ओम शांति ओम

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
ओम शांति ओम
Omshantiom.jpg
पोस्टर
निर्देशक फराह खान
निर्माता गौरी खान
लेखक फराह खान
मयूर पुरी
मुश्ताक शेख
अभिनेता शाहरुख खान
दीपिका पादुकोण
किरण खेर
श्रेयस तलपड़े
अर्जुन रामपाल
युविका चौधरी
संगीतकार विशाल-शेखर
छायाकार वि. मनिकंदन
संपादक शिरीष कुंदर
वितरक रेड चिलीज़ इंटरटेंमेंट
प्रदर्शन तिथि(याँ) 9 नवंबर 2007
कार्यावधि 162 मिनट
देश भारत
भाषा हिन्दी
लागत भारतीय रुपया35 करोड़ (US$7.21 मिलियन)[1]
कुल कारोबार भारतीय रुपया149 करोड़ (US$30.69 मिलियन)[2]

ओम शांति ओम २००७ में आई बॉलीवुड की एक फिल्म है जिसका निर्देशन और नृत्य निर्देशन फराह खान ने किया है। इसमें शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण प्रमुख भूमिकाओं में हैं जबकि श्रेयस तलपड़े, अर्जुन रामपाल और किरन खेर ने अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई है। अर्जुन रामपाल फिल्म में खलनायक हैं। इसके अतिरिक्त बॉलीवुड के कई अन्य सितारों ने इस फिल्म में विशेष भूमिकायें की हैं।

कथानक[संपादित करें]

ओमप्रकाश मखीजा (शाहरुख खान) 1970 के दशक में मुंबई फिल्म उद्योग में एक जूनियर कलाकार है। वह और उसका मित्र पप्पू (श्रेयस तलपड़े) प्रमुख कलाकार बनने के लिये संघर्ष कर रहे हैं। ओम की मां , बेला मखीजा (किरन खेर) , अपने बेटे को प्रोत्साहित करती रहती है। ओम के दिल की धडकन है-- देश की सर्वाधिक लोकप्रिय फिल्म नायिका , शांतिप्रिया (दीपिका पादुकोण)। ओमप्रकाश को शांतिप्रिया के निकट जाने के दो अवसर मिलते हैं। पहला फिल्म 'ड्रीमीगर्ल' के प्रीमियर पर , जहां ओम और पप्पू चालाकी से घुस जाते हैं। दूसरा फिल्म के सेट पर जहाँ ओम अपनी जान पर खेल कर शांति को आग से बचाता है। तब से ओम और शांति अच्छे दोस्त बन जाते हैं।

एक दिन ओम शीर्ष निर्माता मुकेश मेहरा (अर्जुन रामपाल) के साथ हो रहे शांति के विवाद को सुन लेता है। ओम को यह जानकर झटका लगता है कि शांति मुकेश से गुपचुप शादी कर चुकी है और गर्भवती है। मुकेश अड़ा है कि शांति के साथ अपने संबंधों को तबतक गुप्त रखेगा जबतक उन दोनों की नयी फिल्म 'ओम शांति ओम' पूरी नहीं हो जाती। शांति को यह शक है कि मुकेश एक धनी व्यवसायी की बेटी से विवाह की योजना बना रहा है। वह मुकेश से अपने अधिकारों की मांग करती है। सब सुनकर ओम का दिल टूट जाता है।

एक रात , मुकेश शांति को 'ओम शांति ओम' फिल्म के सेट पर ले जाता है। वह कहता है कि वह फिल्म को बंद कर देगा और सारे समाज के सामने शांति से विवाह कर लेगा। किन्तु यह मुकेश की एक चाल निकलती है। वह शांति को अपनी वित्तीय हानि का कारण समझता है। इसलिये वह सेट को आग लगाकर शांति को वहां मरने के लिये छोड देता है। ओम शांति को बचाने का प्रयास करता है पर मुकेश के गार्ड उसे ऐसा करने नहीं देते। विस्फोट के कारण ओम वहां से दूर गिरता है और एक कार के नीचे आ जाता है। उस कार का मालिक राजेश कपूर (जावेद शेख) एक प्रसिद्ध अभिनेता है जो अपनी गर्भवती पत्नी लवली (आसावरी जोशी) को प्रसव के लिये अस्पताल ले जा रहा है। राजेश ओम को भी अस्पताल ले जाता है । लेकिन ओम की मृत्यु हो जाती है। कुछ पलों के बाद यह पता चलता है कि राजेश कपूर के बेटे का जन्म हुआ है।

यह बच्चा ओमप्रकाश मखीजा का पुनर्जन्म है। नये जीवन में उसका नाम ओम कपूर रखा जाता है। वयस्क होने पर वह एक लोकप्रिय फिल्म स्टार "ओ के" (शाहरुख खान) बन जाता है। उसे आग से बहुत भय लगता है। एक दिन किसी फिल्म की शूटिंग के लिये ओम उस स्थान पर जाता है जहां तीस वर्ष पहले 'ओम शांति ओम' के सेट में आग लगी थी। जले हुए सेट को देख कर ओम की पूर्वजन्म की यादें उभरने लगती हैं। फिर एक पार्टी में ओम का सामना मुकेश मेहरा से होता है जो इस बीच हॉलीवुड का सफल फिल्म निर्माता बन चुका है। उसे देखते ही ओम को पूर्वजन्म की सारी बातें स्पष्ट रूप से याद आ जाती हैं। तब उसका बेला और पप्पू से भावनात्मक पुनर्मिलन होता है।

