मयूरभंज जिला

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मयूरभंज
—  जिला  —
बरेहीपाणि जल प्रपात, बारिपदा
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य ओड़ीशा
मुख्यालय बारिपदा
जनसंख्या
घनत्व
22,23,456 (2001 के अनुसार )
• 213 /कि.मी. (552 /वर्ग मी.)
लिंगानुपात 979 /
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
10,418 कि.मी² (4,022 वर्ग मील)
• 36 मीटर (118 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: mayurbhanj.nic.in/

Erioll world.svgनिर्देशांक: 21°56′N 86°43′E / 21.94, 86.72 मयूरभंज ओड़िशा राज्य का एक जिला है। इसका मुख्यालय बारिपदा में है। यहां का मुख्य आकर्षण है सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान। मयूरभंज एक समय में ओड़ीशा का एक महत्‍वपूर्ण साम्राज्‍य था। आजादी के बाद भी इस राज्‍य का अस्तित्‍व बरकरार था। लेकिन 1 जनवरी 1949 में इसे ओड़ीशा में शामिल किया था। प्रकृति की अनुपम सुंदरता यहां बिखरी पड़ी है। प्राकृतिक सुंदरता के अलावा इस स्थान को कला, जूट मिल्स, तुषार मिल, पत्थर की कारीगरी और चरखा मिल के लिए भी जाना जाता है। बुढाबलंग नदी इस क्षेत्र की सुंदरता में और वृद्धि करती है। बारीपदा, सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान, खिचिं, किचकेश्वरी मंदिर, मानात्री आदि यहां के लोकप्रिय दर्शनीय स्थल हैं।

दर्शनीय स्थल[संपादित करें]

बरिपदा[संपादित करें]

यह खूबसूरत नगर मयूभंज का जिला मुख्यालय है। इस स्‍थान को घूमे बिना ओड़ीशा आने वाले पर्यटकों की यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है। सिंपलीपाल पहाड़ियों के तल पर स्थित इस स्थान से मयूरभंज और आसपास के सभी पर्यटन स्थलों तक पहुंचा जा सकता है। यहां एक प्राचीन किले और जगन्नाथ मंदिर के अवशेष देखे जा सकते हैं।

सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान[संपादित करें]

पूर्ववती शासकों का यह शिकार स्थल प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया है। 1956 में इसका चयन आधिकारिक रूप से टाइगर रिजर्व के लिए किया गया था। बारीपदा से 60 किमी. दूर स्थित यह पार्क 2277.07 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। घने जंगलों, झरनों और पहाड़ियों से समृद्ध इस पार्क में विविध वन्यजीवों को नजदीक से देखा जा सकता है। टाईगर, हिरन, हाथी और अन्य बहुत से जीव इस पार्क में मूलत: पाए जाते हैं।

खिचिं[संपादित करें]

बारीपदा से 150 किमी. दूर स्थित खिचिं नगर अपने प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। एक समय मे यह स्थान भंज शासकों की राजधानी थी। देवी चामुंडा को समर्पित यहां का मंदिर प्रमुख और लोकप्रिय दर्शनीय स्थल है। यह मंदिर पत्थर की अनोखी मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है। चौलाकुंज और बिराटगढ़ यहां के अन्य चर्चित स्थल हैं। चौलाकुंज विशाल स्तंभों और बिराटगढ़ संग्रहालय के लिए जाना जाता है।

किचकेश्वरी मंदिर[संपादित करें]

यह मंदिर बहलदा में स्थित है जो 14वीं शताब्दी में मयूरभंज साम्राज्य की राजधानी थी। अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध देवी किचकेश्वरी का यह मंदिर बारीपदा से 16 किमी. की दूरी पर है।

मानत्री[संपादित करें]

खखरूआ वैद्यनाथ के मंदिर के लिए प्रसिद्ध मानात्री बारीपदा से 36 किमी. की दूरी पर है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर वास्तुकला का एक उत्तम उदाहरण है। मंदिर की दीवारों पर मयूरभंज राजाओं के अभिलेख ओडिआ भाषा में खुदे हुए हैं। मंदिर के पश्चिम में एक प्राचीन किला क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा जा सकता है।

बंथिया जगन्नाथ मंदिर[संपादित करें]

बारीपदा स्थित इस मंदिर का निर्माण 1863 से 1867 के बीच राजा श्री श्रीनाथ भंजदेव की देखरेख में किया गया था। भगवान जगन्नाथ का यह मंदिर यहां के स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।

देवकुंड[संपादित करें]

यह पवित्र और खूबसूरत स्थल बारीपदा से 65 और बालेश्वर से 110 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहां का जलप्रपात और एक पहाड़ी पर स्थित अंबिका मंदिर यहां के लोकप्रिय दर्शनीय स्थल हैं।

भीमकुंड[संपादित करें]

यह तीर्थस्थान करंजिआ से 40 किमी. दूर है और यहां एक पवित्र कुंड है। माना जाता है कि भीम ने इस कुंड में स्नान किया था, इसी कारण इसे भीमकुंड कहा जाता है। जनवरी माह में मकर सक्रांति पर्व यहां बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इसके आसपास की सुंदरता देखने के लिए लोगों का यहां आना-जाना लगा रहता है।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर बीजु पटनायक एयरपोर्ट मयूरभंज का करीबी एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट भुवनेश्वर से देश के प्रमुख शहरों से जोड़ता है। यह एयरपोर्ट बारीपदा से 240 किमी. दूर है।

रेल मार्ग

बालेश्वर से रूपसा के बीच नेरो गैज रेल लाइन जाती है। ब्रोड गैज रेल लाइन का निर्माण कार्य यहां चल रहा है। बालेश्वर रेलवे स्टेशन मयूरभंज का निकटतम रेलवे स्टेशन है। बालेश्वर से लगभग 2 घंटे में बारीपदा पहुंचा जा सकता है।

सड़क मार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग 5 मयूरभंज को अन्य शहरों से जोड़ता है। यह राजमार्ग कोलकाता और भुवनेश्वर को मयूरभंज से जोड़ता है।

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी सम्पर्क[संपादित करें]