करण जौहर

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करण जौहर

करण जौहर (जन्म: 25 मई, 1975) हिन्दी एक प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक, उत्पादक, चलचित्र लेखक, कॉस्ट़्यूम दिज़ाइनर, अभिनेता और टिवि होस्ट है। वह हिरू जोहर और यश जोहर के पुत्र है। वह धर्मा प्रोडक्शन्स कम्पनी के मुखिया भी है। वह भारत और विश्व के सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले फिल्मो का उत्पादन करने के लिये प्रसिद्ध है। इनमे से चार फिल्मे, जिनमे शाहरुख खान अभिनेता के पात्र मे मौजूद है, विदेशी फिल्म उद्योग मे भारत के सबसे ज़्यादा कमाने वाले उत्पादन मे से है। इन फिल्मो कि कामयाबी के कारण, करण जोहर को भारतीय सिनेमा का पश्चिम अनुभूति मे बदलाव लाने के लिए श्रेय दिया गया है। आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्देशित 'दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे' नामक फिल्म मे अभिनेता के पात्र मे करण जोहर ने फिल्मो मे शुरुआत किया था। उन्होंने बाद मे बेहद सफल रोमानी कॉमेडी, कुछ कुछ होता है के साथ अपने निर्देशन जीविका की शुरुआत की। इस फिल्म से उसे सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिये और सर्वश्रेष्ठ पटकथा के लिये फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। उनकी दूसरी फिल्मे परिवारिक नाटक, कभी खुशी कभी ग़म (२००१) और रोमांटिक नाटक, कभी अलविदा ना कहना (२००६) थे। कभी अलविदा ना कहना (2006) व्यभिचार के विषय के साथ जुडा हुआ एक फिल्म था। दोनों ही फिल्मों ने भारत और विदेशों में प्रमुख वित्तीय सफलताए प्राप्त की। इस प्रकार जौहर ने बॉलीवुड के सबसे सफल फिल्म निर्माताओं के तालिका में खुद को स्थापित कर लिया। उनकी चौथी फिल्म माइ नेम इज़ ख़ान (२०१०) को सकारात्मक समीक्षा मिली और उस फिल्म ने दुनिया भर मे २०० करोड़ रुपये कमाए। इन सब के कारण्, वह खुद को भारतीय सिनेमा में सबसे सफल निर्देशक और निर्माता के रूप में स्थापित किया है। यही सूचना के कारण उन्होने अपनी पहली फिल्म कुछ कुछ होता है बनाई।

प्रारम्भिक जीवनी[संपादित करें]

करण जौहर का जन्म भारत के मुम्बै शहर मे हुआ था। वह बॉलीवुड फिल्म निर्माता यश जौहर, धर्मा प्रोडक्शंस के संस्थापक और हिरू जौहर के पुत्र है। वे ग्रीनलौन्स हाइ स्कूल मे पढ़े। वे एच.आर. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एन्द इकोनोमिक्स भी गए थे। फ्रेन्च मे उन्होने अपना मास्टर्स डिग्री पाया। बचपन के समय, वे वाणिज्यिक भारतीय सिनेमा से प्रभावित थे। वह राज कपूर, यश चोपड़ा और सूरज बड़जात्या से प्रेरित है। थोडे समय के लिए जौहर अंकज्योतिषी को मानते थे। उनके सारे फिल्मो का नाम 'क' शब्द से शुरु होती थी। लगे रहो मुन्नाभाई (२००६) देखने के बाद (जो अंकज्योतिषी की आलोचना करती है) उन्होने यह अभ्यास छोड दिया।

जीवनी[संपादित करें]

करण जौहर ने धर्म प्रोडक्शंस के बैनर तले कई फिल्मों का निर्माण किया है। फ्रेंच कोर्स खत्म करने के बाद करण पेरिस से जन संचार में एक डिग्री प्राप्त करना चाहते थे लेकिन उनके मित्र आदित्य चोपड़ा ने उनकी फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे के लिए मदद पूछा और जौहर ने हाँ कहा। इसके बाद उनकी पूरी ज़िन्दगी ही बदल गई। जब करण स्विट्जरलैंड मे दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे पर काम कर रहे थे, तब शाहरुख खान ने करण को सुझाव दिया कि वह अपनी खुद की फिल्म का निर्देशिन करे। इसी सुझाव के कारण, करण जौहर ने कुछ कुछ होता है को बनाया। इस फिल्म ने १९९८ के फिल्मफेयर अवार्ड मे ८ पुरस्कार जीते। इन मे से सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के पुरस्कार भी थे। जौहर की दूसरी निर्देशकीय प्रयास थी २००१ की परिवार नाटक, 'कभी खुशी कभी गम'। यह फिल्म भी बहुत सफलता से चली और् इस फिल्म ने ५ फिल्मफैयर अवार्ड जीते। इन दोनो फिल्मो के बाद करण ने निर्देशन को थोडी देर के लिए छोड कर कई फिल्मो का उत्पादन और लेखन किया जैसे कि 'कल हो ना हो' और 'काल'। मई २००५ मई निर्देशन से चार साल अंतराल लेने के बाद, निर्देशक के रूप मे तीसरा फिल्म बनाया - 'कभी अलविदा ना कहना'। यह फिल्म विदेशो मे सबसे अधिक कमाई करने वाला फिल्म था। नवम्बर २००९ मे जौहर ने 'माइ नेम इज़ ख़ान' कि शूटिंग खतम की। इस फिल्म मे शाहरुख खान और काजोल ने अभिनय किया है। इस फिल्म को घने सकारात्मक समीक्षा मिली और बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा किया। इस फिल्म के प्रिमीयर अबू धाबी और बर्लिन मे भी हुए। उन्होने अपने पिता के फिल्म, अग्निपथ का रीमेक भी बनाया और कहा जा रहा है कि वे 'दोस्ताना २' का भी उत्पादन करेंगे। वे 'कॉफी विथ करण' नाम के शो के होस्ट है जिसमे वह बॉलीवुड और भारत की ग्लैमर की दुनिया से प्रसिद्ध हस्तियों का इंटरव्यू करते है। अब इस शो का चौथा सीज़न चल रहा है।

