तेजेंद्र शर्मा

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तेजेंद्र शर्मा

तेजेंद्र शर्मा ब्रिटेन मे बसे भारतीय मूल के हिंदी लेखक है। काला सागर, ढिबरी टाइट, देह की कीमत एवं ये क्या हो गया जैसे कहानी-संग्रहों के लेखक तेजेंद्र शर्मा के लेखन पर डॉ धर्मवीर भारती से लेकर धीरेंद्र अस्थाना तक की पीढ़ी ने अपने विचार प्रकट किए हैं।

जगदंबा प्रसाद दीक्षित के अनुसार, 'तेजेंद्र के लेखन के संबंध में सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण बात है- जीवन के कटु और भयावह सत्यों का सामना करने की लेखक की प्रवृत्ति और क्षमता। निश्चय ही तेजेंद्र के पास एक ऐसा अनुभव संसार है जो दूसरे लेखकों को सहज उपलब्ध नहीं है। अपने अनुभव संसार से ऐसे प्रसंगों को चुना है जो कहीं न कहीं पाठक को झकझोर जाते हैं। डिबरी टाइट का कथ्य इसका अच्छा उदाहरण हैं।

कथाकार सुभाष पंत के अनुसार, 'तेजेंद्र की कहानियों की सहजता और ताज़गी और साथ ही भाषा की सादगी और प्रभाव इन्हें आम कहानियों से अलग खड़ा करती हैं। इन कहानियों में मानवीय रिश्तों की तलाश बहुत व्यावहारिक स्तर पर की गई है। जैसे कोई कलाकार अपने ब्रश से किसी नाजुक कलाकृति के एक-एक रेशे को बहुत कोमलता से छू रहा हो।

व्यंग्यकार प्रेम जनमेजय के अनुसार, 'तेजेंद्र की कहानियां आपको सोचने तथा कहने के लिए बाध्य करती हैं। एक नये अनुभव जगत् में ले जाती हैं तथा एक उपलब्धि का अहसास करवाती हैं।'

और कथाकार धीरेंद्र अस्थाना का कहना है, 'परकाया प्रवेश में तेजेंद्र को दक्षता हासिल है।'

तेजेंद्र शर्मा ब्रिटेन के एकमात्र कथाकार हैं जिनके संकलन नेपाली (पासपोर्ट का रंगहरू), पंजाबी (ढिम्बरी टाईट) एवं उर्दू (ईंटों का जंगल) में अनूदित हो कर प्रकाशित हो चुके हैं। उनका पहला कविता संग्रह प्रकाशन के लिए तैयार है। तेजेंद्र शर्मा नाटक, फ़िल्म एवं अन्य साहित्यिक गतिविधियों से जुड़े रहते हैं।

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