शांति की मृत्यु का बदला लेने के लिए ओम कपूर पप्पू, बेला और अन्य साथियों के साथ मिलकर एक योजना बनाता है। ओम मुकेश से तय करता है कि वे दोनों फिर से 'ओम शांति ओम' फिल्म का निर्माण करेंगे। फिर ओम और उसके सहायक शांतिप्रिया की हमशक्ल की तलाश करते हैं। उन्हें सन्ध्या या 'सैन्डी" नाम की युवती (दीपिका पादुकोण) मिलती है जो देखने में शांतिप्रिया के समान और 'ओ के' की दीवानी है। और फिर उनकी योजना शुरू होती है-- ओम मुकेश के साथ खेल खेलता है। सैन्डी शांति के रूप में मुकेश के समने बार बार आती है। मुकेश सोचता है कि वह शांति की आत्मा है और भयभीत रहने लगता है। लेकिन फिर एक दिन मुकेश जान जाता है कि यह युवती कोई और है, शांति नहीं। वह सतर्क हो जाता है।

अन्त में सेट पर ओम और मुकेश में हाथापाई होती है। ओम कहता है कि वह पूर्वजन्म में मुकेश द्वारा शांति की हत्या का गवाह था। मुकेश उसे चुनौती देता है कि पूर्वजन्म की बात पर कोई भी अदालत विश्वास नहीं करेगी। तभी शांति के वेष में एक युवती (जिसे वे दोनों सैंडी समझते हैं) वहां आकर कहती है कि सेट पर लगे झूमर के ठीक नीचे हत्या का सुबूत दबा हुआ है-- उसका शरीर, जिसे मुकेश ने जीवित ही भूमि के नीचे दफना दिया था। वह ओम को मुकेश पर वार करने से रोक देती है। भारीभरकम झूमर नीचे गिरता है और मुकेश उससे दब जाता है। दूसरी ओर से पप्पू के साथ सैन्डी कमरे में आ जाती है। तब ओम को समझ आता है कि सुबूत की बात बताने वाली सैन्डी नहीं, असली शांतिप्रिया की आत्मा थी, जिसने अपने हत्यारे से बदला ले लिया। शांति की आत्मा ओम को करुण दृष्टि से देखकर मुस्कुराती है और ओझल हो जाती है।

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

गीत " दीवानगी दीवानगी " के दौरान विशेष भूमिका ( वर्णक्रम में ) :

  • आफताब शिवदासानी
  • अमृता अरोड़ा
  • अरबाज खान
  • बॉबी देओल
  • धर्मेंद्र
  • डीनो मोरीया
  • गोविंदा
  • जितेंद्र
  • जूही चावला
  • काजोल
  • करिश्मा कपूर
  • लारा दत्ता
  • मलाइका अरोड़ा
  • मिथुन चक्रवर्ती
  • प्रीटी जिंटा
  • प्रियंका चोपड़ा
  • रानी मुखर्जी
  • रेखा
  • रितेश देशमुख
  • सैफ अली खान
  • सलमान खान
  • संजय दत्त
  • शबाना आज़मी
  • शिल्पा शेट्टी
  • सुनील शेट्टी
  • तब्बू
  • तुषार कपूर
  • उर्मिला मातोंडकर
  • विद्या बालन
  • झायेद खान

अन्य विशेष भूमिका ( वर्णक्रम में )

  • अभिषेक बच्चन ... खुद के रूप में
  • अक्षय कुमार ... खुद के रूप में
  • अमीषा पटेल ... फ़िल्म पुरस्कार समारोह के दौरान ओम कपूर की नायिका के रूप में
  • अमिताभ बच्चन ... खुद के रूप में
  • बप्पी लाहिड़ी ... खुद के रूप में
  • बिपाशा बसु ... खुद के रूप में
  • चंकी पांडे ... खुद के रूप में
  • दिया मिर्जा ... फ़िल्म पुरस्कार समारोह के दौरान ओम कपूर की नायिका के रूप में
  • फराह खान ... इस फिल्म की शुरुआत में एक श्रोता के रूप में
  • फिरोज खान ... खुद के रूप में
  • गौरी खान ... खुद के रूप में
  • गोविंदा ... खुद के रूप में
  • रितिक रोशन ... खुद के रूप में
  • करण जौहर ... खुद के रूप में
  • कोएना मित्रा ... खुद के रूप में
  • मयूर पुरी ... गुजराती के निर्देशक के रूप में
  • राकेश रोशन ... खुद के रूप में
  • ऋषि कपूर ... खुद के रूप में
  • शबाना आज़मी ... खुद के रूप में
  • सुभाष घई ... खुद के रूप में
  • विशाल दाडलानी... 'मोहब्बत मैन' के निर्देशक के रूप में

