सैद नगली

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सैद नगली भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में जनपद अमरोहा का एक कस्बा है। इसकी जनसंख्या लगभग १५००० है। यह संभल और हसनपुर रोड पर स्थित है। इसकी तहसील हसनपुर है। कुछ साल पहले तक यह कस्बा जनपद मुरादाबाद में आता था।

इतिहास[संपादित करें]

इस क़स्बे की स्थापना सिकन्दर लोदी बादशाह के ज़माने में, अर्थात आज से लगभग ५०० वर्ष पूर्व, तिरमिज़ से आये हुऐ एक धार्मिक महापुरुष के द्वारा हुयी जिनका लक़ब हाजी हरमैन था। वे एक शिया मुसलमान थे। शिया समुदाय के पाँचवे इमाम मुहम्मद बाक़िर की नस्ल में होने की बिना पर वे सैयद थे। इसी लिए इस क़स्बे का नाम उर्दु भाषा में शुरु से ही सैयद नगली है जो हिन्दी भाषा में बोलने और लिखने की सरलता के कारण सैद नगली हो गया। वर्तमान में यह क़स्बा, सैद नगली (नगली) के नाम से प्रसिद्ध है।[1]

यहाँ की सादात में अधिकतर लोग बाक़री हैं जो हाजी हरमैन की सन्तान में हैं, परन्तु कुछ सादात, रिज़वी हैं जो आज से लगभग २०० वर्ष पूर्व छौलस जनपद ग़ाज़ियाबाद से आये हुऐ किसी बुज़ुर्ग की सन्तान हैं।[2]

उल्लेखनीय है कि मुसलमानों में शिया समुदाय के पाँचवे इमाम मुहम्मद बाक़िर की औलाद, ,,बाक़री,, एवं आठवें इमाम अली रज़ा की औलाद, ,,रिज़वी,, कहलाती है। [3]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. हिन्दुस्तान की सादात का इतिहास, पृष्ठ ७३
  2. जार्चा और छौलस की सादात का इतिहास, पृष्ठ १२२
  3. चौदह सितारे (नजमुल हसन करारवी) , पृष्ठ ४९४