी ने काँग्रेस प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह द्वारा की गयी टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कहा हमारे प्रधानमन्त्री जी ने कल ही कहा कि निराश होने की जरूरत नहीं, अच्छे दिन जल्द आने वाले हैं। मोदी का संकेत लोकसभा चुनाव के बाद केन्द्र में भाजपा के नेतृत्व में बनने वाली अपनी सरकार की ओर था।[1][2]

नरेन्द्र मोदी ने चुनाव के पहले चरण में जनता माफ नहीं करेगी नारे के साथ लोगों की समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित किया और अगले चरण में समस्याओं को सुलझाने के लिये ‘'अच्छे दिन आने वाले हैं'’ जैसा क्रान्तिकारी नारा देकर भारतीय राजनीति में इतिहास रच दिया।[3]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की बात पर ली चुटकी, कहा- बहुत जल्‍द अच्‍छे दिन आने वाले हैं Archived 24 मई 2014 at the वेबैक मशीन., 9 जनवरी 2014, जी न्यूज़, अभिगमन तिथि: २३ मई २०१४
  2. वर्गीस के॰ जॉर्ज (१७ मई २०१४). "PRIME MINISTER MODI" [प्रधानमंत्री मोदी] (अंग्रेज़ी में). द हिन्दू. मूल से 21 मई 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि २३ मई २०१४.
  3. अनिता शरण, मुम्बई (२१ मई २०१४). "पीयूष के नारों से हुए 'अच्छे दिन' साकार". लाइव हिन्दुस्तान डाट काम. मूल से 27 मई 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि २७ मई २०१४.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]