हज़ारा लोग

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करीम ख़लीली एक अफ़्ग़ान राजनेता हैं और हज़ारा समुदाय से हैं
अफ़्ग़ानिस्तान में विभिन्न समुदायों के फैलाव का नक़्शा - हज़ारा इलाक़ा गढ़े हरे रंग में देश के मध्य में है

हज़ारा (هزاره, Hazara) मध्य अफ़्ग़ानिस्तान में बसने वाला और दरी फ़ारसी की हज़ारगी उपभाषा बोलने वाला एक समुदाय है। यह लगभग सारे शिया इस्लाम के अनुयायी होते हैं और अफ़्ग़ानिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा समुदाय हैं। अफ़्ग़ानिस्तान में इनकी जनसँख्या को लेकर विवाद है और यह २६ लाख से ५४ लाख के बीच में मानी जाती है। कुल मिलकर यह अफ़्ग़ानिस्तान की कुल आबादी का लगभग १८% हिस्सा हैं। पड़ोस के ईरान और पाकिस्तान देशों में भी इनके पाँच-पाँच लाख लोग बसे हुए हैं। पाकिस्तान में यह अधिकतर शरणार्थी के रूप में जाने पर मजबूर हो गए थे और अधिकतर क्वेट्टा शहर में बसे हुए हैं। जब अफ़्ग़ानिस्तान में तालिबान सत्ता में थी तो उन्होने हज़ारा लोगों पर उनके शिया होने की वजह से बड़ी कठोरता से शासन किया था, जिस से बामियान प्रान्त और दायकुंदी प्रान्त जैसे हज़ारा-प्रधान क्षेत्रों में भुखमरी और अन्य विपदाएँ फैली थीं।[1][2]

हज़ारा समुदाय की जड़ें[संपादित करें]

विद्वानों को पक्का नहीं मालूम कि हज़ारा का नाम कहाँ से आया है। बहुत से समझते हैं कि यह मंगोल साम्राज्य द्वारा इस्तेमाल होने वाले 'हज़ार' सैनिकों के दस्तों से आया है। सम्भव है कि हज़ारा उन्हीं मंगोल लोगों के वंशज हैं जो मध्य काल में पूरे मध्य एशिया पर छा गए थे। कुछ हज़ारा लोगों के नाम पारम्परिक रूप से मंगोल हस्तियों पर होते हैं, जैसे कि 'तुलई ख़ान हज़ारा' जो चंगेज़ ख़ान के सबसे छोटे बेटे तोलुइ ख़ान के सम्मान में रखा जाता है। अनुवांशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में पितृवंश समूह के नज़रिए से भी हज़ारा पुरुषों में चंगेज़ ख़ान से सबसे अधिक प्रतिशत मात्रा में मिलने वाले पुरुष हैं। हज़ारा लोग अक्सर शक्ल-सूरत से भी मंगोल नस्ल के लगते हैं। धार्मिक नज़रिए से भी तुर्की-मंगोल इलख़ान साम्राज्य बाद में शिया धर्म को अपना चुका था और हज़ारा लोगों का शिया होना भी इस बात से मेल खाता है।[3][4]

अन्य विद्वान बोलते हैं कि हज़ारा शुद्ध मंगोल नहीं हैं बल्कि मंगोलों और मध्य एशिया की अन्य प्राचीन जातियों का मिश्रण हैं, जैसे कि तुषारी लोग, कुषाण लोग या इस क्षेत्र के कोई ईरानी भाषाएँ बोलने वाले लोग।[5]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदभ[संपादित करें]

  1. A bitter harvest: US foreign policy and Afghanistan, Tom Lansford, Ashgate Publishing, Ltd., 2003, ISBN 978-0-7546-3615-1, ... Once in power, the Taliban undertook an organized campaign to suppress the Hazaras. The Taliban claimed that the Hazaras were not true Muslims ...
  2. Encyclopedia of the Stateless Nations: Ethnic and National Groups Around the World, James Minahan, Greenwood Publishing Group, 2002, ISBN 978-0-313-32110-8, ... The mostly Shi'a Hazaras were particularly targeted as heretics; the Taliban hierarchy used the historical enmity between the Sunnis and the Shi'as ... that the policy of the Taliban was to exterminate the Hazaras ... murdered in round-ups, in homes, and shot down in the streets ...
  3. The other Shiites: from the Mediterranean to Central Asia, Alessandro Monsutti, Silvia Naef, Farian Sabahi, Peter Lang, 2007, ISBN 978-3-03911-289-0, ... The relationship between Hazaras and Shiism must also be seen as a dynamic process. Their religious affiliation is probably the result of two distinct factors: the part played in their complex ethnogenesis by the Ilkhans ...
  4. The Darwinian Tourist, Christopher Wills, Oxford University Press, ISBN 978-0-19-162503-9, ... Half of the Hazara males show this unique Mongolian genetic pattern on their Y chromosomes, and none of the other groups of peoples who currently live near the Hazara carry this pattern ...
  5. Afghanistan Declassified: A Guide to America's Longest War, Brian Glyn Williams, University of Pennsylvania Press, 2011, ISBN 978-0-8122-4403-8, ... Some Hazara nationalists have tried to link their people to the Kushan or Tokharian creators of the Buddhas at Bamiyan ... like all of Afghanistan's races, mixed, the Hazaras' Mongol features would indicate stronger Mongol bloodlines ...