बारिपदा
| बारिपदा, बारीपाड़ा | |||||||
| — शहर — | |||||||
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||||
| देश | |||||||
| राज्य | ओडिशा | ||||||
| ज़िला | मयूरभंज | ||||||
| जनसंख्या | 94,947 (2001 के अनुसार [update]) | ||||||
| क्षेत्रफल • ऊँचाई (AMSL) |
• 36 मीटर (118 फी॰) |
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विभिन्न कोड
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निर्देशांक: यह बारिपदा नाम का खूबसूरत नगर मयूरभंज जिला का मुख्यालय है। इस स्थान को घूमे बिना उड़ीसा आने वाले पर्यटकों की यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है। सिंपलीपल पहाड़ियों के तल पर स्थित इस स्थान से मयूरभंज और आसपास के सभी पर्यटन स्थलों तक पहुंचा जा सकता है। यहां एक प्राचीन किले और जगन्नाथ मंदिर के अवशेष देखे जा सकते हैं।
अनुक्रम |
भूगोल [संपादित करें]
बारिपदा की स्थिति [1] पर है। यहां की औसत ऊंचाई 36 मीटर (118 फीट)।
दर्शनीय स्थल [संपादित करें]
सिमलिपल राष्ट्रीय उद्यान [संपादित करें]
पूर्ववती शासकों का यह शिकार स्थल प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया है। 1956 में इसका चयन आधिकारिक रूप से टाइगर रिजर्व के लिए किया गया था। बारीपाडा से 60 किमी. दूर स्थित यह पार्क 2277.07 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। घने जंगलों, झरनों और पहाड़ियों से समृद्ध इस पार्क में विविध वन्यजीवों को नजदीक से देखा जा सकता है। टाईगर, हिरन, हाथी और अन्य बहुत से जीव इस पार्क में मूलत: पाए जाते हैं।
खिचिंग [संपादित करें]
बारिपदा से 150 किमी. दूर स्थित खिचिंग नगर अपने प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। एक समय मे यह स्थान भंजा शासकों की राजधानी थी। देवी चामुंडा को समर्पित यहां का मंदिर प्रमुख और लोकप्रिय दर्शनीय स्थल है। यह मंदिर पत्थर की अनोखी मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है। चौलाकुंज और बिराटगढ़ यहां के अन्य चर्चित स्थल हैं। चौलाकुंज विशाल स्तंभों और बिराटगढ़ संग्रहालय के लिए जाना जाता है।
किचकेश्वरी मंदिर [संपादित करें]
यह मंदिर बहाल्दा में स्थित है जो 14वीं शताब्दी में मयूरभंज साम्राज्य की राजधानी थी। अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध देवी किचकेश्वरी का यह मंदिर बारीपाडा से 16 किमी. की दूरी पर है।
मानात्री [संपादित करें]
खखरूआ वैद्यनाथ के मंदिर के लिए प्रसिद्ध मानात्री बारीपाडा से 36 किमी. की दूरी पर है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर वास्तुकला का एक उत्तम उदाहरण है। मंदिर की दीवारों पर मयूरभंज राजाओं के अभिलेख उड़िया भाषा में खुदे हुए हैं। मंदिर के पश्चिम में एक प्राचीन किला क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा जा सकता है।
बंथिया जगन्नाथ मंदिर [संपादित करें]
बारिपदा स्थित इस मंदिर का निर्माण 1863 से 1867 के बीच राजा श्री श्रीनाथ भांजदेव की देखरेख में किया गया था। भगवान जगन्नाथ का यह मंदिर यहां के स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।
देवकुंड [संपादित करें]
यह पवित्र और खूबसूरत स्थल बारीपाडा से 65 और बालेश्वर से 110 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहां का जलप्रपात और एक पहाड़ी पर स्थित अंबिका मंदिर यहां के लोकप्रिय दर्शनीय स्थल हैं।
भीमकुंड [संपादित करें]
यह तीर्थस्थान करंजिया से 40 किमी. दूर है और यहां एक पवित्र कुंड है। माना जाता है कि भीम ने इस कुंड में स्नान किया था, इसी कारण इसे भीमकुंड कहा जाता है। जनवरी माह में मकर सक्रांति पर्व यहां बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इसके आसपास की सुंदरता देखने के लिए लोगों का यहां आना-जाना लगा रहता है।