दल[संपादित करें]

  • निर्माता : गौरी खान .
  • निदेशक : फराह खान
  • पटकथा : फराह खान
  • स्टोरी : फराह खान , मयूर पुरी और शेख मुश्ताक
  • डायलॉग्स : मयूर पुरी
  • संपादक : शिरीश कुंदर
  • संगीत : विशाल शेखर
  • नृत्य : फराह खान और प्रभु रामास्वामी
  • गीत : जावेद अख्तर , विशाल दाडलानी और कुमार
  • छायांकन : वी. मनीकुंदन
  • सहायक निदेशक : वैभव मिश्रा , जॉयिता चटर्जी , कनिका ढिल्लों , पूजा देसाई , पराग कलिका, अनुभव कुमार , झोया मोराणी
  • कार्यकारी निर्माता : संजीव चावला
  • निदेशक फ़ोटोग्राफ़ी : वी. मनीकुंदन
  • कला निदेशक : साबू सिरील
  • कार्य निदेशक : शाम कौशल, आमार शेट्टी, एन्जेलो साहीन
  • पार्श्व संगीत : संदीप चौटा
  • स्पेशल इफ़ेट्स : Red Chillies VFX

दुनिया भर के बौक्स ऑफिस पर कमाई[संपादित करें]

देश (2007) कुल कमाई
ऑस्ट्रेलिया $378,711 [3]
बेल्जियम और लक्जमबर्ग $26,373 [3]
भारत $27,678,629 [3] (Rs. 109,05,37,983)
मलेशिया $95,339 [3]
न्यूजीलैंड $113,444 [3]
सिंगापुर $220,243 [3]
संयुक्त राजशाही $2,622,627 [3]
संयुक्त राज्य अमेरिका $3,597,372 [3]
कुल $39,539,517[3] (Rs. 155,78,56,969.8)

नामांकरण और पुरस्कार[संपादित करें]

फिल्मफेयर अवार्ड

  • सर्वश्रेष्ठ पदार्पण (अभिनेत्री)-- दीपिका पादुकोण
  • सर्वश्रेष्ठ विशेष प्रभाव -- Red Chillies VFX

स्टार स्क्रीन पुरस्कार

  • नवागंतुक सर्वश्रेष्ठ महिला -- दीपिका पादुकोण
  • सर्वश्रेष्ठ नृत्य -- फराह खान

स्टारडस्ट पुरस्कार

  • ड्रीम निदेशक स्टारडस्ट पुरस्कार -- फराह खान
  • एक नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता -- अर्जुन रामपाल
  • कमाल का प्रदर्शन पुरुष -- श्रेयस तलपड़े

जी सिने अवार्ड

  • एक नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता -- अर्जुन रामपाल
  • सर्वश्रेष्ठ पहली महिला -- दीपिका पादुकोण
  • सर्वश्रेष्ठ नृत्य -- फराह खान
  • सर्वश्रेष्ठ पोशाक -- मनीष मल्होत्रा , करण जौहर और संजीव मूलचंदानी
  • सर्वश्रेष्ठ दृश्य प्रभाव -- Red Chillies VFX

IIFA पुरस्कार

  • सर्वश्रेष्ठ विशेष प्रभाव -- Red Chillies एंटरटेन्मेंट
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशन कला -- साबु सिरील
  • बेस्ट ड्रेस डिजाइन -- मनीष मल्होत्रा , करण जौहर और संजीव मूलचंदानी
  • सर्वश्रेष्ठ मेक-अप
  • सर्वश्रेष्ठ पदार्पण ( महिला ) -- दीपिका पादुकोण

एशियाई फिल्म पुरस्कार

  • सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का विशाल दाडलाणी, शेखर राजवानी, प्यारेलाल रामप्रसाद शर्मा

GPBA -- जर्मन सार्वजनिक बॉलीवुड पुरस्कार ( 2008 )

  • सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म -- ओम शांति ओम
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक -- फराह खान
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता -- अर्जुन रामपाल
  • सर्वश्रेष्ठ संगीत -- विशाल दाडलाणी और विशाल शेखर राजवानी
  • सर्वश्रेष्ठ संवाद -- मयूर पुरी
  • सर्वश्रेष्ठ पहली महिला -- दीपिका पादुकोण
  • सर्वश्रेष्ठ गायक ( पुरूष ) -- सोनू निगम ( अगर मै कहू )
  • सर्वश्रेष्ठ नृत्य -- फराह खान ( धूम ताना)
  • सर्वश्रेष्ठ छायांकन -- वी मणिकंदन
  • सर्वश्रेष्ठ संपादन -- शिरीश कुंदर
  • सर्वश्रेष्ठ विशेष प्रभाव -- Red Chillies VFX
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशन कला -- साबु सिरील
  • सर्वश्रेष्ठ पोशाख -- मनीष मल्होत्रा / करण जौहर

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]