प्रमुख फिल्में[संपादित करें]

बतौर निर्माता[संपादित करें]

वर्ष फ़िल्म टिप्पणी
1998 डूप्लीकेट
1998 कुछ कुछ होता है
2003 कभी खूशी कभी गम
2006 कभी अलविदा न कहना
2008 दोस्ताना
2009 कुची कुची होता हॅ

बतौर निर्देशक[संपादित करें]

वर्ष फ़िल्म टिप्पणी
2006 कभी अलविदा ना कहना
2001 कभी खुशी कभी ग़म
1998 कुछ कुछ होता है

उत्पादक[संपादित करें]

धरमा प्रोडक्शन, उनके पिताजी द्वारा स्थापित की गयी कम्पनी, जौहर की उत्पादन कम्पनी हे। वह अपने पिताजी की मरण के बाद उस कम्पनी का मुख्य उत्पादक बन गए थे। सन्न २००३ के साक्षत्कार मे उन्होने अपनी उत्पादन रणनीति बताते हुए कहा कि, मै चाहता हू कि मेरा उत्पादन घर दोडने के पहले चले। मुझे धारा रेखित करना हे ओर बुनियादी दाचे बनाने हे। मुझे सब तरह कि फिल्मे बनानी हे क्योकि मे सब तरह की फिल्मे देखा हू। २००३ की फिल्म, कल हो न हो को जौहर ने लिखा हे ओर उसका उत्पादन किया हे पर उसके निर्देशक निखिल अदवानी हे। इस फिल्म मे शाहरुख खान, प्रीटी ज़िन्ता जेसे अभिनेता मोजूद हे। आलोचको द्वारा यह फिल्म बहुत प्रशान्सात्मक रूप् से प्राप्त की गयी। विदेश मे भी इसका बहुत नाम हुआ। इस फिल्म को ८ फिल्मफेर पुरस्कार मिले। जौहर की २००५ की फिल्म काल, सोहम शाह द्वारा निर्देशित की गयी थी। जौहर ने स्टेप मोम को नए सिरे से बनाया ओर उसका शीर्षक वी आर फेममली रखा जिसमे कजोल, करीना कपूर ओर अर्जुन रामपाल जेसे अभनेता हे। उसी साल उन्होने, इम्रान खान ओर सोनम कपूर कि फिल्म, आई हेट लव स्टोरीज का भी उत्पादन किया था। यह फिल्म बाक्स आफिस पर बहुत सफल हुई थी। टाईम्स आफ ईदिया के साथ एक साक्षत्कार मे, करण ने बताया कि १९९० कि सनसनिखेज फिल्म अगनीपथ, जिसका निर्देशन उनके पिताजी ने किया, को दोबारा बनाना उनका इरादा रहा क्योकि यह फिल्म व्यापारिक रूप से नही चल पाई थी ओर उनके पिताजी का दिल टूट गया था। उनकी फिल्म, माई नेम इज खान को बालिवूड मे आलोचिक ओर व्यापारिक सफलता प्राप्त हुई थी। २०१२ मे उन्होने एक मे ओर एक तू का उत्पादन किया था जिसमे करीना कपूर ओर इमरान खान जेसे अभीनेता मोजूद हे। इस फिल्म को मध्यम सफलता प्राप्त हुई। इसका अनुकरण करते हुए उन्होने स्टूड्न्ट आफ द यर का उत्पादन किया। सुना हे कि वह दोसताना २ का भी जल्द उत्पादन करेगे। इसके बाद उन्होने ये जवानी हे दिवानी फिल्म को भी बनाया हे।

दूर्द्शन[संपादित करें]

२००४ मई करण, ख्याति पर निर्धारित गपशप प्रदर्शन, काफी वित करण के यजमान बने जिसमे वह प्रसिद्ध बालिवुड के कलाकारो का साक्षत्कार लेते हे। सबसे पहली अवधि का प्रसारण स्टार वरल्ड ओर स्टार टी वी पर १९ नवम्बर २००४ से होने लगा। इस योजना को बहुत सफलता प्राप्त हुई ओर यह अंग्रेज़ी का पहला मनोरंजन प्रदर्शन बना जिसको अधिक श्रेणी प्राप्त हुई। यह अवधि २५ एपिसोड तक चली। यह प्रदर्शन कुछ दिनो तक रुक गया था क्योकि करण कभी अलविदा ना कहना कि ज़िम्मेदारी से व्य्स्त थे। काफी वित करण अपनी दूसरी अवधि के लिए करवरी २००७ मे फिर लोटा। तीसरी अवधि के लिए वह नवम्बर २०१० मई करण की चोथी फिल्म माइ नेम इज़ ख़ान के विमोचन के बाद लोटा। युवा लोगो को यह शो बहुत पसन्द हे। करण का दूसरा दूर्द्शन प्रदर्शन २०१० का, लिफ्ट करा दे हे। इसमे १९ बॉलीवुड के सितारो को उनके चाहनेवालो से मिलाया जाता हे।

सन्दर्भ[संपादित करें]