बलांगिर जिला

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बोलांगिर या बलांगीर भारतीय राज्य ओड़िशा का एक जिला है। बलांगीर ओड़िशा के पश्चिमी भाग के प्रमुख व्यापारिक नगरों में से एक है। यह शहर महाराजाओं के काल में सुन्दर रीति से बसाया गया था। बलांगीर सम्बलपुर से 141 किलोमीटर दूर है और यहाँ अभी भी पुराने फैशन के सुन्दर और शान्तिपूर्ण स्थल विद्यमान हैं। बलांगीर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का स्थल रहा है। सौन्दर्यपूर्ण और आकर्षक तत्वों में रत्न के समान जादू जैसे दृश्य के लिए गन्धमार्दन के पहाड़ी झरने और महानदी के पर्वतीय स्थलों गुजरने के स्थल प्रमुख हैं। यहाँ वर्ष के अधिकांश समय में गर्म और शुष्क जलवायु रहती है। यहाँ सर्दियाँ भी कठिन किन्तु सुखद होतीं हैं। इसलिए यहाँ सर्दियों में आना अच्छा होता है।

दर्शनीय स्थल[संपादित करें]

हरिशंकर- यह बलांगीर से लगभग ८१ किमी की दूरी पर स्थित है। यह स्थान हरिशंकर मंदिर के लिए प्रसिद्ध है जो गन्धमार्दन पर्वत की दक्षिणी ढाल पर अवस्थित है। गन्धमार्दन पर्वत का यह स्थान औषधीय पौधों के लिए प्रसिद्ध है।

सोनपुर- सोनपुर का नाम जैसा प्रतिबिम्बित करता है, इस अनुपम शहर के विभिन्न भागों में पुराने सोने के सिक्के पाए जाते थे। यह महानदी और तेल नदी के संगम के मध्य स्थित बसाया गया एक प्राचीन नगर है। यह बलांगीर से ४८ किलोमीटर दूर है और चारों ओर मन्दिरों से घिरा है।

रानीपुर झरियाल- ये जुड़वाँ शहर हैं जो बलांगीर से १०४ किलोमीटर दूर स्थित हैं। यह बलांगीर जिले के टिटलागढ़ सब-डिवीजन में हरे-भरे पर्यावरण के मध्य स्थित है जो प्राचीन धरोहरों से परिपूर्ण है। यह एक प्राथमिक साक्ष्य है कि यहाँ तीर्थाटन करनेवालों के द्वारा कुछ पुराने मन्दिरों की खोज की गई थी जिस स्थान को 'सोमतीर्थ' कहा जाता है। प्रसिद्ध 64 योगिनी मन्दिर भी यहाँ स्थित है।

पटनागढ़- पटनागढ़, पटना राज्य की प्राचीन राजधानी था, जहाँ कुछ अनुपम स्मारक हैं। यह बलांगीर से ३८ किलोमीटर दूर स्थित है।

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी सम्पर्क[संपादित करें]