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हरियाल

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हरियाल
Yellow-footed green pigeon
महाराष्ट्र में जोड़ा
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: जंतु
संघ: रज्जुकी (Chordata)
वर्ग: पक्षी (Aves)
गण: कोलम्बिफोर्मीस (Columbiformes)
कुल: कोलम्बिडाए (Columbidae)
उपकुल: ट्रेरनिनाए (Treroninae)
वंश: ट्रेरन (Treron)
जाति: टी. फीनिकोप्टेरस (T. phoenicopterus)
द्विपद नाम
Treron phoenicopterus
लैथम, 1790

हरियाल या हरियल (Yellow-footed green pigeon), जिसका वैज्ञानिक नाम ट्रेरन फीनिकोप्टेरस (Treron phoenicopterus) है, भारतीय उपमहाद्वीप में मिलने वाली एक हरे कबूतर की जाति है।[2][3][4]

हरियल पक्षी के बारे में कहा जाता है कि यह जमीन पर नहीं बैठता है। यह भारत के महाराष्ट्र राज्य की राजकीय पक्षी है।[5]

इस पक्षी के बारे में मान्यता है कि यह धरती पर कभी पैर नहीं रखता। यदि यह धरती पर उतरता भी है तो अपने पैरों पर लकड़ी का टुकड़ा लेकर उतरता है एवं उसी पर बैठता है। यह पक्षी बहुतायत में पाया जाता है। इस पक्षी का आकार 29 सेंटीमीटर से लेकर 33 सेंटीमीटर तक होता है तथा इसका वजन मात्र 225 ग्राम से 260 ग्राम के बीच होता है, यह एक सामाजिक प्राणी है और झुंडो में ही पाए जाते हैं, इनके पंखों का फैलाव 17 से 19 सेंटीमीटर लंबा होता है, इनके शरीर का रंग हल्का पीला हरा होता है जोकि ओलिव के फल से मिलता-जुलता होता है। इनके सर के ऊपर हल्के नीले भूरे रंग के बाल होते हैं। इनकी आंखें काले रंग की होती है, जिसके आसपास लाल रंग की रिंग होती है। हरियल पक्षी के पैर चमकीले पीले रंग के होते हैं। हरियल पक्षी को ऊंचे ऊंचे पेड़ वाले जंगल पसंद है यह सदाबहार जंगलों में पाया जाता है यह अक्सर अपना घोंसला पीपल और बरगद के पेड़ पर बनाना पसंद करता है, भोजन की तलाश में यह उड़ते हुए शहरों के पार्क में भी अक्सर देखे जाते हैं, हरियल पक्षी दूसरे कबूतरों की तरह ही सामाजिक पक्षी होते हैं यह भी कई पक्षियों के झुंडों में रहते हैं इन का सबसे छोटा ग्रुप छोटा समूह 5 से 10 कबूतरों का होता है यह जमीन पर बहुत कम उतरते हैं तथा अक्सर पेड़ों पर और ऊंचे स्थानों पर ही बैठते हैं।

हरियल पक्षी पूर्णता शाकाहारी होता है यह कई प्रकार के फल खाता है तथा अनाज और दाने भी खा लेता है, यह कई प्रकार के फूलों की कलियां छोटे पौधों के अंकुर और बीज खाना पसंद करता है। यह हमेशा समूहों में ही उड़ान भरते हैं सुबह के वक्त इन्हें पेड़ों की सबसे ऊंची शाखों पर बैठा हुआ देखा जा सकता है। हरियल पक्षी का प्रजनन काल मार्च से जून तक होता है, दूसरे कबूतरों की तरह ही नर हरियल पक्षी भी अपने गर्दन की थैली को फुला लेता है तथा मादा को रिझाने के लिए नृत्य करता है इस प्रकार का व्यवहार लगभग सभी प्रकार के कप्तानों की प्रजातियों में देखा जाता है। हरियल पक्षी अपना घोंसला तिनको और पत्तियों से पेड़ों और झाड़ियों में बनाते हैं यह एक प्रजनन काल में एक से दो अंडे ही देते हैं इन अंडो का रंग चमकीला सफेद होता है, नर तथा मादा दोनों अंडों को 13 दिन तक रहते हैं अंडे से बच्चे बाहर आने पर दोनों हरियल पक्षी बच्चों की देखभाल करते हैं।

चित्रावली

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इन्हें भी देखें

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सन्दर्भ

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  1. BirdLife International (2012). "Treron phoenicopterus". Cite journal requires |journal= (मदद)
  2. Blechman, Andrew, Pigeons: The Fascinating Saga of the World's Most Revered and Reviled Bird (Grove Press 2007) ISBN 978-0-8021-4328-0
  3. Gibbs, Barnes and Cox, Pigeons and Doves (Pica Press 2001) ISBN 1-873403-60-7
  4. Gill, Frank; Donsker, David; Rasmussen, Pamela, संपा॰ (2020). "Pigeons". IOC World Bird List Version 10.1. International Ornithologists' Union. अभिगमन तिथि 27 February 2020.
  5. "संग्रहीत प्रति". मूल से 27 मई 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 जुलाई 2015. |archiveurl= और |archive-url= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद); |archivedate= और |archive-date= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद)